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Five Day Weekend: End of Five Day Week in Chhattisgarh...! Starting from this department... see order copy here
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Five Day Weekend : छत्तीसगढ़ में पूर्ववर्ती सरकार में लागू 5 डे वीक खत्म…! इस विभाग से शुरुआत…यहां देखें आदेश Copy

रायपुर, 22 मई। Five Day Weekend : छत्तीसगढ़ सरकार ने पूर्ववर्ती शासनकाल में लागू की गई फाइव डे वीक (5 दिवसीय कार्य सप्ताह) प्रणाली को समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसकी पहली झलक पुलिस विभाग में देखने को मिली है, जहां पुलिस मुख्यालय रायपुर शनिवार को भी खुलेगा। डीजीपी अशोक जुनेजा के निर्देश पर अब पुलिस मुख्यालय में शनिवार को भी कार्यालयीन कार्य संचालित होंगे। कार्य समय और उपस्थिति पुलिस मुख्यालय रायपुर में अब सप्ताह में छह दिन कार्यालय खुलेगा। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) प्रशासन द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि कार्यालयीन कार्यों की महत्ता और उनकी संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए लंबित प्रकरणों के शीघ्र निपटारे के लिए शनिवार को भी उपस्थिति अनिवार्य होगी। अन्य विभागों पर प्रभाव पुलिस विभाग में शनिवार को कार्यालय खुलने के बाद, यह संभावना जताई जा रही है कि अन्य सरकारी विभागों में भी फाइव डे वीक प्रणाली समाप्त की जा सकती है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। इस बदलाव से सरकारी कर्मचारियों (Five Day Weekend) की कार्य क्षमता और उत्पादकता में वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, इस निर्णय के प्रभावों का मूल्यांकन समय के साथ किया जाएगा। प्रमुख घटनाएं रायगढ़ : कलेक्टर कार्यालय में बुधवार को निरीक्षण के दौरान 8 अधिकारी और 48 कर्मचारी सुबह 10 बजे तक उपस्थित नहीं पाए गए। सभी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और एक दिन का वेतन काटने की चेतावनी दी गई है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) : कलेक्टर के औचक निरीक्षण में 41 अधिकारी और कर्मचारी समय पर कार्यालय नहीं पहुंचे। 5 विभागों के कार्यालयों में ताले लगे पाए गए। कलेक्टर ने सभी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। जशपुर : यहां के अधिकांश सरकारी कार्यालयों में सुबह 10 बजे के बाद भी ताले लटके मिले। कर्मचारियों का कहना है कि वे 11 बजे के बाद आते हैं। बिलासपुर : कलेक्टर के निर्देश पर कोटा एसडीएम ने तीन प्रमुख कार्यालयों का निरीक्षण किया, जहां 33 कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। सभी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

Surajpur's DEO suspended...had demanded a bribe of Rs 2 lakh in lieu of releasing incentive money to a private school
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Teacher Reinstated After Molestation Allegation : 4 दिन में ‘पवित्र’ कैसे हो गया हेडमास्टर…? छात्रा से छेड़छाड़ के आरोपी शिक्षक की चौंकाने वाली बहाली…सीएम के निर्देशों की खुली उड़ाई जा रही धज्जियाँ…

बिलासपुर, 22 मई| Teacher Reinstated After Molestation Allegation : छत्तीसगढ़ में नाबालिग छात्राओं से अश्लील हरकत और छेड़छाड़ जैसे गंभीर आरोपों में निलंबित किए गए शिक्षकों को सिर्फ चार दिन में बहाल किया जा रहा है। सरकारी स्कूलों में बेटियों की सुरक्षा को लेकर जिस संवेदनशीलता की अपेक्षा की जाती है, वह फाइलों की चालाकी में दम तोड़ती नजर आ रही है। मुख्य खुलासे: रामकिशोर निर्मलकर, हेडमास्टर को “बैड टच” केस में 15 मई को निलंबित किया गया था, लेकिन 4 दिन में ही बहाल कर नए स्कूल में भेज दिया गया। डीईओ ऑफिस ने आरोपों की गंभीरता को दरकिनार कर, जांच लंबित रहने के बावजूद बहाली और पदस्थापना का आदेश जारी कर (Teacher Reinstated After Molestation Allegation)दिया। अशोक कुमार कुर्रे, एक अन्य शिक्षक, जिन पर एफआईआर दर्ज है, उन्हें भी बहाल कर स्कूल भेजा गया है। सीएम के निर्देशों की अनदेखी? मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पहले स्पष्ट रूप से कहा था कि बेटियों के साथ छेड़खानी के मामलों में सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन इस घटनाक्रम से प्रशासनिक तंत्र की मनोवृत्ति और लापरवाही सामने आई है। बेटियों के लिए डर का माहौल इस बहाली ने बच्चों के अभिभावकों में आक्रोश भर दिया (Teacher Reinstated After Molestation Allegation)है। परिजन सवाल कर रहे हैं – “क्या स्कूल अब सुरक्षित नहीं बचे?” सोशल मीडिया पर विरोध “4-Day Cleansing?”, “Betiyon ka kya hoga?” जैसे हैशटैग ट्विटर और फेसबुक पर ट्रेंड करने लगे हैं। कई महिला संगठनों ने डीईओ पर कार्रवाई की मांग की है।

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Basavaraju Naxal Encounter : अबूझमाड़ में खत्म हुआ ‘रेड टेरर’ का अध्याय…बसवराजु की मौत से टूटी माओवाद की कमर…शवों को एयरलिफ्ट कर ले जाया जा रहा जिला मुख्यालय…

रायपुर/नारायणपुर, 22 मई 2025| Basavaraju Naxal Encounter : छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ जंगलों में हुए ऑपरेशन ने नक्सली नेटवर्क की रीढ़ तोड़ दी है। बसवराजु जैसे कुख्यात शीर्ष माओवादी नेता का एनकाउंटर महज एक कामयाबी नहीं, बल्कि यह विचारधारा के आतंक पर निर्णायक प्रहार है। मुठभेड़ में 27 नक्सलियों का ढेर, दो जवानों की शहादत, और सुरक्षाबलों की जीत के जश्न ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब माओवादी नेटवर्क अपनी रणनीतिक ताकत और मनोबल — दोनों में कमजोर हो रहा है। इस रिपोर्ट की खास बातें: बसवराजु की मौत माओवादियों के लिए वैचारिक और संगठनात्मक दोनों मोर्चों पर बड़ा झटका है। ऑपरेशन में DRG (District Reserve Guard) की भूमिका बेहद निर्णायक (Basavaraju Naxal Encounter)रही। ये वह फोर्स है, जो नक्सलियों की भाषा, चाल और जंगलों की पहचान रखती है — और उन्हें उन्हीं की शैली में मात देती है। DRG में वे भी शामिल हैं जो कभी नक्सली थे और अब हथियार छोड़ कर राष्ट्र की रक्षा में लगे हैं। शहादत देने वाले दो वीर जवानों को नारायणपुर जिला मुख्यालय में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। ग्राउंड वीडियो वायरल: एक वायरल वीडियो में जवानों को शव बरामद करते और विजय का उत्सव मनाते देखा जा सकता है। यह सिर्फ ऑपरेशन की जीत नहीं, आत्मविश्वास की वापसी का प्रतीक है। विशेष विश्लेषण: क्या खत्म हो रहा है नक्सल नेटवर्क? विशेषज्ञों के मुताबिक बसवराजु की मौत से माओवादियों के कमांड एंड कंट्रोल में बड़ा शून्य पैदा हुआ है। उसके बाद मारे गए 5 और नक्सली यह संकेत देते हैं कि संगठन अब डिफेंसिव मोड में आ चुका (Basavaraju Naxal Encounter)है। DRG: जनता से निकली, जनता की सुरक्षा में लगी फोर्स स्थानीय युवाओं से बनी यह यूनिट जंगल की भाषा, गंध और रणनीति को समझती है कई DRG जवान पूर्व नक्सली हैं – वे नक्सल मानसिकता को अंदर से जानते (Basavaraju Naxal Encounter)हैं DRG की सफलता, ‘लोकल बनाम लोकल’ मॉडल की जीत है

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DGP Office Circular Chhattisgarh : सिर्फ छुट्टी नहीं…सिस्टम में सख्ती का संकेत…डीजीपी के आदेश से बदल रही है वर्क कल्चर की परिभाषा…देखें आदेश…

रायपुर, 22 मई| DGP Office Circular Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में शनिवार की छुट्टी खत्म होने का फैसला केवल ड्यूटी शेड्यूल का मामला नहीं है — यह प्रशासनिक अनुशासन और जवाबदेही की एक नई लकीर खींचने की शुरुआत भी मानी जा रही है। पुलिस मुख्यालय (PHQ) से जारी सर्कुलर में डीजीपी के निर्देश पर शनिवार को भी पूरे स्टाफ की उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है। यह आदेश न केवल पुलिस कर्मियों को प्रभावित करेगा, बल्कि सरकारी कामकाज की सोच और कार्यसंस्कृति में बदलाव का संकेत भी देता है। क्या है आदेश का असली मतलब? पत्र में कहा गया है कि प्रकरणों के समय-सीमा में निराकरण के लिए सप्ताह का हर कार्यदिवस जरूरी है। इसीलिए अब शनिवार को भी पुलिस मुख्यालय और अधीनस्थ शाखाएं चालू (DGP Office Circular Chhattisgar)रहेंगी। एडीजी और एआईजी स्तर के अधिकारियों को खुद मौजूद रहकर सभी शाखाओं की मॉनिटरिंग का निर्देश दिया गया है। यह केवल एक ‘ऑफिशियल कम्युनिकेशन’ नहीं, बल्कि उस सोच का हिस्सा है जहां सरकार “वर्क लाइफ बैलेंस” से ज्यादा “वर्क कमिटमेंट” पर ज़ोर देती दिख रही है। वर्क–कल्चर शिफ्ट: क्या यही है नया प्रशासनिक टेम्पलेट? विशेषज्ञ मानते हैं कि यह फैसला वर्क कल्चर रिफॉर्म की दिशा में पहला सख्त कदम है। पहले ही मंत्रालय और एचओडी कार्यालयों में शनिवार को अधिकारी नियमित रूप से उपस्थित हो रहे (DGP Office Circular Chhattisgarh)हैं। अब इस व्यवस्था को धीरे-धीरे जनसेवा से जुड़े अन्य विभागों तक ले जाने की तैयारी भी हो सकती है। जनता के लिए कितना फायदेमंद? शुक्रवार को अधूरे कामों को लेकर जो असुविधा होती है, वह अक्सर सोमवार तक खिंच जाती है। यदि कलेक्ट्रेट, राजस्व और जनसेवा कार्यालय शनिवार को भी खुले (DGP Office Circular Chhattisgarh)रहेंगे, तो जनता को राहत मिल सकती है। यानी, छुट्टी तो गई—but सेवाओं की उपलब्धता बढ़ेगी।

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Officer Transfers in Chhattisgarh 2025 : छत्तीसगढ़ में अफसरों की नई तैनाती फेरबदल…ये है लिस्ट…

रायपुर, 21 मई। Officer Transfers in Chhattisgarh 2025 : छत्तीसगढ़ शासन द्वारा को किए गए प्रशासनिक फेरबदल को केवल रूटीन ट्रांसफर मानना इस बार शायद जल्दबाज़ी होगी। यह फेरबदल उस रणनीतिक सोच का हिस्सा माना जा सकता है, जिसके तहत राज्य सरकार अपने विभागों में नए संतुलन और ऊर्जा का संचार करना चाहती है। सामान्य प्रशासन विभाग ने जिन दो अवर सचिव और तीन अनुविभागीय अधिकारियों का स्थानांतरण किया है, उन्हें उन विभागों में तैनात किया गया है, जो विकास, शिक्षा और रोजगार जैसे प्राथमिक क्षेत्रों से जुड़े हैं। यह एक तरह से संकेत भी (Officer Transfers in Chhattisgarh 2025)है कि सरकार उन विभागों में अनुभवी और प्रभावी अधिकारियों को आगे लाकर नीतिगत निष्पादन में तेजी लाना चाहती है। ये हैं वह प्रमुख बदलाव जो इशारा कर रहे नई दिशा की ओर: दीपशिखा भगत अब स्कूल शिक्षा विभाग में नियुक्त की गई हैं — जहां शैक्षणिक गुणवत्ता और अवसंरचना सुधार की बड़ी जिम्मेदारी है। शोभरण सिंह चौरागढ़े को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग भेजा गया है — जो सरकार की जमीनी योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कुसुम कांत अब कौशल विकास से हटकर स्कूल शिक्षा में योगदान (Officer Transfers in Chhattisgarh 2025)देंगी — यह शिक्षा क्षेत्र में दक्ष प्रबंधन की जरूरत को दर्शाता है। आनंद शुक्ला को वित्त विभाग से स्थानांतरित कर सामान्य प्रशासन विभाग में लाया गया है, जिससे विभागीय समन्वय और दक्षता को बढ़ावा मिलेगा। केनस नायक को तकनीकी शिक्षा और रोजगार विभाग में भेजा गया है — यह रोजगार सृजन को लेकर सरकार की मंशा को दर्शाता है।

Developing India-The Security Dimension: PM to attend the 60th All India Conference of Directors General/Inspectors General of Police in Raipur on 29-30 November
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DRG Operation : नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक प्रहार…! खूंखार नक्सली नेता की मौत पर PM मोदी ने छत्तीसगढ़ ऑपरेशन को ‘असाधारण सफलता’ बताया…यहां देखें Tweet

नारायणपुर, 21 मई। DRG Operation : छत्तीसगढ़ पुलिस की जिला रिजर्व गार्ड (DRG) ने अबूझमाड़ क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण ऑपरेशन के दौरान 27 नक्सलियों को ढेर कर दिया है, जिनमें कुख्यात नक्सल नेता नंबाला केशव राव (उर्फ़ बसवराज) भी शामिल हैं। नंबाला केशव राव पर 1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था और वह 2010 में 75 CRPF जवानों की शहादत और 2013 के जीरम घाटी नरसंहार का मास्टरमाइंड था। इस ऑपरेशन में सुरक्षाबलों ने AK-47 राइफल, विस्फोटक सामग्री और अन्य हथियारों को भी बरामद किया है। यह मुठभेड़ छत्तीसगढ़ के नारायणपुर और दंतेवाड़ा जिलों के बॉर्डर पर स्थित अबूझमाड़ क्षेत्र में हुई, जो नक्सल गतिविधियों के लिए जाना जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ऑपरेशन की सराहना करते हुए इसे ‘असाधारण सफलता’ करार दिया और सुरक्षाबलों की बहादुरी और समर्पण की सराहना की। यह ऑपरेशन नक्सल नेटवर्क की रीढ़ पर करारा प्रहार है और छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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Naxalites Encounter : अबूझमाड़ में डीआरजी का बड़ा ऑपरेशन…20 नक्सली ढेर…टॉप लीडर्स घेरे में…

नारायणपुर, 21 मई| Naxalites Encounter: छत्तीसगढ़ के घने और दुर्गम अबूझमाड़ क्षेत्र में सोमवार को डीआरजी (District Reserve Guard) जवानों ने नक्सलियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस भीषण मुठभेड़ में कम से कम 20 नक्सली मारे गए हैं, जिनमें कुछ शीर्ष कमांडर भी हो सकते हैं। क्या है पूरा मामला? नारायणपुर, बीजापुर, दंतेवाड़ा और कोंडागांव जिलों की संयुक्त टीम ने माड़ क्षेत्र में सुबह से चल रही मुठभेड़ में नक्सलियों को चारों ओर से घेर लिया (Naxalites Encounter)है। गोलीबारी अभी भी जारी है और मारे गए नक्सलियों की संख्या बढ़ सकती है। ऑपरेशन की अहम बातें: संलिप्त बल: नारायणपुर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, कोंडागांव की डीआरजी टीमें लक्ष्य: टॉप नक्सली (Naxalites Encounter)लीडर्स 🧭 स्थान: माड़, अबूझमाड़ इलाका (नारायणपुर ज़िला) समय: मुठभेड़ सुबह से जारी स्थिति: लगातार गोलीबारी, हाई अलर्ट

Amendment: Big decision of Chhattisgarh government...! Partial amendment in corporations and commissions...new division of responsibilities...they got important responsibilities
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Amendment : छत्तीसगढ़ शासन का बड़ा फैसला…! निगम-आयोगों में आंशिक संशोधन…जिम्मेदारियों का नया बंटवारा…इन्हें मिली अहम जिम्मेदारी

रायपुर, 20 मई। Amendment : छत्तीसगढ़ शासन द्वारा निगम आयोगों में पूर्व में प्रस्तावित नियुक्तियों में आंशिक संशोधन करते हुए चार महत्वपूर्ण पदों पर नई नियुक्तियों की घोषणा की गई है। यह निर्णय राज्य प्रशासनिक संरचना को और अधिक मजबूत करने तथा जनहित से जुड़ी संस्थाओं के संचालन में गति लाने के उद्देश्य से लिया गया है। नव नियुक्त पदाधिकारी और उनके पद: मुख्यमंत्री की शुभकामनाएं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी नव नियुक्त पदाधिकारियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने विश्वास जताया है कि सभी सदस्य अपनी जिम्मेदारियों का पूर्ण निष्ठा, पारदर्शिता और प्रतिबद्धता के साथ निर्वहन करेंगे और राज्य के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। संगठनों के सशक्तिकरण की दिशा में कदम इन नियुक्तियों से यह स्पष्ट है कि राज्य सरकार प्रशासनिक संस्थाओं को सक्रिय और जवाबदेह बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। नई जिम्मेदारियों के साथ ये पदाधिकारी समाज के विविध वर्गों, विशेष रूप से हस्तशिल्प, पिछड़ा वर्ग, सहकारिता और उद्योग क्षेत्रों में नवाचार और समावेशी विकास (Amendment) को बढ़ावा देंगे। संक्षेप में:

CG School Yuktiyuktkaran : Merger of schools with low student numbers...! See the list of merged schools here
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Big Allegation : पद का दुरुपयोग और दस्तावेजों में हेराफेरी…! पूर्व शिक्षा संचालक डॉ. एसएन आदिले के खिलाफ कोर्ट में चालान

रायपुर/जगदलपुर, 20 मई। Big Allegation : स्वास्थ्य विभाग के तत्कालीन शिक्षा संचालक डॉ. एसएन आदिले के खिलाफ 19 साल पुराने फर्जी प्रवेश मामले में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। 14 मई को इस मामले में कोर्ट में करीब 100 पन्नों का चालान पेश किया गया है। 19 साल बाद खुला फर्जी मेडिकल एडमिशन का राज चालान में खुलासा हुआ है कि वर्ष 2006 में डॉ. आदिले ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए दस्तावेजों में हेराफेरी कर एक अभ्यर्थी को जगदलपुर मेडिकल कॉलेज में गलत तरीके से प्रवेश दिलवाया था। जानकारी के अनुसार, मामले की जांच लंबे समय से चल रही थी, जिसमें यह पाया गया कि प्रवेश प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी की गई और प्रमाण-पत्रों में हेरफेर किया गया। दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर अभ्यर्थी को पात्र दिखाया गया, जबकि वह पात्रता की शर्तों पर खरा नहीं उतरता था। जांच रिपोर्ट के आधार पर अब कोर्ट में चालान पेश किया गया है। बताया जा रहा है कि दस्तावेजों (Big Allegation) में की गई गड़बड़ी और पद का दुरुपयोग कर सरकारी व्यवस्था को धोखा देने जैसे गंभीर आरोपों में डॉ. आदिले के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी है। इस प्रकरण से शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं, खासकर तब जब इतने वर्षों बाद न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। फिलहाल कोर्ट में अगली सुनवाई की तारीख तय की जा रही है। इस मामले में आगे क्या रुख अपनाया जाएगा और क्या डॉ. आदिले के खिलाफ गिरफ्तारी की कार्रवाई होगी, बहरहाल, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। फर्जी एडमिशन मामले में 25 गवाह डॉ. एसएन आदिले के खिलाफ 2006 के फर्जी मेडिकल प्रवेश मामले (Big Allegation) में पुलिस ने कोर्ट में लगभग 100 पन्नों का चालान पेश किया है। चालान में 25 लोगों को गवाह बनाया गया है। अब कोर्ट जल्द ही मामले की सुनवाई शुरू करेगा। डॉ. आदिले सहित अन्य आरोपियों को समन जारी कर अदालत में पेश होने के लिए कहा जाएगा। सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष के तर्कों के साथ साक्ष्यों की जांच की जाएगी।

Scholarship Portal: Chhattisgarh government's order...! Scholarship will not be given without Aadhar linked bank account... Click on the link given here
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Scholarship Portal : छत्तीसगढ़ सरकार का आदेश…! बिना आधार लिंक बैंक खाता नहीं मिलेगी छात्रवृत्ति…यहां दिए Link पर Click करें

रायगढ़, 19 मई। रायपुर। Scholarship Portal : छत्तीसगढ़ राज्य शासन ने छात्रवृत्ति वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए एक अहम फैसला लिया है। अब कक्षा तीसरी से 10वीं तक के समस्त शासकीय, अशासकीय और अनुदान प्राप्त विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ प्राप्त करने के लिए बैंक खाते को आधार से लिंक कराना अनिवार्य होगा। आधार आधारित भुगतान प्रणाली लागू राज्य शासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, राज्य छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत अब सभी पात्र छात्रों को आधार सीडेड बैंक खातों के माध्यम से ही छात्रवृत्ति राशि भेजी जाएगी। इससे छात्रवृत्ति सीधे छात्रों के खातों में पहुंचेगी और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना को रोका जा सकेगा। अधिक जानकारी यहां मिलेगी विद्यार्थी और अभिभावक इस योजना की विस्तृत जानकारी के लिए स्कॉलरशिप पोर्टल पर (Scholarship Portal) लॉगिन कर सकते हैं। पोर्टल पर छात्रवृत्ति की पात्रता, प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेजों से संबंधित सभी जानकारियां उपलब्ध हैं। शिक्षा अधिकारियों को निर्देश इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला शिक्षा अधिकारियों ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों, प्राचार्यों और प्रधान पाठकों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र के सभी पात्र छात्रों के बैंक खाते जल्द से जल्द आधार से लिंक करवा लें। महत्वपूर्ण सूचना यदि छात्रों के बैंक खाते आधार से लिंक नहीं होंगे, तो उन्हें छात्रवृत्ति का लाभ नहीं मिल पाएगा। ऐसे में विद्यार्थियों और अभिभावकों से आग्रह है कि वे जल्द से जल्द यह कार्य पूर्ण करें।