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रायपुर, 27 फरवरी। ED Office : छत्तीसगढ़ के कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में ED के अफसरों ने दो दिन पहले दबिश दी थी और जहां प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह से बंद कमरे के पूछताछ की जा रही थी। वहीं आज गेंदू ED दफ्तर पहुंचे हैं। वहीं उन्होने पूछताछ में पूरा सहयोग करने की बात कही है।

ईडी के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के शासनकाल के दौरान साल 2019 से 2022 तक लाइसेंसी शराब दुकानों पर डुप्लिकेट होलोग्राम लगाकर बड़ी मात्रा में अवैध शराब बेची जाती थी, जिसके चलते छत्तीसगढ़ के राजस्व विभाग को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ (ED Office :)था।

उस दौरान शराब को स्कैनिंग से बचाने के लिए नकली होलोग्राम भी लगाया जाता था, ताकि वह किसी की पकड़ में न आ सके। इस होलोग्राम को बनाने के लिए घोटाले में संलिप्त लोगों ने उत्तर प्रदेश के नोएडा में होलोग्राफी का काम करने वाली PHSE (प्रिज्म होलोग्राफी सिक्योरिटी फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड) कंपनी को टेंडर दिया था।

ईडी ने अपनी जांच के बाद यह बताया है कि यह कंपनी होलोग्राम बनाने के लिए पात्र नहीं थी, फिर भी नियमों में संशोधन करके यह टेंडर उसी कंपनी को दे दिया गया था। ईडी के टेंडर दिलाने के एवज में कंपनी के मालिक से भारी कमीशन लिया गया (ED Office :)था। यह जानकारी सामने आने के बाद जब कंपनी के मालिक विधु गुप्ता को ईडी ने गिरफ्तार किया तो उसने कांग्रेस सरकार में CSMCL में एमडी अरुणपति त्रिपाठी, बिजनेसमैन अनवर ढेबर और अनिल टुटेजा का नाम लिया।

ED ने जब इन तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया, तो मामले में और भी खुलासे होने लगे। इसके बाद साल 2024 के अंत में कांग्रेस विधायक और पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा का नाम सामने आया। सूत्रों के मुताबिक ED की जांच में पता चला है कि कवासी लखमा को शराब घोटाले से पीओसी (प्रोसीड ऑफ क्राइम) से हर महीने कमिशन मिलाता (ED Office :)था।

ईडी के राजीव भवन पहुंचने के मामले में कांग्रेस प्रभारी महामंत्री मलकित सिंग गेंदू ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारी राजीव भवन पहुंचे थे। उन्होंने सुकमा जिले के राजीव भवन के निर्माण को लेकर कई जानकारिया मांगी गई। ईडी अफसरों ने समन देकर 27 तारीख तक जवाब मागा है। हमारे पास सभी दस्तावेज मौजूद हैं। जिसे जवाब के साथ दिया जाएगा।

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