रायपुर, 16 सितंबर। Raipur : गणेश उत्सव के पावन पर्व के बीच राजधानी रायपुर के भाठागांव स्थित रावतपुरा कॉलोनी (फेस-2) में करीब 40 परिवारों के मकानों पर प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री कन्हैया अग्रवाल ने कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के साथ अन्याय बताया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से तत्काल तोड़फोड़ की कार्रवाई रोकने और प्रभावित परिवारों को राहत देने की मांग की है।
गणेश उत्सव के बीच 40 मकानों पर बुलडोजर कार्रवाई
कन्हैया अग्रवाल के अनुसार, सुबह करीब 8 बजे नगर निगम और प्रशासन की टीम ने रावतपुरा कॉलोनी में कार्रवाई शुरू की, जिसमें लगभग 40 निर्मित मकानों को हटाया गया। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों ने अपनी जीवनभर की कमाई लगाकर मकान बनाए, उन्हें त्योहार के दिन बेघर करने जैसी स्थिति पैदा हो गई। उनके मुताबिक कार्रवाई के बाद क्षेत्र में लोगों के बीच भय, आक्रोश और असुरक्षा का माहौल है।
सरकारी दस्तावेजों पर भरोसा कर घर बनाया, फिर अवैध कैसे?
कन्हैया अग्रवाल ने राजस्व और पंजीयन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूछा कि यदि भूमि से संबंधित डायवर्सन, पंजीयन और अन्य सरकारी दस्तावेज प्रक्रियाओं के तहत हुए थे, तो बाद में इन मकानों को अवैध कैसे घोषित किया गया। उन्होंने सवाल किया कि कृषि भूमि के आवासीय उपयोग में परिवर्तन की अनुमति किस आधार पर मिली, बी-1 में जमीन का रिकॉर्ड कैसे दर्ज हुआ और रजिस्ट्री कार्यालय ने निर्धारित शुल्क लेकर दस्तावेजों का पंजीयन क्यों किया।उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि संबंधित संपत्तियों के दस्तावेजों में गंभीर अनियमितताएं थीं, तो संबंधित विभागों ने समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की। प्रभावित परिवारों को बैंक ऋण और बीमा जैसी सुविधाएं मिलने के मामले की भी जांच की मांग उन्होंने उठाई है।
कन्हैया का सवाल- गलती अफसरों की तो सजा जनता को क्यों?
कांग्रेस नेता ने कहा कि आम नागरिक सरकारी विभागों की प्रक्रियाओं और दस्तावेजों पर भरोसा करके अपनी मेहनत की कमाई से मकान बनाता है तथा निर्धारित टैक्स और शुल्क का भुगतान करता है। ऐसे में मकान बनने के बाद उसे अवैध बताकर तोड़ देना गंभीर अन्याय का विषय है। उन्होंने कहा कि यदि अवैध प्लॉटिंग या नियमों के उल्लंघन की अनुमति सरकारी स्तर पर हुई है, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों और अन्य जिम्मेदार लोगों की तय की जानी चाहिए।
जिम्मेदार अधिकारियों पर FIR और मकानों के नियमितीकरण की मांग
कन्हैया अग्रवाल ने मांग की है कि अवैध प्लॉटिंग, गलत दस्तावेजी प्रक्रिया या किसी भी प्रकार की अनियमितता में जिन अधिकारियों अथवा अन्य जिम्मेदार लोगों की भूमिका जांच में सामने आए, उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत देने के लिए निर्मित मकानों को पात्रता के आधार पर नियमितीकरण की प्रक्रिया में शामिल करने पर विचार किया जाए।
मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की अपील
कन्हैया अग्रवाल ने मुख्यमंत्री से पूरे मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग करते हुए कहा कि प्रभावित परिवारों के मकानों पर तोड़फोड़ की कार्रवाई रोकी जानी चाहिए। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदारी तय करने और प्रभावित परिवारों को राहत देने की मांग की है। उनका कहना है कि सरकारी तंत्र की कथित लापरवाही या अनियमितता का बोझ आम नागरिकों पर नहीं डाला जाना चाहिए।