रायपुर, 27 फरवरी। Liquor Scam : छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में कांग्रेस नेताओं की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। मंगलवार को ईडी की टीम ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में दबिश दी उसके बाद देर रात कांग्रेस नेताओं की अहम बैठक हुई। हालांकि इस बैठक में जो फैसले लिए उसके बारे में किसी नेता ने जानकारी नहीं दी। उधर शराब घोटाले में तत्कालीन आबकारी मंत्री लखमा के घर से मिले दस्तावेज और डायरी के आधार पर ईडी ने जांच तेज कर दी है। कांग्रेस भवन पहुंच चुकी एजेंसी अब सुकमा और कोंटा में राजीव भवन बनाने वाले ठेकेदार की तलाश कर उससे पूछताछ करने की तैयारी में है।
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दोनों जगह भ्रष्टाचार के पैसे से बने पार्टी कार्यालय
ईडी का दावा है कि भ्रष्टाचार के पैसे से दोनों जगह पार्टी का कार्यालय (Liquor Scam) बनाया गया है। निर्धारित बजट से ज्यादा खर्च किया गया है। यह पैसा तत्कालीन मंत्री ने दिया है। ईडी ठेकेदार के माध्यम से इसकी कड़ी जोड़ना चाहती है। ठेकेदार ही बता पाएगा कि उसे किसने ठेका दिलाया है? कब-कब और किस माध्यम से उसे भुगतान हुआ है? उसने कितने में ठेका लिया था? निर्माण में कितना अतिरिक्त खर्च किया गया है? चर्चा है कि दोनों जगह पार्टी कार्यालय रायपुर के ठेकेदार ने बनाया है, जिसका नाम विक्रम पांडेय बताया जा रहा है।
हालांकि इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं है। इसलिए ईडी ने कांग्रेस से ही ठेकेदार का नाम व पता मांगा है। इसके अलावा जानकारी मांगी है कि दोनों जगह जमीन की खरीदी कब हुई है? निर्माण के लिए किसे ठेका दिया गया था? इसमें कितने का अतिरिक्त खर्च हुआ है? खरीदी और निर्माण के लिए फंड कहां से आया? पैसों का सोर्स क्या था? कांग्रेस पार्टी से जवाब मिलने के बाद ईडी ठेकेदार को तलब करेगी। हालांकि ईडी ट्रांजेक्शन की जानकारी निकाल रही है। ईडी पड़ताल कर रही है कि जिसने भी भवन बनाया है, वह किस नेता से जुड़ा हुआ है। बताया गया कि कवासी के बेटे का घर भी इसी ठेकेदार ने बनाया था।
पौने दो करोड़ से ज्यादा खर्च
सुकमा में चर्चा है कि सुकमा और कोंटा में राजीव भवन के निर्माण में पौने दो करोड़ रुपए खर्च हुए है। ठेकेदार को सुकमा में भवन निर्माण के लिए 1.36 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है, जबकि कोंटा के लिए 50 लाख रुपए दिया गया है। जिस ठेकेदार ने सुकमा व कोंटा में पार्टी कार्यालय बनाया है। उसने बस्तर संभाग के कुछ और जिलों में भी पार्टी कार्यालय का निर्माण किया है। उस संबंध में भी ईडी ने जांच शुरू कर दी है।
4 मार्च को कोर्ट में पेश होंगे कवासी
तत्कालीन आबकारी मंत्री कवासी लखमा को 16 जनवरी को ईडी ने गिरफ्तार किया है। पूछताछ के लिए ईडी ने कुछ दिन उन्हें रिमांड पर रखा। फिर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। तब से रायपुर केंद्रीय जेल में बंद है। उन्हें 4 मार्च को कोर्ट में पेश किया जाएगा। उनके साथ जेल में रिटायर आईएएस अनिल टुटेजा, आईटीएस अरुणपति त्रिपाठी, कारोबारी अनवर ढेबर समेत 7 लोग बंद है।
कांग्रेस के बड़े नेताओं की बैठक
वहीं, पीसीसी चीफ दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डॉ.चरणदास महंत के बंगले देर रात पहुंचे। इस दौरान सिंहदेव, चौबे, धनेन्द्र साहू, अकबर, जयसिंह अग्रवाल, उमेश पटेल समेत तमाम नेता वहां मौजूद थे। डेढ़ घंटे की बैठक में गैदू से कहा गया है कि जिन बिंदुओं पर ईडी ने जवाब मांगा है दस्तावेज के साथ जवाब प्रस्तुत करें। आगे की रणनीति शुक्रवार को होने वाली प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में तय की जाएगी।
जवाब देने आज ईडी दफ्तर जाएंगे गैदू
ईडी के समन का जवाब देने गुरुवार सुबह 10:30 बजे कांग्रेस के (Liquor Scam) प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू सुभाष स्टेडियम स्थित ईडी मुख्यालय जाएंगे। ईडी के समन में सुकमा व कोंटा में हुए निर्माण का जिक्र है। दूसरी ओर, कांग्रेसियों का कहना है कि इन दोनों जगह पार्टी कार्यालय का निर्माण तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम के समय हुआ है। उस समय प्रभारी महामंत्री कोई और था।