Aam Aadmi Party

Aam Aadmi Party leader dies in a road accident...! Husband accused of murder...PM report clears the matter
Accident, Chhattisgarh

Aam Aadmi Party नेत्री की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत…! पति पर हत्या का आरोप…PM रिपोर्ट ने किया मामला साफ

जांजगीर-चांपा, 12 अगस्त। Aam Aadmi Party : अकलतरा में आम आदमी पार्टी की नेत्री पूजा केवट की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हुई। दरअसल, यह हादसा 9 अगस्त की देर रात अकलतरा ओवरब्रिज के पास हुआ, जब पूजा अपने पति राहुल साहू और देवर प्रकाश साहू के साथ बिलासपुर से लौट रही थीं। बाइक अचानक अनियंत्रित होकर गिर गई, तभी पीछे से आ रहा ट्रेलर उन्हें कुचल गया। मौके पर ही पूजा की मौत हो गई, जबकि पति और देवर को मामूली चोटें आईं। जिसके बाद हंगामे का रूप ले लिया। परिजन और आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता इसे हादसा मानने से इनकार कर दोबारा पोस्टमार्टम की मांग पर अड़ गए। करीब तीन घंटे चले विवाद के बाद तहसीलदार ने जांच का आश्वासन दिया, तब जाकर शव अंतिम संस्कार के लिए सौंपा गया। जानकारी के मुताबिक, बिल्हा निवासी पूजा केवट ने करीब एक साल पहले कल्याणपुर निवासी राहुल साहू से प्रेम विवाह किया था। राखी पर वह अपने पति और उनके रिश्तेदार प्रकाश साहू के साथ बाइक से बिलासपुर गई थी। पूजा ने वहां अपनी बहन से मुलाकात की, लेकिन माता-पिता के अंतरजातीय विवाह के खिलाफ होने के कारण मायके नहीं गई। रात करीब 12 बजे तीनों वापस अकलतरा लौट रहे थे, तभी राष्ट्रीय राजमार्ग-49 पर मुरलीडीह ओवरब्रिज के पास उनकी बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई। पूजा को सिर में गंभीर चोट आई और मौके पर ही मौत हो गई, जबकि राहुल और प्रकाश को मामूली चोटें आईं। पति पर हत्या का आरोप 10 अगस्त को पोस्टमार्टम के बाद शव ससुराल पक्ष को सौंपा गया, लेकिन मायके वालों ने आरोप लगाया कि पूजा की हत्या की गई है। उनका कहना था कि शरीर पर चोट के निशान हैं और पूजा अक्सर पति की प्रताड़ना की शिकायत करती थी। आप नेताओं जसबीर सिंह चावला, मिथिलेश बघेल, प्रियंका शुक्ला समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौके पर पहुंचकर नारेबाजी करने लगे और शव का अंतिम संस्कार मायके गांव कडार में करने पर अड़े रहे। आखिरकार तहसीलदार शशि भूषण सोनी ने मौत की जांच के लिए टीम बनाने का भरोसा दिया, तब जाकर परिजन शांत हुए और शव कडार गांव ले जाकर अंतिम संस्कार किया गया। जिसके बाद पीएम रिपोर्ट ने सड़क हादसे में मौत की पुष्टि कर दी।

Hate Speech Cases: Chairman of Congress Communication Department reached Election Commission with complaint...after that he told the media...listen VIDEO
Raipur

Hate Speech Cases : कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष फरियाद लेकर पहुंचे चुनाव आयोग…उसके बाद मीडिया को बोले…सुने VIDEO

रायपुर, 17 अक्टूबर। Hate Speech Cases : ‘हेट स्पीच’ मामले में कांग्रेस ने चुनाव आयोग से लिखित शिकायत की है। यह शिकायत केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, पूर्व सीएम रमन सिंह और प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव के खिलाफ की गई है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि, गृह मंत्री अमित शाह छत्तीसगढ़ आकर भड़काऊ भाषण देकर गए हैं। दंगे भड़काने की कोशिश करते हैं। उन्हें पांचों राज्यों में चुनावी सभा करने से रोका जाना चाहिए। कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने ज्ञापन सौंपने के बाद पत्रकारों से चर्चा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के अलावा भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अरूण साव और राजनांदगांव के प्रत्याशी डॉ. रमन सिंह के ख़िलाफ़ भी आचार संहिता उल्लंघन की शिकायत की गई है। उन्होंने अमित शाह के भाषण को लेकर कहा कि आचार संहिता का उल्लंघन किया गया है। इस पर कार्रवाई की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा गया है। उन्होंने बताया कि राजनांदगांव में रमन सिंह के नामांकन भरने के लिए पहुंचे थे। नामांकन के पहले अमित शाह ने चुनावी सभा को संबोधित किया था। उन्होंने कहा कि अमित शाह को पांच राज्यों में होने वाले चुनाव में प्रचार के लिए जाने से रोका जाए, क्योंकि जहां जा रहे हैं, वहां दंगा भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि अमित शाह ने बेमेतरा ज़िले के बीरनपुर में हुए हत्या के मामले को लेकर अपनी चुनाव सभा में सीधे कहा कि भूपेश बघेल सरकार ने तुष्टीकरण के लिए वोट बैंक की राजनीति के लिए छत्तीसगढ़ के बेटे भुवनेश्वर साहू को लिंचिंग करवा कर मार दिया। भाजपा ने तय किया है कि हम भुवनेश्वर साहू के हत्यारों को उनके अंजाम तक पहुंचाएंगे और इसके प्रतीक रूप में उनके पिता ईश्वर साहू को चुनाव मैदान में उतारा है। शुक्ला के मुताबिक़, अमित शाह का यह बयान न केवल आपत्तिजनक है, बल्कि इसका एकमात्र उद्देश्य शांत प्रदेश छत्तीसगढ़ में सांप्रदायिक हिंसा भड़काना है। केंद्रीय गृह मंत्री ने चुनावी फ़ायदे की नियत से उन्माद भड़काने के लिए यह बयान दिया है। उन्होंने जो कहा है, वह बिलकुल झूठ है। हक़ीक़त यह है इस मामले में सरकार ने त्वरित कार्रवाई की थी और आरोपियों को गिरफ़्तार करके जेल भेजा था, लेकिन छत्तीसगढ़ में साफ़ दिख रही अपनी हार से बौखलाए अमित शाह अब उन्माद फैलाने का सहारा ले रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि राजनांदगांव में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए संविधान की शपथ लेकर संवैधानिक पद पर बैठे देश के गृह मंत्री अमित शाह ने धार्मिक ध्रुवीकरण के उद्देश्य से सांप्रदायिकता तनाव भड़काने का प्रयास किया है, इसीलिए आज ज्ञापन सौंपा गया। इसके साथ माँग की गई है कि कड़ी कार्रवाई की जाए। अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने मामले को सुनने के बाद आश्वासन (Hate Speech Cases) दिया है कि विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।