Author name: Ek Janta Ki Awaaz

Mission Connect: A pro-people initiative under the leadership of Chief Minister Vishnu Deo Sai… Administration reaches the people through ‘Mission Connect’.
Chhattisgarh

Mission Connect : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जन-हितैषी पहल…‘मिशन कनेक्ट’ से चौपाल तक पहुँचा प्रशासन

रायपुर, 19 जनवरी। Mission Connect : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अंत्योदय और सुशासन की सोच को साकार करने के लिए सुकमा जिले में ‘मिशन कनेक्ट’ की शुरुआत की गई है। संभागायुक्त बस्तर डोमन सिंह के निर्देशन और कलेक्टर के मार्गदर्शन में शुरू हुए इस अभियान का उद्देश्य प्रशासन और जनता के बीच की दूरी को खत्म कर सरकारी सेवाओं को लोगों के घर-घर तक पहुँचाना है। गाँव-गाँव पहुँचे अधिकारी, मौके पर हुआ समाधान विगत दिनों मिशन कनेक्ट के तहत छिंदगढ़ विकासखंड की लगभग 60 पंचायतों में जिला स्तरीय अधिकारी पहुँचे। यह केवल निरीक्षण नहीं था, बल्कि ग्रामीणों की समस्याओं को समझकर मौके पर उनका समाधान करने की एक नई पहल थी। सुबह 10 बजे से ही अधिकारी स्कूलों, आंगनबाड़ियों, आश्रम-छात्रावासों, ग्राम पंचायतों और स्वास्थ्य केंद्रों में सक्रिय दिखाई दिए। गुणवत्ता और पारदर्शिता पर विशेष ध्यान निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मध्यान्ह भोजन और पूरक पोषण आहार की गुणवत्ता की स्वयं जांच की। स्वास्थ्य केंद्रों में दवाइयों की उपलब्धता, स्वच्छता और अन्य व्यवस्थाओं की गंभीरता से जाँच की गई। ग्राम पंचायतों में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता की भी समीक्षा की गई, ताकि सरकारी राशि का सही उपयोग सुनिश्चित हो सके। अधिकारियों ने ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी समस्याएँ और सुझाव सुने, जिससे शासन और जनता के बीच विश्वास और मजबूत हुआ। कलेक्टर और सीईओ ने की विस्तृत समीक्षा निरीक्षण के बाद जनपद पंचायत छिंदगढ़ में उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर श्री अमित कुमार और जिला पंचायत सीईओ ने सभी पंचायतों की रिपोर्ट का गहन विश्लेषण किया। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिला स्तर की समस्याओं का समाधान तुरंत किया जाए, जबकि राज्य स्तर के विषयों को संबंधित विभागों को तत्काल भेजा जाए। कलेक्टर अमित कुमार ने बताया कि मिशन कनेक्ट का उद्देश्य केवल निरीक्षण करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि शासन की सभी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। प्रशासन को अधिक पारदर्शी और जिम्मेदार बनाना हमारी प्राथमिकता है। सुशासन की ओर मजबूत कदम ‘मिशन कनेक्ट’ ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया है कि अब योजनाएँ सिर्फ कागजों पर नहीं रहेंगी, बल्कि वास्तव में ग्रामीणों के जीवन में बदलाव लाएँगी। अधिकारियों की सक्रियता से क्षेत्र में लोगों में उत्साह और भरोसा बढ़ा है।

Taking the Oath: Governor Deka administered the oath of office to Amitabh Jain as Chief Information Commissioner and to Umesh Kumar Agarwal and Shirish Chandra Mishra as State Information Commissioners.
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Taking the Oath : राज्यपाल डेका ने अमिताभ जैन को मुख्य सूचना आयुक्त एवं आयुक्त उमेश कुमार अग्रवाल और शिरीष चंद्र मिश्रा को राज्य सूचना आयुक्त पद की शपथ दिलाई

रायपुर, 19 जनवरी। Taking the Oath : राज्यपाल रमेन डेका ने आज यहां लोकभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम् में आयोजित समारोह में छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग के नवनियुक्त मुख्य सूचना आयुक्त अमिताभ जैन एवं राज्य सूचना आयुक्त उमेश कुमार अग्रवाल एवं शिरीष चंद्र मिश्रा को राज्य सूचना आयुक्त के पद की शपथ दिलाई। मुख्य सचिव विकास शील ने शपथ प्रक्रिया पूर्ण कराई। शपथ ग्रहण समारोह में राजस्व, खेल एवं युवा कल्याण, आपदा प्रबंधन मंत्री टंकराम वर्मा, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार, और अनुसूचित जाति विकास मंत्री श्री गुरू खुशवंत साहेब, विधायक पुरंदर मिश्रा, पुलिस महानिदेशक अरूण देव गौतम, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर.प्रसन्ना, मुख्यमंत्री के सचिव सुबोध सिंह, राज्य शासन के विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिव एवं सचिव, छत्तीसगढ़ मानव अधिकार आयोग के कार्यवाहक अध्यक्ष गिरिधारी नायक, राज्य सूचना आयोग के आयुक्त आलोक चंद्रवंशी, राज्य सूचना आयोग के पूर्व आयुक्त मनोज त्रिवेदी, अशोक अग्रवाल, धनवेंद्र जयसवाल, राज्य सूचना आयोग के सचिव नीलम नागदेव एक्का सहित गणमान्य नागरिक एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।ज्ञात हो कि नवनियुक्त मुख्य सूचना आयुक्त अमिताभ जैन सेवानिवृत्त आईएएस पूर्व मुख्य सचिव रहे हैं। राज्य सूचना आयुक्त उमेश अग्रवाल सेवानिवृत्त आईएएस हैं तथा शिरीष चंद्र मिश्रा पत्रकारिता से जुड़े हुए है।

Paddy Procurement: Purchase limits increased at cooperative societies, ensuring quick payments to farmers.
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Paddy Purchasing : समितियों में खरीदी लिमिट बढ़ी, किसानों को त्वरित भुगतान

रायपुर, 18 जनवरी। Paddy Purchasing : छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार मुंगेली जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य पूरी पारदर्शिता, सुव्यवस्था और गति के साथ जारी है। किसानों को धान विक्रय में किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसे ध्यान में रखते हुए जिले की सभी समितियों में खरीदी लिमिट एवं प्रतिदिन की खरीदी सीमा में वृद्धि की गई है, जिससे उपार्जन कार्य और अधिक तेज हुआ है। कलेक्टर ने बताया कि शासन द्वारा निर्धारित व्यवस्था के अनुरूप जिले के 105 उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी निर्बाध रूप से संचालित की जा रही है।  जिला खाद्य अधिकारी ने जानकारी दी कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत जिले की 66 समितियों में कुल 1 लाख 10 हजार 900 से अधिक किसान पंजीकृत हैं। इनमें से अब तक 90 हजार से अधिक किसानों द्वारा धान का विक्रय किया जा चुका है। जिले में अब तक 43 लाख क्विंटल से अधिक धान की खरीदी की गई है। उपार्जन केंद्रों से धान का उठाव भी लगातार किया जा रहा है और अब तक 27 लाख 85 हजार क्विंटल से अधिक धान का उठाव हो चुका है। किसानों को भुगतान की सुविधा के लिए माइक्रो एटीएम एवं चेक के माध्यम से त्वरित भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है। अब तक किसानों को 994 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का भुगतान किया जा चुका है। प्रतिदिन लगभग 3 हजार किसानों को करीब 12 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा रहा है। जिले की सीमाओं एवं चेक पोस्ट पर निगरानी बढ़ा दी गई है। संदिग्ध वाहनों और गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है। कोचियों एवं बिचौलियों के माध्यम से अवैध धान खपाने पर रोक लगाने हेतु इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया गया है, जिसके माध्यम से धान खरीदी, भंडारण एवं परिवहन की रीयल टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है। 

CM Vishnu: Ensure that the benefits of government schemes reach the last person in society; reviewed the implementation of government programs in Surajpur.
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CM Vishnu : सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएं, सूरजपुर में शासकीय कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की समीक्षा

रायपुर, 18 जनवरी। CM Vishnu : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि राज्य सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन अधिकारी-कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है, इसके लिए अधिकारी पूरी संवेदनशीलता और सेवाभाव के साथ समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जिला अधिकारी मैदानी स्तर पर भ्रमण करें और योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही दिक्कतों का निराकरण करें। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करें सभी फील्ड स्तर के अधिकारी अपने मुख्यालय में रहें। मुख्यमंत्री साय ने कल सूरजपुर जिले में विभिन्न शासकीय कार्यक्रमों की क्रियान्वयन की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कलेक्टर को चाँदनी बिहारपुर जैसे दूरस्थ अंचलों में बुनियादी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए प्रस्ताव बना कर भेजने के निर्देश दिए ताकि उन स्थानो पर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करायी जा सके। उन्होंने बैठक में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की समीक्षा में कहा कि किसानों को धान खरीदी केन्द्रों में सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। किसानों को धान बेचने किसी प्रकार की दिक्कत न हो इसका विशेष ध्यान रखें। उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली बिल योजना के बेहतर क्रियान्वयन, सड़कों का गुणवत्तायुक्त तथा समय-सीमा में पूर्ण करने और स्वास्थ्य अमले को अस्पतालों में सभी आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस मौके पर कलेक्टर एस.जयवर्धन, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार ठाकुर, जिला पंचायत सीईओ विजेन्द्र पाटले सभी जिला अधिकारी उपस्थित थे।

The grand समापन of the Mordhwaj Arang Festival 2026 took place, and the Chief Minister made important announcements related to development.
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Mordhwaj Arang Festival 2026 का भव्य समापन, मुख्यमंत्री ने विकास से जुड़ी अहम घोषणाएँ कीं

रायपुर, 16 जनवरी। Mordhwaj Arang Festival 2026 : राजा मोरध्वज की त्याग, धर्म और सत्यनिष्ठा की गौरवगाथा को समर्पित मोरध्वज आरंग महोत्सव–2026 का समापन समारोह ऐतिहासिक गरिमा और भव्यता के साथ सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राजा मोरध्वज का जीवन छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना और नैतिक मूल्यों का अमर प्रतीक है, जो आज भी समाज को सत्य और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आरंग की यह पुण्यभूमि त्रेता युग में प्रभु श्रीराम के चरण-स्पर्श से तथा द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण की स्मृतियों से अनुप्राणित रही है। उन्होंने बागेश्वर बाबा में विधिवत जलाभिषेक एवं पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और सतत विकास की कामना की। समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के सर्वांगीण विकास को गति देने वाली कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं। उन्होंने समोदा उप तहसील को पूर्ण तहसील का दर्जा देने और वहाँ पूर्णकालिक तहसीलदार की पदस्थापना की घोषणा की। इसके साथ ही मोरध्वज महोत्सव के लिए दिए जाने वाले शासकीय अनुदान को ₹5 लाख से बढ़ाकर ₹10 लाख करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में प्रस्तावित खेल परिसर सहित अन्य अधोसंरचना विकास कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने का आश्वासन भी दिया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार “मोदी की गारंटी” के अनुरूप जनहित को सर्वोपरि रखते हुए कार्य कर रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, रोजगार और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण को सरकार की विकास नीति का प्रमुख आधार बताते हुए उन्होंने कहा कि संवेदनशील शासन, त्वरित निर्णय और जनता से सीधा संवाद ही सरकार की पहचान है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सैंड आर्टिस्ट श्री हेमचंद साहू को रेत से भगवान श्रीकृष्ण, भगवान श्रीराम एवं भगवान बागेश्वरनाथ की दिव्य आकृतियाँ उकेरने के लिए सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कलाकार की सृजनशीलता और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी उत्कृष्ट कला न केवल हमारी आस्था और सांस्कृतिक विरासत को सशक्त करती है, बल्कि छत्तीसगढ़ की पहचान को भी राष्ट्रीय स्तर पर गौरव प्रदान करती है। उन्होंने कलाकार को भविष्य में भी इसी प्रकार अपनी कला के माध्यम से प्रदेश का नाम रोशन करने के लिए शुभकामनाएँ दीं। समापन अवसर पर जनप्रतिनिधियों, साधु-संतों, मातृशक्ति, युवाओं एवं बड़ी संख्या में उपस्थित नागरिकों की सहभागिता ने समारोह को ऐतिहासिक बना दिया। मुख्यमंत्री ने आयोजन समिति को सफल और भव्य आयोजन के लिए बधाई देते हुए प्रदेशवासियों को मोरध्वज महोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। समारोह में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल, गुरु बालकदास साहेब, सांसद विजय बघेल, बृजमोहन अग्रवाल, विधायक इंद्रकुमार साहू, मोतीलाल साहू, रोहित साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

Courtesy Meeting: Newly elected office bearers of Raipur Press Club paid a courtesy visit to Chief Minister Vishnu Deo Sai.
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Courtesy Meet : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से रायपुर प्रेस क्लब के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों की सौजन्य मुलाकात

रायपुर 17 जनवरी। Courtesy Meet : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में रायपुर प्रेस क्लब के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने सभी पदाधिकारियों को निर्वाचन में मिली सफलता पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। मुख्यमंत्री साय ने लोकतंत्र में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना करते हुए आशा व्यक्त की कि प्रेस क्लब जनहित के मुद्दों को जिम्मेदारी और निष्पक्षता के साथ आगे बढ़ाएगा। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज झा, रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी, उपाध्यक्ष दिलीप कुमार साहू, महासचिव गौरव शर्मा, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु, संयुक्त सचिव निवेदिता साहू, भूपेश जांगड़े उपस्थित थे।

On the 150th anniversary of Vande Mataram, the second phase of programs will be held across the state from January 19 to 26 with widespread public participation.
Chhattisgarh

Vande Mataram की 150वीं वर्षगांठ पर राज्यभर में द्वितीय चरण के कार्यक्रम…19 से 26 जनवरी तक व्यापक जनभागीदारी के साथ होंगे आयोजन

रायपुर, 16 जनवरी। Vande Mataram : छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग द्वारा राष्ट्रगीत वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर राज्यभर में चार चरणों में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिसके तहत द्वितीय चरण में कार्यक्रमों का आयोजन 19 से 26 जनवरी 2026 तक किया जाएगा। गणतंत्र दिवस के दिन रायपुर में राज्यपाल तथा जगदलपुर में मुख्यमंत्री के आतिथ्य में विशेष कार्यक्रम आयोजित होंगे। साथ ही राज्य के सभी जिला मुख्यालयों, ब्लॉक मुख्यालयों, ग्राम पंचायतों तथा स्कूल-कॉलेजों में ध्वजारोहण एवं राष्ट्रगान के पश्चात बड़े पैमाने पर सामूहिक वंदे मातरम् गायन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में मंत्रीगण, सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि, स्थानीय अधिकारी, प्रमुख हस्तियां और नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। द्वितीय चरण में 19 से 26 जनवरी तक राज्य के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में एनसीसी, एनएसएस, स्काउट एवं गाइड की सहभागिता के साथ वंदे मातरम् से संबंधित संगीतमय प्रस्तुतियाँ, विशेष सभाएँ, निबंध प्रतियोगिता, वाद-विवाद, प्रश्नोत्तरी, पोस्टर निर्माण, रंगोली, चित्रकला एवं प्रदर्शनी आयोजित की जाएंगी। राज्य पुलिस बैंड द्वारा सार्वजनिक स्थलों पर वंदे मातरम् एवं देशभक्ति गीतों पर आधारित प्रस्तुतियाँ दी जाएंगी। सार्वजनिक एवं निजी सहभागिता के तहत प्रदेश में वंदे मातरम् ऑडियो-वीडियो बूथ स्थापित किए जाएंगे, जहां नागरिक अपनी आवाज में वंदे मातरम् का गायन रिकॉर्ड कर अभियान के पोर्टल पर अपलोड कर सकेंगे। पोर्टल पर वंदे मातरम् की पूर्व रिकॉर्डेड धुन के साथ गायन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। उल्लेखनीय है कि प्रथम चरण का आयोजन 7 से 14 नवंबर 2025 को सफलतापूर्वक किया जा चुका है। वही तृतीय चरण 7 से 15 अगस्त 2026 को हर घर तिरंगा अभियान के साथ संचालित किया जाएगा एवं चतुर्थ चरण का आयोजन 1 से 7 नवंबर 2026 को किया जाएगा। भारत सरकार, संस्कृति मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप यह आयोजन ग्राम पंचायत, जनपद, जिला एवं राज्य स्तर पर व्यापक जनभागीदारी के साथ कार्यक्रमों को संपन्न कराया जाएगा, जिसका उद्देश्य नागरिकों में राष्ट्रगीत के प्रति भावनात्मक जुड़ाव और राष्ट्रभक्ति की भावना को सुदृढ़ करना है।

Collector Dr. Gaurav Singh inspected the preparations for the Raipur Literature Festival – 2026.
Chhattisgarh

Raipur Literature Festival – 2026 की तैयारियों का कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने किया निरीक्षण

रायपुर, 16 जनवरी। Raipur Literature Festival – 2026 : छत्तीसगढ़ की समृद्ध साहित्यिक एवं सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय मंच पर सशक्त पहचान दिलाने के उद्देश्य से 23 से 25 जनवरी 2026 तक नवा रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन में आयोजित होने वाले ‘रायपुर साहित्य उत्सव–2026’ की तैयारियों का जायज़ा लेने कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह एवं आयुक्त जनसंपर्क डॉ. रवि मित्तल ने आज आयोजन स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्टॉल, मुख्य मंच, साहित्यिक सत्रों के स्थल, फूड ज़ोन, पेयजल, पार्किंग, सुरक्षा एवं दर्शक सुविधाओं सहित समस्त व्यवस्थाओं को समयबद्ध और सुव्यवस्थित रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा, संस्कृति विभाग के संचालक श्री विवेक आचार्य, जिला पंचायत रायपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कुमार बिश्वरंजन, नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप सहित आयोजन समिति के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। ‘आदि से अनादि तक’—भारतीय साहित्य की जीवंत परंपरा का उत्सव ‘रायपुर साहित्य उत्सव’ के प्रतिष्ठित साहित्यिक आयोजन का केंद्रीय विचार ‘आदि से अनादि तक’ है, जो भारतीय साहित्य की निरंतर, जीवंत और विकसित होती परंपरा को रेखांकित करता है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि रायपुर साहित्य उत्सव साहित्य, विचार और संस्कृति के संगम का उत्सव है। उन्होंने निर्देशित किया कि आगंतुकों को सहज, सुरक्षित और यादगार अनुभव मिले, इसके लिए सभी व्यवस्थाएँ उच्च गुणवत्ता की हों। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि रायपुर साहित्य उत्सव के आयोजन में बच्चों, युवाओं, शिक्षकों, लेखकों और आम पाठकों की व्यापक सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को साहित्य, विचार और संस्कृति से जोड़ना इस उत्सव का प्रमुख उद्देश्य है। नवा रायपुर बनेगा साहित्य, विचार और कला का केंद्र तीन दिनों तक पुरखौती मुक्तांगन साहित्यिक संवाद, पुस्तक विमोचन, विचार-मंथन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और कला-प्रदर्शनियों का जीवंत केंद्र बनेगा। यह आयोजन छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय साहित्यिक मानचित्र पर एक सशक्त पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। देशभर के साहित्यकार, विचारक और रचनाकार होंगे शामिल रायपुर साहित्य उत्सव–2026 में देश के विभिन्न हिस्सों से आए ख्यातिप्राप्त साहित्यकार, कवि, लेखक, पत्रकार, विचारक और युवा रचनाकार एक मंच पर संवाद करते नज़र आएँगे। कार्यक्रम के दौरान साहित्यिक सत्रों के साथ-साथ खुले संवाद, समकालीन विषयों पर विचार-विमर्श और रचनात्मक प्रस्तुतियाँ आयोजित की जाएँगी। युवाओं और बच्चों को मिलेगा सशक्त मंच उत्सव की एक प्रमुख विशेषता यह है कि इसमें नई पीढ़ी को विशेष रूप से केंद्र में रखा गया है। रायपुर जिले के स्कूली बच्चों द्वारा स्वलिखित कविताओं, कहानियों एवं अन्य रचनाओं पर आधारित पुस्तकों का विमोचन किया जाएगा। साथ ही बच्चों और युवाओं के लिए ओपन माइक जैसे मंच उपलब्ध कराए जाएँगे, जहाँ वे अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति प्रस्तुत कर सकेंगे। युवाओं में आयोजन को लेकर खासा उत्साह है—अब तक 4,000 से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं और यह प्रक्रिया निरंतर जारी है। भव्य पुस्तक मेला और लेखक–पाठक संवाद उत्सव के दौरान लगभग 40 स्टॉल्स के साथ एक भव्य पुस्तक मेले का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देशभर के प्रतिष्ठित प्रकाशकों की पुस्तकें प्रदर्शित की जायेंगी एवं विक्रय के लिए उपलब्ध रहेंगी। यह मंच लेखकों और पाठकों के बीच सीधे संवाद को प्रोत्साहित करेगा। ‘चाणक्य’ नाटक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ रहेंगी विशेष आकर्षण रायपुर साहित्य उत्सव में विशेष रूप से ‘चाणक्य’ नाटक का मंचन किया जाएगा, जो भारतीय बौद्धिक परंपरा और नाट्यकला का प्रभावशाली उदाहरण होगा। इसके साथ ही लोकनृत्य, लोकगीत और छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों को राज्य की जीवंत लोकसंस्कृति से रूबरू कराया जाएगा। कवि सम्मेलन और संवाद सत्र विख्यात कवियों की उपस्थिति में कवि सम्मेलन आयोजित होगा, जहाँ उनकी सशक्त रचनाएँ श्रोताओं को साहित्यिक रसास्वादन कराएँगी। साथ ही पत्रकारों, विचारकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ खुले संवाद सत्र आयोजित किए जाएँगे, जिनमें समकालीन सामाजिक-सांस्कृतिक विषयों पर सार्थक चर्चा होगी। निरीक्षण के दौरान सभी उपस्थित अधिकारियों एवं आयोजन समिति के सदस्यों ने आयोजन को सुव्यवस्थित, प्रभावी और यादगार बनाने के लिए अपने सुझाव साझा किए। यह आयोजन छत्तीसगढ़ की साहित्यिक चेतना, विचार परंपरा और सांस्कृतिक आत्मा को राष्ट्रीय संवाद से जोड़ने की एक सशक्त पहल के रूप में उभर रहा है। रायपुर साहित्य उत्सव–2026 न केवल लेखकों और पाठकों के बीच सेतु बनेगा, बल्कि नई पीढ़ी को साहित्य, संस्कृति और विचार के प्रति संवेदनशील बनाने का भी माध्यम बनेगा। साहित्यिक विमर्श, रचनात्मक अभिव्यक्ति और सांस्कृतिक विविधता से समृद्ध यह तीन दिवसीय उत्सव नवा रायपुर को देश के प्रमुख साहित्यिक केंद्रों की श्रेणी में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और यादगार अध्याय सिद्ध होगा।

Kharif Marketing Year 2025-26: Irregularities in paddy procurement at support price, action taken against 38 employees.
Chhattisgarh

Kharif Marketing Year 2025-26 : समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में अनियमितता, 38 कर्मचारियों पर कार्रवाई

रायपुर, 15 जनवरी। Kharif Marketing Year 2025-26 : राज्य में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर की जा रही धान खरीदी में अनियमितता बरतने के फलस्वरूप समिति प्रबंधकों तथा धान खरीदी से जुड़े 38 कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है। इनमें 31 कर्मचारियों के विरूद्ध निलंबन तथा निलंबित, एक की सेवा समाप्ति, दो को सेवा से पृथक, एक को कार्य से पृथक और तीन कर्मचारियों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराया गया है। ये कार्रवाईयां प्रदेश के 12 जिलों दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, सक्ती, जगदलपुर, रायपुर, गरियाबंद, महासमुंद तथा बलौदाबाजार-भाटापारा में की गई हैं। खाद्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार धान खरीदी कार्य के निरीक्षण एवं पर्यवेक्षण में स्कंध में कमी के 5 मामले, स्कंध अधिक एवं अव्यवस्थित स्टेकिंग के 3 मामले, नीति विपरीत कार्य-निर्देशों का उल्लंघन के 4 मामले, अमानक धान खरीदी के 5 मामले, धान खरीदी में अनियमितता के 11 मामले, अवकाश के दिन धान खरीदी के 3 मामले सहित फर्जी खरीदी, अनियमितता, टोकन अनियमितता, बिना आवक पर्ची, अवैध वसूली, अव्यवस्था के एक-एक तथा बारदाना वितरण में अनियमितता के 2-2 मामलों पर कार्रवाई की गई है। दुर्ग जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कार्य के भौतिक सत्यापन में स्कंध गड़बड़ी पाए जाने के फलस्वरूप झीट धान उपार्जन केन्द्र के समिति प्रबंधक श्री सौरभ यादव तथा गोढ़ी के समिति प्रबंधक श्री शेखर सिंह कश्यप, खिलोराकला के समिति प्रभारी श्री देवदत पटेल, कन्हारपुर के समिति प्रभारी श्री सेवाराम पटेल, ठेंगाभाट के समिति प्रभारी श्री ईश्वर कुमार साहू, मुरमुंदा के समिति प्रभारी श्री टिकेन्द्र कुर्रे को निलंबित किया गया है। इसी प्रकार सेलूद के सहायक समिति प्रबंधक श्री रोमनदास वैष्णव और भृत्य श्री हरिशंकर साहू को नीति के विपरित कार्य व उल्लंघन के मामले में निलंबित किया गया है। बेमेतरा जिले में अमानक धान खरीदी के मामले में धान उपार्जन केन्द्र बोरतरा के प्रभारी सहायक प्रबंधक श्री टिकेश्वर निषाद, फड प्रभारी (लिपिक) श्री किशन जंघेल, गाडाडी धान उपार्जन केन्द्र के प्रभारी समिति प्रबंधक श्री भुनेश्वर वर्मा तथा फड प्रभारी श्री गेंदलाल वर्मा को निलंबित किया गया है। वहीं मऊ के सहायक समिति प्रबंधक श्री उमेश कुमार साहू के विरूद्ध फर्जी धान खरीदी के मामले में निलंबित तथा एफआईआर की कार्रवाई की गई है। कबीरधाम जिले में धान उपार्जन केन्द्र कुकदूर के समिति प्रबंधक श्री अनिल बाजपेयी के विरूद्ध भौतिक सत्यापन स्कंध में कमी पाए जाने के कारण निलंबन के साथ-साथ एफआईआर दर्ज किया गया है। बारदाना वितरण में अनियमितता के कारण चपोरा उपार्जन केन्द्र प्रभारी श्री नरेश यादव को निलंबित किया गया है। बिलासपुर जिले के धान उपार्जन केन्द्र पीपरतराई के प्रभारी श्री तेजुराम को खराब धान खरीदी के मामले में निलंबित किया गया है। वहीं धान खरीदी केन्द्र एरमसाही के प्रभारी श्री कामीराम खुंटे के विरूद्ध 920 बोरों की कमी पाए जाने पर एफआईआर दर्ज कराया गया है। जांजगीर-चांपा जिले में धान खरीदी केन्द्र बोड़सरा के भृत्य श्री हरिहर यादव, कम्प्यूटर ऑपरेटर श्री अमित कुमार तिवारी, चौकीदार श्री निरंजन साहू को छुट्टी के दिन आवक लेने के फलस्वरूप निलंबित कर दिया गया है। धान उपार्जन केन्द्र कोसमंदा के कम्प्यूटर ऑपरेटर श्री छविलाल मन्नेवार को टोकन में अनियमितता के कारण निलंबित किया गया है। रायगढ़ जिले में धान खरीदी में अनियमितता के फलस्वरूप मुकडेगा के सहायक समिति प्रबंधक श्री तेलूराम सिदार, कोडसिया के सहायक समिति प्रबंधक श्री प्रहलाद बेहरा, छाल के सहायक समिति प्रबंधक श्री ठंडाराम बेहरा और जमरगीडीह के सहायक समिति प्रबंधक श्री कृपाराम राठिया को निलंबित किया गया है। सक्ती जिले के धान उपार्जन केन्द्र कांसा के प्रभारी श्री एकलव्य चंद्राकर को बिना आवक पर्ची धान खरीदी के मामले में सेवा से पृथक कर दिया गया है। जगदलपुर जिले में कोलचूर प्रभारी समिति प्रबंधक श्री गौतम तिवारी और रेटावण्ड के प्रभारी समिति प्रबंधक श्री दीनबंधु पाणीग्रही को धान खरीदी में अनियमितता के फलस्वरूप निलंबित किया गया है। रायपुर जिले में नरदहरा के लिपिक-ऑपरेटर श्री राकेश जांगड़े को किसानों से अवैध वसूली के मामले में सेवा समाप्ति की कार्रवाई की गई है। गरियाबंद जिले में धान खरीदी में लापरवाही एवं अनियमितता के लिए लोहरसी के कर्मचारी श्री संतोष कुमार साहू, मैनपुर के श्री गोपी राम मरकाम को निलंबित तथा शोभा के श्री भीखम मरकाम को कार्य से पृथक किया गया है। महासमुंद जिले में धान खरीदी में अनियमितता के मामले में पिरदा के उपार्जन केन्द्र प्रभारी श्री रोहित पटेल और सिंगबहाल के उपार्जन केन्द्र प्रभारी श्री बुध्दिवंत प्रधान के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराया गया है। साथ ही धान खरीदी में अव्यवस्था के कारण तोषगांव के उपार्जन केन्द्र प्रभारी श्री नकुल साहू को निलंबित किया गया है। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में धान खरीदी केन्द्र सकरी के प्रभारी समिति प्रबंधक श्री सतीष कुमार महिलांग द्वारा नीति के विपरित कार्य करने के फलस्वरूप निलंबित किया गया है तथा बारदाना प्रभारी कुमारी थानेश्वरी साहू को नीति के विपरीत कार्य करने के फलस्वरूप सेवा से पृथक किया गया है। करमदा के प्रभारी समिति प्रबंधक श्री राजकमल साहू को धान स्कंध में कमी पाए जाने के फलस्वरूप निलंबित किया गया है।

Press Conference: Press conference by P. Dayanand, Secretary, Department of Mineral Resources, Government of Chhattisgarh.
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Press Conference : सचिव खनिज संसाधन विभाग छत्तीसगढ़ शासन पी. दयानंद की पत्रकार वार्ता

रायपुर, 15 जनवरी। Press Conference : सचिव खनिज संसाधन पी. दयानंद ने बताया कि प्रदेश में 28 से अधिक प्रकार के खनिज विभिन्न क्षेत्रों में पाये जाते है। इन खनिजों के लिए राज्य सरकार के द्वारा अन्वेषण एवं उत्खनन हेतु खनिज ब्लॉक तैयार कर नीलामी एवं अन्य माध्यम से खनन हेतु उपलब्ध कराया जाता है। जिससे राज्य शासन को राजस्व की प्राप्ति में पिछले 02 वर्षों में उल्लेखनियवृद्धि हुई है। सी.एम.डी.सी. भी इस राज्य में अन्वेषण एवं खनन से संबंधित कार्यांे के संपादनका सहभागी है। छत्तीसगढ़ राज्य के खनिज आधारित स्थानीय उद्योगों को खनिज के आपूर्ति सुनिश्चित किये जाने तथा खनिज राजस्व मंे वृद्धि के उद्देश्य से राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ खनिज साधन विभाग के अधीन छत्तीसगढ़ मिनरल डेव्हलपमेंट कार्पाेरेशन (सी.एम.डी.सी.) का गठन 07 जून 2001 में किया गया। सी.एम.डी.सी. के कार्य संचालन का स्वरूप माईनिंग एण्ड मार्केटिंग ठेका,उत्खनन ठेका, मार्केटिंग ठेका, एमडीओ, अन्वेषण एवं संयुक्त उपक्रम के माध्यम सेअन्वेषण एवं खनन कार्य वर्तमान मंे कार्यरत् है। सचिव खनिज संसाधन दयानन्द ने बताया कि वर्तमान में 09 खनिजों के खनन/मार्केटिंग एवं अन्वेषण का कार्य सी.एम.डी.सी. के द्वारा किया जा रहा है (टिन,बाक्साईट, लौह अयस्क, कॉपर, हीरा, मैग्नीज, कोरण्डम, डोलोमाईट, कोयला)। (टिन) वर्तमान में सी.एम.डी.सी. के द्वारा बस्तर के अनुसूचित जनजातियों के जीविकोपार्जन के लिए विशेष रूप से टिन अयस्क की खरीदी का कार्य किया जा रहा है। संयुक्त उपक्रम के माध्यम से खनन एवं टिन स्मेल्टर का भी संचालन किया जा रहा है। यह खनिज भी क्रिटिकल मिनरल की श्रेणी में आता हैं। चिव, खनिज संसाधन ने बताया कि पिछले दो वर्षों में अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों को टिन विक्रय करने का सही मूल्य सही वक्त में उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया। परिणामस्वरूप यह क्रय मूल्य बढ़कर वर्तमान में 1926.00 रूपये प्रति कि.ग्रा किया गया है। इस प्रकार लगभग 03 गुना अधिक राशि क्षेत्र के अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों को प्राप्त हो रहा है। परिणामस्वरूप टिन ओर की क्रय मात्रा में भी अप्रत्याशित वृद्धि हो रही है एवं ऑनलाईन क्रय एवं रियल टाईम भुगतान की कार्यवाही प्रचलन में है। इस हेतु TIN – Tribal Incentive for Natural Resources, Portal तैयार किया जा रहा है जिसके माध्यम सेऑनलाईन भुगतान हितग्राहियों को प्राप्त होगा। सचिव खनिज संसाधन दयानंद ने बताया कि क्रिटिकल मिनरल की श्रेणी में अन्वेषण कार्य में सी.एम.डी.सी., मॉयल केसहयोग से बलरामपुर जिले में मैग्नीज एवं ग्रेफाईट का अन्वेषण का कार्य कर रही है जिसके उत्साहजनक परिणाम प्राप्त हो रहे है। कोल इंडिया लिमिटेड और छत्तीसगढ़ मिनरल डेव्हलपमेंट कॉर्पाेरेशन के बीच क्रिटिकल मिनरल के अन्वेषण एवं खनन के संबंध में समझौता पत्र हस्ताक्षर किया जाचुका है। इसके क्रियान्वयन के लिए संयुक्त कार्यसमिति का गठन किया गया है। शीघ्र ही इसकी अपेक्षित परिणाम प्राप्त हांेगे एवं केन्द्र शासन के निर्देशानुसार क्रिटिकल मिनरल में आत्मनिर्भरता की ओर सी.एम.डी.सी. की सहभागीता बढ़ रही है। यह समझौता केवल खनन तक सीमित नहीं है अपितु इसमें खनिज संवर्धन,प्रसंस्करण, तकनीकी सहयोग और सबसे महत्वपूर्ण हमारे युवाओं के लिए कौशल विकास के अवसर भी शामिल है। मुझे विश्वास है कि यह पहल रोजगार सृजन करेगी और हमारी युवा पीढ़ी को गरिमा और अवसर प्रदान करेगी। सचिव, खनिज संसाधन ने बताया कि पारदर्शी नीलामी – माननीय मुख्यमंत्री जी के दूरदर्शी नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने खनिज संसधान प्रबंधन में उल्लेखनीय परिवर्तन देखा है। सी.एम.डी.सी. ने MSTC के माध्यम से पारदर्शी और तकनीक – सक्षम नीलामी प्रक्रिया द्वारा निविदा और खनिज बिक्री में नये मानक स्थापित किये है। उक्त पारदर्शी प्रक्रिया के तहत नीलामी से, जहां एक ओर लौह अयस्क की नीलामी में रिकॉर्ड उच्च बिक्री मूल्य प्राप्त हुए है, वही दूसरी ओर लौह अयस्क के उत्खनन में न्यूनतम दर प्राप्त हुआ है, जो प्रतिस्पर्धी पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया की सफलता को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में आरीडोंगरी खदान से उत्पादित लौह अयस्क के विक्रय से राज्य शासन को लगभग 28.65 करोड़ रूपये का राजस्व साथ ही सी.एम.डी.सी. को शुद्ध लाभ लगभग 24 करोड़ रूपये प्राप्त हुआ। वर्ष 2021 से 2025 तक 1.10 करोड़रूपये सीएसआर में व्यय हो चुका है एवं 42 लाख रूपये की कार्यों की स्वीकृति प्रचलन में है। माननीय प्रधानमंत्री जी के आह्वान पर एक पेड़ के नाम पर 14700 वृक्षांे कारोपड़ किया गया है एवं 29.77 लाख रूपये का व्यय की गई। चालू वित्तीय वर्ष में 60,000 टन लौह अयस्क की नीलामी की कार्यवाही पारदर्शी तरीके से प्रचलन में है। इस खदान के संचालन से प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष रूप से 200 से अधिक लोगों को रोजगार प्राप्त हो रहा है। इसी अनुक्रम में आरीडोंगरी में उत्पादन क्षमता 05 लाख टन से 20 लाख टन प्रतिवर्ष किये जाने के लक्ष्य को प्राप्त करने के प्रयास किये जा रहे है। इस हेतु खनन योजना तैयार किया जा रहा है। सरगुजा जिले में सी.एम.डी.सी. की 05 खदानें संचालित है, जिससे वित्तिय वर्ष 2023-24 से दिसंबर 2025 तक में राज्य शासन को 11.28 करोड़ एवं सी.एम.डीसी. को 8.13 करोड़ रूपये की प्राप्ति हुई है। वर्तमान में सी.एम.डी.सी. द्वारा पारदर्शी प्रक्रिया के अंतर्गत 05 बाक्साईट खदानों की नीलामी प्रगति पर है। सचिव, खनिज संसाधन ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री जी के मार्गदर्शन में सी.एम. डी.सी.- एन.एम.डी.सी. संयुक्त उपक्रम एनसीएल के द्वारा बैलाडिला डिपॉजिट 04 और डिपॉजिट 13 में खनन कार्य शीघ्र ही प्रारंभ होंगे। इस हेतु डिपॉजिट 04 का रेजिंग कॉन्ट्रेक्टर की चयन प्रक्रिया अंतिम चरण में है। 2026 में दोनों खदानों में उत्पादन प्रारंभ होने से एक ओर शासन और निगम को राजस्व की प्राप्ति होगी वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ राज्य के स्थानीय उद्योगों को लौह अयस्क सुगमता से प्राप्त होगा। परिणामस्वरूप राज्य का समावेशी विकास होने में सी.एम.डी.सी. की सहभागीता चिन्हीत् होगी। सी.एम.डी.सी. को दोनों परियोजनाओं से अधिकतम उत्पादन की स्थिति में लगभग राज्य शासन को 7 हजार करोड रूपये राजस्व एवं सी.एम.डी.सी. को 3 हजार करोड़ रूपये राजस्व प्राप्त होगा, साथ ही क्षेत्र में रोजगार एवं विकास के अवसर का मार्ग प्रशस्त होगा। बहुमूल्य खनिजों की श्रेणी में CMDC-NMDC के संयुक्त उपक्रम एनसीएल जिला महासमुंद के ग्राम बलौदा-बेलमंुडी में हीरा खनिज के क्षेत्र में हीरा धारित किम्बरलाईट की उपस्थिति के संकेत मिले है, इसकी पुष्टि हेतु ड्रिलिंग का कार्य प्रगति पर है। माननीय मुख्यमंत्री जी के कुशल मार्ग निर्देशन में विगत वर्षों से लंबित केरवा कोल परियोजना के लिए अब सफलता प्राप्त हुई है।