Chhattisgarh

National Highways Authority of India: Emergency mock drill and training under the National Road Safety Month
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National Highways Authority of India : राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत आपातकालीन मॉक-ड्रिल और प्रशिक्षण

रायपुर, 03 जनवरी। National Highways Authority of India : राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने प्रदेशभर में सड़क सुरक्षा अभियान एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में आज राष्ट्रीय राजमार्ग–53 पर लाइव मॉक-ड्रिल किया गया। मॉक-ड्रिल के दौरान यात्रियों, वाहन चालकों एवं एनएचएआई के फील्ड स्टॉफ को कई तरह की आपात परिस्थितियों से निपटने व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान दौरान विशेषज्ञों ने सड़क दुर्घटना और मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में तत्काल सहायता प्रदान करने के तरीकों का प्रदर्शन भी किया।  मॉक-ड्रिल के दौरान विशेषज्ञों ने हार्ट-अटैक की स्थिति में सीपीआर देने के सही एवं वैज्ञानिक तकनीक का लाइव-डेमो दिया। उन्होंने अचानक बेहोशी, अत्यधिक रक्तस्राव, सांस लेने में कठिनाई जैसी मेडिकल आपात स्थितियों में प्राथमिक उपचार की भी जानकारी दी। मॉक-ड्रिल में वाहन में तकनीकी खराबी और सड़क दुर्घटना में अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों की भी जानकारी दी गई। दुर्घटना के बाद यात्रियों को सुरक्षित ढंग से वाहन से बाहर निकालने, संयम बनाए रखने तथा इस दौरान बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों के बारे में भी विशेषज्ञों ने विस्तार से बताया। कोहरे एवं रात्रि यात्रा में सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने के प्रयास राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के दौरान एनएचएआई द्वारा सर्दियों के मौसम में कोहरे एवं रात में यात्रा के दौरान दुर्घटना की संभावना को कम करने वाहनों पर रेट्रो-रिफ्लेक्टिव टेप लगाए जा रहे हैं। साथ ही वाहन चालकों एवं यात्रियों से हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने तथा निर्धारित गति सीमा का पालन सुनिश्चित करने की अपील भी की जा रही है।

Courtesy Meeting: Chief Minister Vishnu Deo Sai paid a courtesy visit to President Droupadi Murmu and invited her to 'Bastar Pandum 2026'.
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Courtesy Meet : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से की सौजन्य मुलाकात, ‘बस्तर पंडुम 2026’ में किया आमंत्रित

रायपुर, 03 जनवरी। Courtesy Meet : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु को छत्तीसगढ़ में आयोजित होने वाले राज्यस्तरीय जनजातीय सांस्कृतिक महोत्सव ‘बस्तर पंडुम 2026’ में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री साय ने राष्ट्रपति को बस्तर अंचल की समृद्ध जनजातीय कला, संस्कृति, परंपराओं एवं लोक जीवन से अवगत कराते हुए कहा कि बस्तर पंडुम राज्य की जनजातीय विरासत के संरक्षण, संवर्धन और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचार का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। यह आयोजन तीन चरणों में आयोजित किया जाएगा, जिसका अंतिम चरण फरवरी 2026 में बस्तर में संपन्न होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने राष्ट्रपति को छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जनजातीय क्षेत्रों के समग्र विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, बुनियादी ढांचे के विस्तार एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति से भी अवगत कराया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए उनकी सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित रखने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने जनजातीय संस्कृति से जुड़े इस आयोजन की सराहना करते हुए बस्तर पंडुम 2026 के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं। उल्लेखनीय है कि बस्तर पंडुम 2026 के माध्यम से लोकनृत्य, लोकगीत, पारंपरिक वाद्ययंत्र, हस्तशिल्प, जनजातीय व्यंजन, वेशभूषा सहित विभिन्न सांस्कृतिक विधाओं का प्रदर्शन किया जाएगा।

CM Vishnu paid tribute to Savitribai Phule, India's first female teacher, on her birth anniversary.
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CM Vishnu ने भारत की प्रथम महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की जयंती पर किया नमन

रायपुर, 02 जनवरी। CM Vishnu : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भारत की प्रथम महिला शिक्षिका महान समाज सुधारक एवं नारी सशक्तिकरण की अग्रदूत स्वर्गीय सावित्रीबाई फुले की जयंती (3 जनवरी) पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सावित्रीबाई फुले ने उस दौर में महिला शिक्षा की अलख जगाई, जब समाज में अनेक कुरीतियाँ और बंधन व्याप्त थे। उन्होंने न केवल महिलाओं को शिक्षित होने के लिए प्रेरित किया, बल्कि स्वयं आगे बढ़कर उन्हें शिक्षा का अधिकार दिलाने के लिए आजीवन संघर्ष किया। छुआछूत, लैंगिक भेदभाव और सामाजिक असमानताओं के विरुद्ध उनका संघर्ष साहस, संकल्प और सामाजिक चेतना का अद्वितीय प्रतीक है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि स्त्री अधिकारों, समानता और शिक्षा के क्षेत्र में सावित्रीबाई फुले का योगदान अमूल्य तथा अविस्मरणीय है। उनके विचार और कर्म आज भी समाज को प्रगतिशील दिशा देने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे सावित्रीबाई फुले के जीवन से प्रेरणा लेते हुए शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय के मूल्यों को अपने जीवन में आत्मसात करें।

Chief Minister Vishnu offered prayers to Goddess Danteshwari, the revered deity of Bastar, and prayed for the happiness, prosperity, and well-being of the people of the state.
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CM Vishnu ने बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की

रायपुर, 02 जनवरी। CM Vishnu : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने एक दिवसीय दंतेवाड़ा प्रवास के दौरान आज बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के पावन मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री साय ने मां दंतेश्वरी के चरणों में नमन करते हुए समस्त प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, शांति और सर्वांगीण कल्याण की मंगलकामनाएँ कीं। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, सांसद महेश कश्यप, विधायक चैतराम अटामी, राज्य महिला आयोग की सदस्य ओजस्वी मंडावी, संस्कृति सचिव रोहित यादव, आईजी बस्तर सुंदरराज पी., डीआईजी कमलोचन कश्यप, कलेक्टर देवेश ध्रुव, पुलिस अधीक्षक गौरव राय सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

CG NEWS: A testament to the central government's decisive approach, major projects in Chhattisgarh are progressing rapidly.
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CG NEWS : केंद्र सरकार की निर्णायक कार्यशैली का प्रमाण, प्रगति से छत्तीसगढ़ की बड़ी परियोजनाएँ तेज

रायपुर, 01 जनवरी। CG NEWS : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में विकास की गति नई ऊँचाइयों पर पहुँची है। दशकों से लंबित महत्वपूर्ण अधोसंरचना एवं ऊर्जा परियोजनाएँ अब “प्रगति” प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से समयबद्ध ढंग से पूरी हो रही हैं। यह केंद्र सरकार की परिणामोन्मुख, जवाबदेह तथा निर्णायक कार्यशैली का सशक्त प्रमाण है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में “प्रगति” प्लेटफ़ॉर्म का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। भिलाई इस्पात संयंत्र के आधुनिकीकरण से न केवल देश में रेल उत्पादन को नई गति मिली है, बल्कि इससे हजारों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित हुए हैं। इससे आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूती मिली है और औद्योगिक विकास को नई दिशा प्राप्त हुई है। इसी प्रकार एनटीपीसी की लारा सुपर थर्मल पावर परियोजना (1600 मेगावाट) से छत्तीसगढ़ सहित छह राज्यों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना से ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हुई है तथा औद्योगिक और कृषि गतिविधियों को नई ऊर्जा प्राप्त हुई है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि “प्रगति” प्लेटफ़ॉर्म ने परियोजनाओं की निगरानी, निरंतर समीक्षा और बाधाओं के त्वरित समाधान की एक सशक्त प्रणाली विकसित की है। स्पष्ट लक्ष्य, तेज़ क्रियान्वयन और ठोस परिणाम—यही नए भारत की कार्यसंस्कृति है और यही “विकसित भारत @ 2047” के लक्ष्य को साकार करने का मार्ग है। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित प्रगति (PRAGATI) की 50वीं बैठक ने न केवल राष्ट्रीय स्तर पर, बल्कि छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा को भी नई गति प्रदान की है। प्रगति सक्रिय शासन और समयबद्ध कार्यान्वयन के लिए विकसित एक आईसीटी आधारित प्लेटफॉर्म है, जिसने परियोजनाओं की निगरानी और समाधान की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया है। पिछले दशक में प्रगति प्लेटफॉर्म के माध्यम से 85 लाख करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की परियोजनाओं की रफ्तार तेज हुई है। इससे देशभर में अवसंरचना, ऊर्जा, रेल, सड़क, कोयला और अन्य क्षेत्रों से जुड़े अनेक कार्यों को समयबद्ध प्रगति मिली है। इन परियोजनाओं में छत्तीसगढ़ से संबंधित कई महत्वपूर्ण परियोजनाएँ भी शामिल हैं। बैठक में भिलाई इस्पात संयंत्र के आधुनिकीकरण और विस्तार कार्य का विशेष रूप से उल्लेख किया गया। इस परियोजना को वर्ष 2007 में स्वीकृति मिली थी। प्रगति बैठकों में नियमित समीक्षा और अंतर-एजेंसी समन्वय के कारण इस परियोजना को नई गति मिली, जिसके परिणामस्वरूप इसका कार्य तेज़ी से आगे बढ़ा और लक्षित प्रगति सुनिश्चित हुई। भिलाई इस्पात संयंत्र के आधुनिकीकरण से उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन, सहायक उद्योगों के विस्तार और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा प्राप्त हुई है। इससे राज्य को देश के प्रमुख इस्पात उत्पादन केंद्र के रूप में और अधिक मजबूती मिली है। इसी प्रकार रायगढ़ में वर्ष 2009 में स्वीकृत लारा सुपर थर्मल पावर परियोजना की प्रगति प्लेटफॉर्म के अंतर्गत उच्च स्तरीय समीक्षाओं, समय-समय पर दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देशों और निरंतर मॉनिटरिंग से तेज गति मिली और इसके क्रियान्वयन में ठोस प्रगति दर्ज की गई। आज लारा सुपर थर्मल पावर परियोजना राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करने वाली प्रमुख परियोजनाओं में से एक बन चुकी है। इस परियोजना ने न केवल बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाई है, बल्कि छत्तीसगढ़ की पहचान को “पावर हब ऑफ इंडिया” के रूप में और अधिक मजबूत किया है। इससे राज्य और देश दोनों के ऊर्जा तंत्र को नई स्थिरता प्राप्त हुई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यह रेखांकित किया कि प्रगति प्लेटफॉर्म ने सहयोगी संघवाद को नई शक्ति दी है और केंद्र तथा राज्यों के संयुक्त प्रयासों से विकास कार्यों में गति और विश्वास दोनों बढ़ा है। प्रगति से तेज़ होती छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रगति की 50वीं बैठक को देश और छत्तीसगढ़ के लिए दूरगामी महत्व का बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकास परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूरा करने की जो व्यवस्था स्थापित की गई है, उसका सीधा लाभ छत्तीसगढ़ को भी मिला है। उन्होंने कहा कि भिलाई इस्पात संयंत्र के आधुनिकीकरण तथा लारा सुपर थर्मल पावर परियोजना जैसी बड़ी परियोजनाओं को नई गति मिलना इस बात का प्रमाण है कि प्रगति प्लेटफॉर्म ने वास्तविक अर्थों में समाधान-उन्मुख शासन का मॉडल प्रस्तुत किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से प्रदेश के औद्योगिक विकास, ऊर्जा क्षमता, निवेश, रोज़गार और सहायक अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रगति के माध्यम से परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग और जवाबदेही सुनिश्चित होने से छत्तीसगढ़ विकसित भारत @ 2047 के राष्ट्रीय लक्ष्य में अपनी निर्णायक भूमिका और मजबूती के साथ निभाता रहेगा।

MoU Signed: Strengthening healthcare and skill development; an MoU signed with the Sathya Sai Health and Education Trust in the presence of Chief Minister Vishnu Deo Sai; employment opportunities to be boosted.
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MoU Signed : स्वास्थ्य सेवा और कौशल विकास को मजबूती, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में सत्य साईं हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट के साथ एमओयू, रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

रायपुर, 01 जनवरी। MoU Signed : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में नवा रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण एवं सत्य साईं हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह एमओयू राज्य में हेल्थकेयर क्षेत्र का दायरा बढ़ाने, गुणवत्तापूर्ण मानव संसाधन तैयार करने तथा युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर सृजित करने की दिशा में एक अहम कदम है। इसके माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विभिन्न व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। समझौते का मुख्य उद्देश्य हेल्थकेयर प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना, युवाओं का कौशल उन्नयन तथा आधुनिक चिकित्सा सेवाओं की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित जनशक्ति तैयार करना है। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से आवासीय एवं गैर-आवासीय दोनों प्रकार के निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किए जाएंगे। एमओयू के तहत चार प्रकार के कोर्स संचालित किए जाएंगे, जिनमें मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी, कार्डियोलॉजी तकनीशियन, ईसीजी तकनीशियन, कार्डियक केयर तकनीशियन तथा इमरजेंसी मेडिकल तकनीशियन के प्रशिक्षण शामिल हैं। ये कोर्स युवाओं को विशेषज्ञता के साथ स्वास्थ्य क्षेत्र में करियर निर्माण का अवसर उपलब्ध कराएंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार कौशल विकास को विकास की रीढ़ मानती है और विशेष रूप से हेल्थकेयर सेक्टर की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशलयुक्त कार्यबल तैयार करने पर बल दे रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के साथ-साथ युवाओं के लिए व्यापक रोजगार संभावनाएँ भी उत्पन्न करेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कौशल विकास पर केंद्रित यह साझेदारी राज्य के दूरस्थ अंचलों तक स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार में सहायक सिद्ध होगी। प्रशिक्षित युवा अस्पतालों, स्वास्थ्य संस्थानों और आपातकालीन सेवाओं में प्रभावी भूमिका निभा सकेंगे। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, कैबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, श्री सत्य साईं हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट के अध्यक्ष सी. श्रीनिवास सहित ट्रस्ट के प्रतिनिधि एवं कौशल विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

Courtesy Meeting: Union Tourism and Culture Minister Gajendra Singh Shekhawat paid a courtesy visit to Chief Minister Vishnu Deo Sai.
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Courtesy Meet : केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से की सौजन्य भेंट

रायपुर, 01 जनवरी। Courtesy Meet : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज नवा रायपुर, सेक्टर-24 स्थित मुख्यमंत्री निवास में केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने सौजन्य भेंट की। मुलाकात के दौरान छत्तीसगढ़ में पर्यटन विकास, सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं सुदृढ़ीकरण से संबंधित विषयों पर सौहार्दपूर्ण एवं रचनात्मक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री साय ने केंद्रीय मंत्री शेखावत का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें राजकीय गमछा, बस्तर दशहरा पर आधारित कॉफी टेबल बुक तथा बेल मेटल से निर्मित स्मृति-चिन्ह भेंट किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल उपस्थित थे।

Jashpur Development: Chief Minister Vishnudev Sai's big gift, Rs 31.91 crore sanctioned for 10 roads in Jashpur district.
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Jashpur Development : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की बड़ी सौगात, जशपुर जिले की 10 सड़कों के लिए 31.91 करोड़ रुपये स्वीकृत

रायपुर, 31 दिसंबर। Jashpur Development : नववर्ष से ठीक पहले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले को विकास की बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग द्वारा जिले के ग्रामीण एवं दूरस्थ अंचलों में आवागमन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 10 महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण एवं उन्नयन के लिए कुल 31 करोड़ 91 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। वर्षों से लंबित इन सड़कों की मांग पूरी होने से क्षेत्रवासियों में हर्ष का माहौल है। स्वीकृत कार्यों में एनएच-43 रोड (मुड़ापारा) से चर्चपारा होते हुए सुकबासुपारा तक सड़क निर्माण के लिए 2 करोड़ 47 लाख 97 हजार रुपये, ग्राम पंचायत कछार से सरपंच बस्ती चौक पक्की सड़क से तिरसोठ तक के लिए 3 करोड़ 41 लाख रुपये, कांसाबेल के डांडपानी से खूटेरा पहुंच मार्ग हेतु 4 करोड़ 52 लाख रुपये तथा पाले पखना से जुनवाईंन पहुंच मार्ग के लिए 4 करोड़ 68 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसी क्रम में कांसाबेल के सेमरकछार भट्टीटोली से लपई पहुंच मार्ग के लिए 2 करोड़ 69 लाख रुपये, ग्राम पंचायत कर्रबेवरा से पखनापारा माड़ो गुफा तक पहुंच मार्ग हेतु 1 करोड़ 88 लाख रुपये, ग्राम पंचायत घरजियाबथान के ठाकुरमुड़ा से रघुनाथपुर जोड़ा तालाब मार्ग के लिए 2 करोड़ 61 लाख रुपये, ग्राम पंचायत पाकरगांव से तुरवाआमा होते हुए चौराआमा पहुंच मार्ग के लिए 2 करोड़ 61 लाख रुपये, ग्राम पंचायत भगरपुर से भगोरा पहुंच मार्ग के लिए 4 करोड़ 60 लाख रुपये तथा अटल चौक से पंडरीपानी होते हुए तिलंगा पहुंच मार्ग के लिए 2 करोड़ 43 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है। इन सड़कों के निर्माण एवं उन्नयन से जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुगम होगा। इससे किसानों को कृषि उपज के परिवहन में सुविधा मिलेगी, विद्यार्थियों की शिक्षा तक पहुंच आसान होगी और स्थानीय व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य आवश्यक सेवाओं तक लोगों की पहुंच और अधिक सुलभ होगी। ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने नए वर्ष से पूर्व जिले को यह महत्वपूर्ण विकास सौगात देकर वर्षों पुरानी मांग पूरी की है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय जशपुर जिले के समग्र विकास को नई गति प्रदान करेगा।

Special Article: Dhamtari district on a strong journey of development in the year 2025
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Special Article : धमतरी जिला वर्ष 2025 में विकास की सशक्त यात्रा

धमतरी 31 दिसंबर। Special Article : वर्ष 2025 धमतरी जिले के लिए समग्र, समावेशी एवं सतत विकास का स्वर्णिम अध्याय बनकर उभरा। दूरदर्शी जिला प्रशासन, संवेदनशील शासन व्यवस्था तथा राज्य एवं केंद्र सरकार की योजनाओं के प्रभावी समन्वय से जिले ने अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण, कृषि उन्नयन, सामाजिक सशक्तिकरण और नवाचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ अर्जित कीं। यह वर्ष विकास को केवल आँकड़ों तक सीमित न रखकर जन-जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का प्रतीक सिद्ध हुआ। अधोसंरचना एवं सड़क विकास: प्रगति के नए मार्ग ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में संपर्क सुदृढ़ करने हेतु प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, राज्य मद एवं अन्य योजनाओं के अंतर्गत नई सड़कों का निर्माण तथा जर्जर सड़कों का उन्नयन किया गया। दूरस्थ ग्रामों को मुख्य मार्गों से जोड़ने से आवागमन सुगम हुआ, वहीं व्यापार, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं तक आमजन की पहुँच सशक्त हुई। पुल-पुलियों के निर्माण से वर्षा ऋतु में भी निर्बाध यातायात सुनिश्चित हुआ। पेयजल व्यवस्था: हर घर जल का संकल्प जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर नल से जल पहुँचाने की दिशा में ऐतिहासिक प्रगति दर्ज की गई। नवीन जलापूर्ति योजनाओं, पाइपलाइन विस्तार एवं पेयजल स्रोतों के सुदृढ़ीकरण से शुद्ध पेयजल की सतत उपलब्धता सुनिश्चित हुई। इससे जलजनित रोगों में कमी आई और ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ। जल संरक्षण एवं संवर्धन: भविष्य के लिए जल सुरक्षा अमृत सरोवर योजना, तालाब गहरीकरण, चेकडैम, स्टॉपडैम तथा वर्षा जल संचयन संरचनाओं के माध्यम से जल संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। इन प्रयासों से भूजल स्तर में सुधार हुआ और कृषि, पशुपालन एवं पेयजल आवश्यकताओं की पूर्ति को दीर्घकालिक आधार मिला। कृषि एवं सिंचाई: किसानों की आय में नई मजबूती समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन को पारदर्शी, तकनीक-आधारित एवं सुचारू बनाते हुए रिकॉर्ड मात्रा में खरीदी की गई तथा किसानों को समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित किया गया। नहरों की मरम्मत, जलाशयों के सुदृढ़ीकरण एवं सूक्ष्म सिंचाई योजनाओं के विस्तार से रबी एवं ग्रीष्मकालीन फसलों को प्रोत्साहन मिला। फसलचक्र परिवर्तन के अंतर्गत दलहन, तिलहन, मोटे अनाज, मखाना एवं औषधीय फसलों की खेती को बढ़ावा दिया गया, जिससे किसानों की आय में वृद्धि के साथ जल उपयोग दक्षता में भी सुधार हुआ। उद्यानिकी, औषधीय एवं मखाना खेती: कृषि को लाभ का नया आयाम फल एवं सब्जी उत्पादन, ड्रिप सिंचाई, पौधरोपण तथा कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से उद्यानिकी को सशक्त किया गया। औषधीय पौधों एवं मखाना खेती को प्रोत्साहन देकर किसानों को वैकल्पिक एवं टिकाऊ आय स्रोत उपलब्ध कराए गए। जनजातीय विकास: समावेशन और सशक्तिकरण की नई मिसाल PM JANMAN एवं अन्य विशेष योजनाओं के माध्यम से आदिवासी अंचलों में छात्रावास, आवास, पेयजल एवं शिक्षा सुविधाओं का व्यापक विस्तार किया गया। दूरस्थ क्षेत्रों की बालिकाओं हेतु सुरक्षित छात्रावासों की स्वीकृति से शिक्षा में सहभागिता बढ़ी और सामाजिक सशक्तिकरण को ठोस आधार मिला। शिक्षा: गुणवत्ता, संस्कार और अवसर विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं का विकास, स्मार्ट क्लास, छात्रवृत्ति योजनाएँ एवं छात्रावास व्यवस्था से शैक्षणिक वातावरण सुदृढ़ हुआ। वीर बाल दिवस जैसे आयोजनों के माध्यम से विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति, अनुशासन एवं नैतिक मूल्यों का विकास किया गया। स्वास्थ्य सेवाएँ: सुलभ, सशक्त और संवेदनशील प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में अधोसंरचना एवं चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार किया गया। मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, आयुष्मान भारत योजना तथा नियमित स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से आमजन को गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ प्राप्त हुईं। पर्यटन, नवाचार एवं रोजगार: युवाओं के लिए नए अवसर पर्यटन स्थलों के विकास एवं सुविधाओं के विस्तार से जिले की पर्यटन क्षमता को नई पहचान मिली। को-वर्किंग स्पेस, स्टार्टअप मीटअप एवं नवाचार गतिविधियों के माध्यम से युवाओं को उद्यमिता एवं रोजगार के नए अवसर प्राप्त हुए, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिली। राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान: धमतरी की बढ़ती प्रतिष्ठा वर्ष 2025 में जिले को प्रभावी क्रियान्वयन, पारदर्शी प्रशासन एवं नवाचार आधारित पहल के लिए राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्राप्त हुए। इन सम्मानों ने धमतरी को एक सुशासित, नवाचारी एवं प्रगतिशील जिले के रूप में राष्ट्रीय पहचान दिलाई।वर्ष 2025 धमतरी जिले के लिए संतुलित, समावेशी एवं दीर्घकालिक विकास का वर्ष सिद्ध हुआ। यह प्रगति केवल भौतिक अधोसंरचना तक सीमित न रहकर सामाजिक न्याय, मानव संसाधन विकास एवं आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में भी मील का पत्थर बनी। आने वाले वर्षों में ये उपलब्धियाँ धमतरी को समृद्ध, आत्मनिर्भर एवं आदर्श जिला बनाने की सुदृढ़ नींव रखेंगी।

Public Distribution System: Transparency in the PDS system, e-KYC facility available at all fair price shops.
Chhattisgarh

Public Distribution System : पीडीएस व्यवस्था में पारदर्शिता, सभी उचित मूल्य दुकानों में ई-केवायसी सुविधा उपलब्ध

रायपुर, 30 दिसंबर। Public Distribution System : छत्तीसगढ़ में वर्तमान में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत 82.18 लाख राशन कार्ड प्रचलित है। इन राशन कार्डों में पंजीकृत सदसस्यों की संख्या 2.73 करोड़ है। केन्द्र सरकार के निर्देश पर राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के वास्तविक हितग्राहियों को योजना का लाभ दिलाने के उददेश्य से ई-केवायसी का कार्य निरंतर जारी है। अब तक कुल पंजीकृत सदस्यों का 2.3 करोड़ याने 85 प्रतिशत सदस्यों का ई-केवायसी का काम पूर्ण हो चुका है। वास्तविक रूप से लगभग 30.32 लाख सदस्यों का ई-केवायसी हेतु शेष है। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि राज्य के सभी शासकीय उचित मूल्य के दुकानों में संचालित ई-पास मशीन में ई-केवायसी की सुविधा उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त भारत सरकार द्वारा जारी ‘‘मेरा ई-केवायसी’’ एप्प के माध्यम से भी ई-केवायसी किए जा सकते हैं। एप्प के माध्यम से ई-केवायसी करने हेतु एंड्रायड मोबाइल में गूगल प्ले स्टोर से एप्प डाउनलोड कर हितग्राही अपना आधार नंबर डालकर आधार ओटीपी के माध्यम से फेस ई-केवायसी कर सकते हैं। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में 14,040 शासकीय उचित मूल्य की दुकानें संचालित हो रही हैं और पंजीकृत राशन कार्डधारियों द्वारा अपनी पसंद के उचित मूल्य की दुकानों से राशन प्राप्त कर रहे हैं। वर्ष 2025 की अनुमानित जनसंख्या के अनुसार 89 प्रतिशत जनसंख्या का कव्हरेज हो रहा है। राशन वितरण को पारदर्शी बनाने के लिए आधार सिडिंग का कार्य भी किया जा रहा है। जिसके तहत् 99.7 प्रतिशत सदस्यों का आधार सीडिंग हो चुका है और 85 प्रतिशत ई-केवाईसी भी पूर्ण कर लिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि लगभग 2.73 करोड़ खाद्यान्न सुरक्षा के दायरे में आ चुके हैं, इन्हें नियमित रूप से खाद्यान्न सामग्री उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से वितरित की जा रही है। इनमें प्राथमिकता में शामिल 73 लाख से अधिक परिवारों को निःशुल्क तथा साढ़े आठ लाख गरीबी रेखा से ऊपर जीवन यापन करने वाले परिवारों को रियायती दर पर चावल उपलब्ध कराया जा रहा है। प्राथमिकता वाले परिवारांे को आयरन फोलिक एसिड तथा विटामिन बी-12 युक्त फोर्टिफाइड चावल वितरित किए जा रहे हैं। राज्य सरकार की महत्वकांक्षी नियद नेल्लानार योजना के तहत् बस्तर संभाग के 5 जिले बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, नारायणपुर एवं कांकेर के चयनित दूरस्त 402 ग्रामों के कुल 42,220 राशन कार्डधारियों को खाद्यान्न, चना, शक्कर, नमक व गुड़ का निःशुल्क वितरण किया जा रहा है।