बिलासपुर, 29 अगस्त। CG Cabinet : छत्तीसगढ़ सरकार की कैबिनेट में वर्तमान में शामिल 14 मंत्रियों की संख्या को असंवैधानिक बताते हुए एक जनहित याचिका हाईकोर्ट में दाखिल की गई है। इस याचिका पर सोमवार को मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच में सुनवाई हुई।
याचिका में क्या है दावा?
याचिकाकर्ता ने कोर्ट के समक्ष यह तर्क रखा कि राज्य की जनसंख्या और संविधान के अनुच्छेद 164(1A) के अनुसार, मंत्रियों की संख्या कुल विधानसभा सदस्यों के 15% से अधिक नहीं हो सकती। याचिका में दावा किया गया है कि छत्तीसगढ़ में इस सीमा का उल्लंघन हुआ है।
कोर्ट की टिप्पणी और निर्देश
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने याचिका के जनहित के उद्देश्य को स्पष्ट करने की आवश्यकता जताई और याचिकाकर्ता से कहा कि वह शपथ पत्र के माध्यम से समाजसेवा में किए गए अपने कार्यों का विवरण प्रस्तुत करें।
वहीं कोर्ट ने राज्य शासन से भी जवाब मांगा है और निर्देश दिया कि अगली सुनवाई तक शपथ पत्र के रूप में अपना पक्ष प्रस्तुत किया जाए।
डिवीजन बेंच का पुराना निर्णय बना आधार
याचिकाकर्ता ने इस जनहित याचिका के समर्थन में डिवीजन बेंच के एक पूर्व निर्णय को आधार बनाया है, जिसमें संविधान की निर्धारित सीमाओं का पालन अनिवार्य बताया गया था।
मंगलवार को अगली सुनवाई
इस मामले की अगली सुनवाई मंगलवार को होगी। माना जा रहा है कि तब तक याचिकाकर्ता और राज्य शासन दोनों अपना लिखित पक्ष कोर्ट में प्रस्तुत करेंगे।
यह मामला छत्तीसगढ़ की वर्तमान राजनीतिक व्यवस्था (CG Cabinet) और संविधान के अनुच्छेद 164(1A) की व्याख्या को लेकर एक अहम कानूनी बहस का रूप ले सकता है। अदालत का फैसला आने वाले दिनों में राज्य सरकार की कैबिनेट संरचना को प्रभावित कर सकता है।