3 December 2024

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CG-DEO-BEO Transfer News: शिक्षा विभाग में हुई प्रशासनिक सर्जरी…हुए DEO-BEO के तबादले…कहाँ-किसको मिली जिम्मेदारी…देखें लिस्ट…  

रायपुर, 03 दिसम्बर| CG- DEO-BEO Transfer News : शिक्षा विभाग में तबादले हुए हैं। डीईओ और बीईओ का ट्रांसफर किया गया है। इस संबंध में शिक्षा विभाग की तरफ से आदेश जारी कर दिया गया है। सूरजपुर के बीईओ भानुप्रताप चंद्राकर का प्रशासनिक आधार पर तबादला कर दिया गया है, उन्होंने कवर्धा जिले के बोड़ला का विकासखंड शिक्षा अधिकारी बनाया गया है। वहीं सारंगढ़ बिलाईगढ़ के जिला शिक्षा अधिकारी का तबादला किया गया है। विभावरी सिंह ठाकुर को सारंगढ़ बिलाईगढ़ का नया डीई बनाया गया है। वहीं डीईओ एलपी पटेल को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का प्राचार्य बनाया गया है।

Army Recruitment: Good news for the youth of Chhattisgarh...! Army recruitment physical efficiency test from 4 to 12 December... For any information call this number... see here
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IAS Award Breaking : छत्तीसगढ़ के DPR सहित राज्य सेवा के 14 अधिकारी बने IAS…यहां देखें सूची

रायपुर, 03 दिसंबर। IAS Award Breaking : छत्‍तीसगढ़ राज्‍य सेवा के 14 अफसर आईएएस बन गए हैं। इनमें राज्‍य के डायरेक्‍टर जनसंपर्क अजय अग्रवाल भी शामिल हैं। वहीं, आईएएस बनने की दौड़ में शामिल 3 अफसरों का मामला अटक गया है। इसमें कोयला घोटाला में जेल में बंद सौम्‍या चौरसिया, आरती वासनिक और तीर्थराज अग्रवाल शामिल हैं। राज्‍य सेवा के अफसरों की पदोन्‍नति के लिए आज दिल्‍ली में डीपीसी की बैठक हुई। इसमें छत्‍तीसगढ़ के मुख्‍य सचिव अमिताभ जैन और वरिष्‍ठ एसएस रेणु पिल्‍ले शामिल हुईं। आईएएस बनने वालों में संतोष देवांगन और हीना नेताम का भी नाम शामिल है। दोनों पिछली बार पदोन्‍नति से वंचित रह गए थे। इन अफसरों को हुआ आईएएस अवार्ड संतोष देवांगन हीना नेताम आश्वनी देवांगन रेणुका श्रीवास्तव आशुतोष पाण्डेय अजय अग्रवाल रीता श्रीवास्वत लोकेश चंद्राकर प्रकाश सर्वे गजेंद्र ठाकुर लीना कोसम तनुजा सलाम वीरेंद्र बहादुर पंच भाई सौमिल चौबे

CG Board Exams: Big news from Chhattisgarh...! After 15 years, the board exams of class 5th-8th will start once again...the government gave this reasoning...see PDF here
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CG Board Exams : छत्तीसगढ़ से बड़ी खबर…! 15 साल बाद एक बार फिर शुरू होगी 5वीं-8वीं की बोर्ड परीक्षाएं…सरकार ने दिया ये तर्क…यहां देखें PDF

रायपुर, 03 दिसंबर। CG Board Exams : कैबिनेट के फैसले के बाद कक्षा 5वीं और 8वीं की केंद्रीकृत परीक्षा लेने के लिए मंगलवार को स्कूल शिक्षा विभाग ने दिशा निर्देश जारी किया है। इसके तहत राज्य के सभी कलेक्टरों और जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी किया गया है। उल्लेखनीय है कि, वर्ष 2010-11 में 5 वीं और 8वीं की बोर्ड परीक्षा को समाप्त किया गया था। जिसके तहत प्रत्येक बच्चों को निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा दी जाती है। जिसके वजह से किसी बच्चों को फेल नहीं किया जाता था। बोर्ड परीक्षा बंद करने से विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता पर असर को देखते हुए एक बार फिर से केंद्रीयकृत परीक्षा लेने का फैसला लिया गया है। सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों हो रहा है नुकसान कुछ निजी और मॉडल स्कूलों में रेमेडियल टीचिंग (कमजोर बच्चों को पढ़ाना) के कारण शिक्षा व्यवस्था ठीक है, लेकिन सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले ज्यादातर बच्चों को नुकसान उठाना पड़ा है। इसलिए लोक शिक्षण संचालनालय ने परीक्षा प्रणाली में बदलाव के लिए विशेषज्ञों की सलाह पर काम करना शुरू कर दिया है। हालांकि, परीक्षा लेने के बाद बच्चों को पास या फेल करने को लेकर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। पहले व्यवस्था ये थी, पहले जिला शिक्षा अधिकारी पांचवीं और आठवीं की परीक्षाएं लेते थे। पांचवीं के लिए जिला प्राथमिक बोर्ड परीक्षा होती थी और आठवीं के लिए संभागीय पूर्व माध्यमिक बोर्ड परीक्षा होती थी। जब पांचवीं-आठवीं की परीक्षाएं होती थीं, तब राज्य में संभागीय संयुक्त निदेशक कार्यालय नहीं थे। अब राज्य में संभागीय संयुक्त निदेशक कार्यालय होने से इन परीक्षाओं की जिम्मेदारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी जा सकेगी। जानकारों के अनुसार अब बोर्ड परीक्षाओं की व्यवस्था करने से अभिभावक और शिक्षक भी सतर्क हो जाएंगे। कॉपियां एक-दूसरे के स्कूलों में जांची जाएंगी। 1 अप्रैल 2010 से परीक्षाएं बंद कर दी गई थीं। छत्तीसगढ़ समेत पूरे देश में बच्चों को पास और फेल करने की व्यवस्था बंद कर दी गई थी। 1 अप्रैल 2010 से राज्य में आरटीई लागू हुआ और तब से लगातार पहली से आठवीं कक्षा तक के बच्चों को पास किया जा रहा है। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने आठवीं तक फेल न करने की अपनी नीति में बदलाव करते हुए राज्यों को पास-फेल करने का अधिकार दे दिया है। मध्य प्रदेश ने पहले ही गजट नोटिफिकेशन (CG Board Exams) के जरिए पांचवीं-आठवीं बोर्ड परीक्षा के लिए नियम जारी कर दिए हैं।

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Harassment Of Girl : लड़की की बनाई अश्लील वीडियो…किया Blackmail…परेशान लड़की ने पी लिया तेजाब…पढ़ें पूरी खबर…

पीलीभीत, 03 दिसम्बर|Harassment Of Girl :  उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले से एक शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। सुनगढ़ी इलाके में छेड़छाड़ कर अश्लील वीडियो बनाने और उसके बाद ब्लैकमेलिंग से आहत एक किशोरी ने तेजाब पीकर खुदकुशी करने की कोशिश (Harassment Of Girl)की। मामले में पुलिस ने बताया कि इस मामले में दो आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। छेड़छाड़ का वीडियो बनाया, करने लगे ब्लैकमेल सीओ सिटी दीपक चतुर्वेदी ने शनिवार को मीडिया को बताया कि पुलिस को शिकायत मिली कि एक नाबालिग लड़की से बीते दिनों छेड़छाड़ की गई और फिर घटना के दौरान का अश्लील वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल किया जा रहा था। इसी से आहत होकर उसने घर पर रखा तेजाब पीकर जान देने की कोशिश (Harassment Of Girl)की। घटना के बाद पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया है, इनमें से एक दूसरे समुदाय का है। पीड़िता को बरेली के एक अस्पताल में भर्ती किया गया है। पुलिस ने बताया कि उसकी हालत खतरे से बाहर है। लड़की की बहन ने पुलिस को दी जानकारी कोतवाली सुनगढ़ी पुलिस ने बताया कि एक गांव की रहने वाली एक महिला ने शनिवार को दी गयी तहरीर में आरोप लगाया कि उसकी साढ़े सत्रह वर्षीय छोटी बहन 23 नवंबर को कहीं जा रही थी, तभी रास्ते में कपड़े की दुकान पर काम करने वाले एक युवक ने उसे रोक कर उसके साथ अश्लील हरकत करते हुए छेड़छाड़ (Harassment Of Girl)की। आरोपी के साथी ने इसका मोबाइल से वीडियो बना लिया। इसके बाद आरोपी वीडियो वायरल करने की धमकी देते हुए नाबालिग को ब्लैकमेल करने लगे। उन्होंने लड़की को जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़िता की हालत फिलहाल खतरे से बाहर पुलिस के मुताबिक इससे आहत पीड़िता ने शुक्रवार देर शाम घर में रखा तेजाब (टॉयलेट क्लीनर) पी लिया। उसकी हालत बिगड़ने पर परिजन उसे मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां से उसे बरेली रेफर कर दिया गया है। दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस की एक टीम बरेली के अस्पताल भेजी गई है, किशोरी की हालत पुलिस ने खतरे से बाहर बताई है।

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Husband-Wife Murdered :  बेटे-बहू पर छिड़का पेट्रोल, फिर लगा दी आग, थी ये वजह  

कटक, 03 दिसम्बर| Husband-Wife Murdered : ओडिशा के कटक जिले में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक पिता ने अपने बेटे और बहू को आग के हवाले कर दिया। मामला बारंग का बताया जा रहा है। दोनों के बीच मामूली बात को लेकर विवाद का होना बताया जा रहा (Husband-Wife Murdered)है। विवाद के चलते पिता ने पहले बेटे पर पेट्रोल छिड़क कर आग लगा दी। इसके बाद उसकी बहू ने जब आग बुझाने का प्रयास किया तो आरोपी ने उसपर भी पेट्रोल छिड़क दिया, जिससे वह भी जल गई। इस घटना में बहू की मौत हो गई, जबकि बेटा अस्पताल में भर्ती है। किराये के पैसों को लेकर था विवाद मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपी गोवर्धन राउत का अपने बेटे दिनबंधु राउत के साथ किराए के पैसे को लेकर पिछले कुछ दिनों से झगड़ा चल रहा (Husband-Wife Murdered)था। शनिवार रात को यह झगड़ा इतना बढ़ गया कि गोवर्धन ने गुस्से में आकर अपने बेटे पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। जब दिनबंधु चीखते हुए बाहर भागे, तो उनकी पत्नी सस्मिता उन्हें बचाने के लिए दौड़ी। इस दौरान गोवर्धन ने बहू पर भी पेट्रोल डालकर आग लगा दी। बहू की हो गई मौत पीड़ितों की चीख सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे और तुरंत उन्हें अस्पताल (Husband-Wife Murdered)पहुंचाया। दोनों को कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान सस्मिता ने दम तोड़ दिया, जबकि दिनबंधु की हालत नाजुक बनी हुई है। घटना के बाद आरोपी गोवर्धन मौके से भाग गया था। हालांकि, पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मामले की जांच शुरू कर दी है।  आरोपी पिता को पुलिस ने किया गिरफ्तार कटक के एसीपी अरुण स्वैन ने बताया, “यह घटना शनिवार रात करीब 9:30 बजे हुई, जब परिवार के लोग रात का खाना खा रहे थे। आरोपी का अपने बेटे और बहू से लंबे समय से झगड़ा चल रहा था। मामूली बहस इतनी बड़ी हो गई कि आरोपी ने बेटे और बहू पर पेट्रोल डालकर उन्हें आग के हवाले कर दिया। पड़ोसियों की मदद से पीड़ितों को बचाया गया। हमने आरोपी पिता को हिरासत में ले लिया है और आगे की जांच कर रहे हैं।”

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Article : गैस कांड-एंडरसन को किसने विदेश भेजा ?

लेखक-सत्येंद्र जैन, स्तंभकार, 02 दिसम्बर। Article : भोपाल में दो-तीन दिसंबर 1984 की वह काली रात विश्व इतिहास की सबसे भयावह औद्योगिक त्रासदी लेकर आयी।यूनियन कार्बाइड के प्लांट से जहरीली गैस मिथाइल आइसोसायनाइड का रिसाव हुआ।शासन के रिकॉर्ड अनुसार लगभग 5295 नागरिकों,बच्चों,महिलाओं, बुजुर्गों,युवाओं की मृत्यु हुई। सरकार ने इस संख्या को स्वीकार कर मुआवजा दिया है।उस समय मध्य प्रदेश शासन के ही रिकॉर्ड में 15 हजार मृत्यु दर्ज हैं।हजारों मूक पालतू पशुओं की जान चली (Article)गई।अपार जन,धन,पशु हानि हुई है। भूमिगत जल भी अभी तक विषाक्त है। यह जहरीली मिथाइल आइसोसायनाइड गैस द्वितीय विश्व युद्ध के समय हिटलर ने गैस चैंबरों में उपयोग की थी।दुश्मन देशों के सैनिकों को बंद करके मृत्यु दंड दिया।हिटलर ने अमानवीयता की पराकाष्ठा की (Article)थी। यह दुर्घटना सरकारी लापरवाही की पराकाष्ठा थी। संसार की सबसे भयानक औद्योगिक त्रासदी का स्मरण आते ही 40 साल बाद भी शरीर का रोम-रोम काँप जाता है।इस घटना में हुई लापरवाहियां और तत्कालीन केंद्र और राज्य सरकार की भूमिका पर अनेक ज्वलंत प्रश्न सदैव खड़े ((Article))हैं। संसद में भी पूर्व विदेश मंत्री स्वर्गीय सुषमा स्वराज ने नेता प्रतिपक्ष के रूप में केंद्र की राजीव गांधी सरकार एवं राज्य की अर्जुन सिंह सरकार पर अनेक प्रश्न उठाये थे।आज भी गैस पीड़ितों उनके परिजनों के यह यक्ष प्रश्न हैं। रहवासी क्षेत्र में स्वीकृति  अमेरिका की कंपनी यूनियन कार्बाइड भारत में कीटनाशकों के व्यापार के लिए सन 1969 में यूनियन कार्बाइड ऑफ़ इंडिया नाम की कंपनी का गठन करके भोपाल में औद्योगिक स्थापित करती है। इसमें मिथाइल आइसोसायनाइड गैस अमेरिका से आयातित की जाती थी। इसका प्रयोग कर कीटनाशक बनाए जाते थे। वर्ष 1970 में इस कंपनी ने मिथाइल आइसोसायनाइड गैस को भोपाल में ही अपने प्लांट में बनाने के लाइसेंस हेतु सरकार को आवेदन किया।सरकार ने आवेदन को लंबित रखा,अनुमति नहीं दी।1975 में आपातकाल लगने के बाद इस कंपनी को जहरीली गैस निर्माण करने की अनुमति दी जाती है। प्रश्न उठता है कि पाँच साल बाद आपातकाल में किसके कहने पर कंपनी को अनुमति दी गई?भोपाल के लाखों नागरिकों की जान से खिलवाड़ करने का अवसर दिया गया। प्रशासन को पता था कि यह जहरीली गैस है।जिनेवा कन्वेंशन में प्रतिबंधित गैस है।इसका निर्माण घनी आबादी वाले क्षेत्र में नही किया जा सकता।रहवासी क्षेत्र में इस कंपनी को निर्माण की अनुमति क्यों दी गई?  सुरक्षा और रखरखाव नहीं- पूर्व की घटनाओं के बाद प्लांट के अंदर उचित रखरखाव और औद्योगिक सुरक्षा पर क्यों ध्यान नहीं दिया गया? भोपाल गैस लीक कांड अचानक से नहीं हुआ था। भयानक दुर्घटना के पहले अनेक छोटी-छोटी दुर्घटनाएं पिछले 3 वर्षों से हो रही थी ।जिस पर निर्माता कंपनी और प्रशासन ने औद्योगिक सुरक्षा,प्लांट रखरखाव का एवं अनेक संधारण के नियमों,दिशा निर्देशों का उलंघन किया। अवहेलना के कारण ही भीषण दुर्घटना हुई जो दुनिया की सबसे बड़ी औद्योगिक दुर्घटना का काला इतिहास रच गई।वरिष्ठ पत्रकार राजकुमार केसवानी का आलेख एक प्रतिष्ठित समाचार पत्र में 16 जून 1984 को प्रकाशित हुआ था।आर्टिकल के शीर्षक भोपाल ज्वालामुखी के मुहाने पर दिया था। आर्टिकल में पिछले अनेक वर्षों से होने वाली दुर्घटनाओं के बारे में उल्लेख किया गया था। 5 अक्टूबर 1982 के दिन भी यूनियन कार्बाइड संयंत्र में दुर्घटना हुई थी।टैंक का वाल्व खोलते समय ब्लास्ट हुआ मिथाइल आइसोसायनाइड गैस का उबलते हुए लावे की तरह रिसाव हुआ था।आसपास काम करने वाले चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। भगदड़ के कारण अनेक लोगों को शारीरिक चोटें आयीं।कई तो बिस्तर से भी नहीं उठ पाए।वर्ष 1983 में भी इस प्लांट में दो बार दुर्घटना हुई लेकिन प्लांट का मेंटेनेंस नहीं किया।सुरक्षा निर्देशों का विधिवत पालन नहीं किया।गैस प्लांट का डिजाइन त्रुटिपूर्ण था। उत्पादित मिथाइल आइसोसायनाइड गैस को अंडरग्राउंड टैंक्स में रखना था। टैंक के आयतन से आधा भरना था। छोटे-छोटे लोहे के टैंक में संधारण करना था।तापमान भी शून्य से 15 डिग्री सेल्सियस के बीच रखने के लिए कूलिंग सिस्टम भी ठीक से काम नहीं कर रहा था। टैंक का निर्माण स्टेनलेस स्टील टाइप 304 एवं 316 से नहीं हुआ।भंडारण के दिशा निर्देश का भी पालन विधिवत रूप से नहीं किया गया। मेंटेनेंस और प्रीवेंटिव मेंटिनेस का ध्यान नहीं रखा गया। अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के बाहर समझौता लोगों ने अनेक गैस पीड़ित संगठन बनाकर अपने अधिकारों के लिए कानून की लड़ाई प्रारंभ की,दावे किए।जबलपुर, भोपाल,दिल्ली में केस किए गए। भारत सरकार ने यह अनुभव किया कि इतने सारे केस और प्रकरणों को ऐक्ट बनाकर पालक के रूप में लड़ना चाहिए। सरकार ने भोपाल गैस लीक डिजास्टर प्रोसेसिंग आफ क्लेम एक्ट 1985 बनाकर संसद से सर्वसम्मति से पारित किया गया।पीड़ितों के सारे अधिकार केंद्र सरकार ने ले लिए और बहुराष्ट्रीय कंपनी यूनियन कार्बाइड से लड़ने के लिए 3900 करोड रुपए के मुआवजे का दावा किया। किन्तु कोर्ट के बाहर सरकार ने समझौता कर मात्र 615 करोड रुपए में यूनियन कार्बाइड की सारी देनदारियां खत्म कर दी।सारे दीवानी फौजदारी मुकदमों से यूनियन कार्बाइड को मुक्त कर दिया।15 फरवरी 1989 को केंद्र की राजीव गांधी सरकार के समय यह समझौता हुआ। क्यों सरकार ने इतनी कम राशि पर समझौता कर लिया जबकि गैस पीड़ितों के लगभग 10 लाख से अधिक आपत्तियां थीं।जिनमें से मात्र साढे 5 लाख को ही स्वीकार किया गया। बाकी के समस्त दावे आपत्तियों को निरस्त कर दिया गया। यदि समझौता राशि और अधिक होती तो सभी पीड़ितों के दावों पर उनको अधिक मुआवजा मिल सकता था?  पर्यावरण नुकसान की भरपाई पर उदासीनता  हमारे पर्यावरण को जो नुकसान हुआ उसकी भरपाई भी हो सकती थी।20 हजार टन विषाक्त कचरे का निष्पादन भी अमरीकी कम्पनी यूनियन कार्बाइड से ही क्यों नहीं कराया गया?पाँच किलोमीटर के दायरे में भूजल प्रदूषण को स्वच्छ करने का उत्तरदायी भी यूनियन कार्बाइड नया नाम डाउ केमिकल को क्यों नहीं बनाया? संसार की सबसे भयावह औद्योगिक तबाही में घोर लापरवाही हुई।हजारों लोगों के हत्यारे,इंग्लिश कानून अनुसार कार्पोरेट मेन स्लॉटर के मुख्य आरोपी वारेन एंडरसन को तत्कालीन कांग्रेस की राज्य सरकार और केंद्र सरकार ने अमेरिका क्यों भेजा? भारत के कानून के अनुसार दंडित क्यों नहीं किया ?यह प्रश्न आज भी जनमानस के मनो-मस्तिष्क में ज्वलंत हैं,विद्यमान हैं। इतिश्री।

GOVT Employess
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GOVT Employess : सरकारी कर्मचारियों की करतूत, शराब के नशे में धुत्त सड़क पर किया तमाशा, खूब बरसाए लात-घूंसे

मैनपुरी, 03 दिसम्बर| GOVT Employess : आए दिन नशे में टल्ली होकर ड्यूटी पर आए सरकारी कर्मचारियों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते रहते हैं। हाल में एक बार फिर से ऐसा ही एक और वीडियो सामने आया है। जिसमें दो सरकारी कर्मचारियों को नशे की हालत में एक दूसरे से लड़ते हुए देखा गया। जिसका वीडियो अब खूब वायरल हो रहा है। मामला उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले का बताया जा रहा है। जहां कलेक्ट्रेट में काम करने वाले बैनामा लेखक और मुंशी एक दूसरे से नशे की हालत में लड़ते हुए पाए गए। शराब के नशे में झगड़ा करते दिखे सरकारी कर्मचारी दोनों कर्मचारियों के ऊपर शराब का नशा इस कदर हावी हुआ कि दोनों एक-दूसरे के जानी-दुशमन बन बैठें। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच किसी मामूली सी बात पर विवाद हुआ था। जिसके बाद वे एक-दूसरे से सड़क पर ही भिड़ गये और वहीं पर एक-दूसरे को पटक-पटक कर मारा। दोनों कर्मचारियों की कुस्ती देखने के लिए कलेक्ट्रेट परिसर में काम करने वाले लोग और अन्य मौजूद लोगों की भीड़ जमा हो गई। सब इस लड़ाई का भरपूर आनंद उठाते नजर आए। लेकिन किसी ने भी दोनों कर्मचारियों का झगड़ा शांत कराना उचित नहीं समझा। झगड़े को निपटाने के बजाय लोग पूरी घटना का वीडियो अपने-अपने मोबइल में रिकॉर्ड करते नजर आए। सड़क पर गिरा-गिराकर एक दूसरे को मारा सड़क पर लड़ रहे दोनों कर्मचारियों के वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि बीच सड़क पर दोनों एक दूसरे की गिरेबान पकड़ मारपीट कर रहे हैं। दोनों लोग एक-दूसरे पर चप्पल बरसा रहे हैं। फिर वहीं सड़क पर दोनों एक-दूसरे को पटक-पटक कर गुत्थम-गुत्था करते दिख रहे हैं और एक दूसरे का सिर सड़क पर लड़ा रहे हैं। सड़क पर मौजूद लोग यह तमाशा देखे जा रहे है और वीडियो बना रहे हैं। वीडियो बीती सोमवार की शाम 5:00 बजे का बताया जा रहा है हालांकि लड़ाई के कुछ देर बाद मुंशी ने बैनामा लेखक के पैर छूकर माफी मांगी।

Pax Election
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Pax Election : पैक्स चुनाव के मतदान में मृतकों ने लिया बढ़-चढकर हिस्सा…कइयों की 15 साल पहले हो चुकी है मौत…जानिए क्या है पूरा मामला…

गया, 03 दिसम्बर|Pax Election : बिहार के गया में आयोजित पितृपक्ष मेला में ऐसी मान्यता है कि मृत पितृ यहां पिंडदान लेने आते हैं और उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है। लेकिन चौंकाने वाली बात ये है कि यहां मृतकों ने चुनाव में मतदान भी किया है। आम मतदाताओं से कहीं ज्यादा लोकतंत्र के महापर्व में मृतकों ने मतदान कर इसमें अपनी भूमिका निभाई है। यह जानकर थोड़ी हैरानी होगी लेकिन यह सच (Pax Election)है। गया जिले में 5 चरणों में पैक्स चुनाव होना है। बोधगया प्रखंड के मोचारिम पंचायत में पैक्स चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न हो गया। क्या है पूरा मामला? पैक्स चुनाव में काफी संख्या में मृतकों ने बढ़-चढकर मतदान में हिस्सा लिया है। अब यह बात उजागर हो रही है कि पैक्स चुनाव के मतदान के दिन मोचारिम पंचायत के बड़की बभनी गांव में ऐसे कई मृत मतदाताओं के नाम सामने आए हैं जिनमें किसी की 10 महीने पहले मौत हो गई है तो कई लोगों की 15 साल पहले ही मौत हो चुकी है। यह जानकारी उनके परिजनों को तब लगी जब वह मतदान केंद्र पर मतदान करने (Pax Election)पहुंचे। उन्होंने देखा कि उनके मृत के नाम के आगे मतदान करने का सही निशान लगा है। तब उन्हें जानकारी हुई कि मृतकों के नाम से भी मतदान किया गया है। वोटर लिस्ट में 100 से अधिक मृतकों के नाम मतदान केंद्र पर मतदान के लिए पहचान पत्र की जरूरत पड़ती है अब ऐसे में यह कयास लगाया जा रहा है कि किस पहचान पत्र के आधार पर मृतकों ने मतदान किया (Pax Election)है। गांव के ही राम प्रसाद मांझी, अर्जुन मांझी सहित 100 से अधिक मृतकों का नाम मतदाता सूची में शामिल हैं और ऐसे मतदाताओं ने मतदान भी किया हैं। मृतक अर्जुन मांझी की मां कारी देवी ने बताया कि उसके बेटे की मौत हो गई थी। उसने बेटे का मृत्यु प्रमाण पत्र भी दिखाया। उसे मतदान केंद्रों पर ग्रामीणों के द्वारा बताया गया कि उसके बेटे के नाम पर भी मतदान कर दिया गया है। यह जानकर वह खुद हैरान है।

Nargis Fakhri Sister Arrested
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Nargis Fakhri Sister Arrested : नरगिस फाखरी की बहन ने EX BF और उसकी Current GF की कर दी हत्या…! गैरेज में लगाई आग…गिरफ्तार…

मुंबई, 03 दिसम्बर| Nargis Fakhri Sister Arrested : नरगिस फाखरी की बहन पर एक्स बॉयफ्रेंड की हत्या का आरोप लगा है| बताया जा रहा है कि नरगिस की बहन ने न्यूयॉर्क में एक्स बॉयफ्रेंड के घर के गैरेज में आग लगा दी, जिसमें उनका एक्स और उनकी गर्लफ्रेंड की मौत हो गई| इस वारदात के बाद पुलिस ने नरगिस की बहन को हिरासत में ले लिया है| फिल्म ‘रॉकस्टार’ में रणबीर कपूर संग नजर आने वाली एक्ट्रेस नरगिस फाखरी की बहन को लेकर एक शॉकिंग खबर सामने आई है| नरगिस फाखरी (Nargis Fakhri Sister Arrested) की बहन पर एक्स बॉयफ्रेंड की हत्या का आरोप लगा है| रिपोर्ट्स के मुताबिक, न्यूयॉर्क पुलिस ने नरगिस की बहन आलिया को गिरफ्तार कर लिया है| पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है| वहीं, ये खबर सामने आते ही फैंस के बीच खलबली मच गई है| आखिर पूरा मामला क्या है? आइए जानते हैं| नरगिस की बहन पर एक्स बॉयफ्रेंड को मारने का आरोप जानकारी के मुताबिक, नरगिस फाखरी की बहन आलिया फाखरी अपने एक्स बॉयफ्रेंड के साथ पैचअप करना चाहती थीं| लेकिन एक्स बॉयफ्रेंड एडवर्ड जैकब्स (Edward Jacobs) ने उनके साथ दोबारा रिश्ते में आने से इनकार कर दिया था| इस बात पर गुस्साई नरगिस की बहन ने एक्स बॉयफ्रेंड और उसकी करेंट गर्लफ्रेंड (Nargis Fakhri Sister Arrested) एटिएन की हत्या कर दी| आलिया ने कैसे की एक्स बॉयफ्रेंड की हत्या? इस पूरे मामले पर प्रॉसिक्यूटर का कहना है कि बॉलीवुड एक्ट्रेस नरगिस की बहन ने न्यूयॉर्क में एक्स बॉयफ्रेंड के घर के गैरेज में आग लगा दी| इस आग में उनके एक्स और उनकी गर्लफ्रेंड की मौत हो गई| इस वारदात के बाद पुलिस ने नरगिस की बहन को हिरासत में ले लिया (Nargis Fakhri Sister Arrested) है| पुलिस उनसे पूछताछ कर कर मामले की आगे की जांच कर रही है| क्वींस डिस्ट्रिक्ट की अटॉर्नी मेलिंडा कैट्ज ने एक प्रेस रिलीज में बताया है कि आलिया फाखरी पर फर्स्ट डिग्री मर्डर के चार काउंट के अलावा अन्य आरोप भी लगाए गए हैं| उन पर जमैका, क्वींस में स्थित अपने एक्स के घर के गैराज में जानबूझकर घातक आग लगाने का आरोप है, जिसमें उनके 35 साल के एक्स बॉयफ्रेंड एडवर्ड जैकब्स और उसकी 33 वर्षीय गर्लफ्रेंड अनास्तासिया एटिएन की मौत हुई है| जांच और आरोपों के अनुसार, प्रेस रिलीज में आगे बताया गया कि आलिया फाखरी सुबह 6:20 बजे जैकब्स के दो मंजिला घर में पहुंची थीं और वहां आग लगाने से पहले उन्होंने चिल्लाकर कहा था- “तुम सब आज मरने वाले हो”| आलिया ने फिर बिल्डिंग के गैरेज में आग लगा दी. एटिएन ने जब आग लगी देखी तो वो जल्दी से नीचे की ओर भागीं, क्योंकि गैरेज की दूसरी मंजिल जैकब्स सो रहे थे| एटिएन ने उन्हें बचाने की कोशिश की. लेकिन बिल्डिंग आग की लपटों से घिर गई और दोनों वहीं फंसे रह गए| अटॉर्नी मेलिंडा कैट्ज ने बताया है कि पीड़ितों की दुखद मौत धुएं और जलने की वजह से हुई है| इस मामले में मुकदमा चलाने के दौरान हमारी संवेदनाएं एडवर्ड जैकब्स और अनास्तासिया एटिएन के परिवारों के साथ हैं| आलिया पर लगे इतने आरोप जानकारी के मुताबिक, आलिया फाखरी को 26 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था. अगले दिन ग्रैंड जूरी ने उन पर फर्स्ट डिग्री मर्डर के चार, सेकेंड डिग्री के चार काउंट के आरोप लगाए हैं| इसके अलावा फ्रस्ट डिग्री की आगजनी और सेकेंड डिग्री की आगजनी के एक-एक काउंट में आरोप तय किए गए हैं| बताया जा रहा है कि अगर उन पर ये गंभीर आरोप साबित हो जाते हैं तो उन्हें उम्रकैद की सजा हो सकती है| बेटे की मौत पर क्या बोलीं जैकब्स की मां? जैकब्स की मां जेनेट ने न्यूयॉर्क पोस्ट को बताया- ‘जैकब्स ने करीब एक साल पहले आलिया फाखरी से रिश्ता तोड़ लिया था| किसी भी व्यक्ति की तरह जिसे अस्वीकार किया जा रहा है, वह उसे बता रहा था कि ‘मैं तुमसे तंग आ चुका हूं| मुझसे दूर हो जाओ’. वो पिछले एक साल से उसे यह कहने की कोशिश कर रहा था कि वह उसे अकेला छोड़ दे, लेकिन आलिया उसका रिजेक्शन एक्सेप्ट नहीं कर पा रही थी.’ जैकब्स की मां ने ये भी बताया कि जैकब्स के तीन बच्चे हैं| वो अपने पीछे 11 साल के दो जुड़वां बेटे और 9 साल एक लड़का छोड़ गए हैं| बेटी को निर्दोष मानती हैं नरगिस की मां वहीं, नरगिस और आलिया फाखरी की मां ने न्यूयॉर्क डेली न्यूज से कहा कि उन्हें नहीं लगता कि उनकी बेटी का आग से कोई लेना-देना है| उन्होंने कहा- ‘मुझे नहीं लगता कि वो किसी की हत्या करेगी| वो एक ऐसी इंसान है,  जो हर किसी का ख्याल रखती है|’ ऑनलाइन जेल रिकॉर्ड के अनुसार, आलिया फाखरी को अगली सुनवाई तक रिकर्स आइलैंड पर रोज एम. सिंगर सेंटर में रखा गया है| कोर्ट में उनकी अगली सुनवाई 9 दिसंबर को होगी| हालांकि, आलिया ने आरोपों में खुद को निर्दोष बताया है| लेकिन अब इस पूरे मामले में कोर्ट का क्या फैसला होता है, ये देखने वाली बात होगी| 

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GST Counsil Meeting : नमकीन, दवाएं सस्ती…? क्या हुआ महंगा? जानिए GST बैठक की एक-एक बड़ी बात

नई दिल्ली, 03 दिसम्बर| GST Counsil Meeting : सिगरेट और तंबाकू का सेवन करने वालों की जेब का खर्च बढ़ने वाला है, दरअसल, इस पर लगने वाले जीएसटी की दरों में इजाफा किया जा सकता है| GST Counsil की बैठक से पहले रेट्स को तर्कसंगत बनाने के लिए गठित किए गए मंत्रियों के समूह (GoM) ने तंबाकू प्रोडक्ट्स पर जीएसटी 28 फीसदी से बढ़ाकर अब 35 फीसदी किए जाने की सिफारिश की है, हालांकि, इसपर अंतिम फैसला इसी महीने 21 दिसंबर को होने वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक में लिया जाएगा|  महंगे हो जाएंगे तंबाकू प्रोडक्ट्सपीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, GST Rates को तर्कसंगत बनाने के लिए गठित मंत्रियों के समूह ने सोमवार को सिगरेट एवं तंबाकू जैसे हानिकारक प्रोडक्ट्स के साथ ही कोल्ड ड्रिंक पर भी जीएसटी की दर को मौजूदा 28 फीसदी से बढ़ाकर 35 फीसदी किए जाने की सिफारिश की| अगर सरकार की ओर से ये फैसला लिया जाता है, तो इन प्रोडक्ट्स के दाम में तगड़ा उछाल देखने को मिल सकता है|  कपड़ों पर लगने वाले टैक्स में बदलाव संभवएक अधिकारी के हवाले से रिपोर्ट में जानकारी देते हुए कहा गया है कि बिहार के उप-मुख्यमंत्री (Bihar Deputy CM) सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में GoM ने ये फैसला किया है| यहां बता दें कि 35 फीसदी की ये जीएसटी दर मौजूदा चारों स्लैब 5%, 12%, 18% और 28% के अतिरिक्त होगी| जीओएम ने रेडीमेड और महंगे कपड़ों पर टैक्स रेट्स को भी तर्कसंगत बनाने के साथ ही समेत 148 आइटम्स की दरों में बदलाव की सिफारिश की है|  नमकीन, दवाएं सस्ती… क्या हुआ महंगा? जानिए GST बैठक की एक-एक बड़ी बात मंत्रियों के समूह ने 1,500 रुपये तक की कीमत वाले रेडीमेड कपड़ों पर 5 फीसदी जीएसटी की सिफारिश की है, तो वहीं 1,500 से 10,000 रुपये तक कीमत वाले कपड़ों पर 18 फीसदी और इससे अधिक वैल्यू वाले कपड़ों पर 28 फीसदी की दर से जीएसटी लगाए जाने की अनुशंषा की गई है| 21 दिसंबर को GST काउंसिल की बैठक ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स ने जीएसटी रेट्स में बदलाव की जो सिफारिश की है, उसकी रिपोर्ट जीएसटी काउंसिल को सौंपी जाएगी और इस पर आखिरी फैसला 21 दिसंबर की प्रस्तावित बैठक में लिया जाएगा. बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) की अध्यक्षता में GST Counsil की 55वीं बैठक राजस्थान के जैसलमेर में होने वाली है| 2017 में लागू किया गया था जीएसटी पुरानी अप्रत्‍यक्ष कर व्‍यवस्‍था की जगह 2017 को देश भर में वस्‍तु एवं सेवा कर (GST) लागू किया गया था| इसे देश में आजादी के बाद से सबसे बड़ा टैक्स सुधार माना जाता है| सरकार ने जीएसटी को 29 मार्च 2017 को पास कराया था और इसके बाद 1 जुलाई 2017 को इस नई टैक्स व्यवस्था को लागू किया था. इससे वैट (VAT), एक्साइज ड्यूटी (कई चीजों पर) और सर्विस टैक्स (Service Tax) जैसे 17 टैक्स खत्म हो गए| केंद्र सरकार के मुताबिक, आज से 7 साल पहले लागू जीएसटी ने देश के लोगों पर टैक्स का बोझ कम करने में मदद की है|