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मेरठ, 03 अप्रैल| Meerath Hatyakand : मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में आरोपी मुस्कान और साहिल की आज 14 दिन की ज्यूडिशियल कस्टडी की समय सीमा आज पूरी हो गई, जिसके चलते चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के सामने दोनों की पेशी थी। सुरक्षा के मद्देनजर दोनों को मेरठ न्यायालय में आज नहीं लाया गया।

अपितु दोनों को मेरठ जिला कारागार से ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जज के सामने पेश किया गया। यह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट में हुई, जहां से कोर्ट ने इन दोनो की ज्यूडिशियल कस्टडी को और 14 दिन के लिए बढ़ा दिया है, अब दोनों की अगली पेशी 15 अप्रैल को होगी|

जेल सुपरीटेंडेंट डॉ. वीरेश राज ने मीडिया को बताया कि मुस्कान और साहिल दोनों पेशी के समय आमने-सामने आए। ऐसे में करीब दो हफ्ते बाद सौरभ के ‘कातिल’ एक दूसरे से मिले। उन्होंने एक दूसरे को देखा और भावुक हो गए लेकिन दोनों के बीच कोई बात नहीं हुई।

जेल में सिलाई सीख रही मुस्कान, साहिल कर रहा खेती

मुस्कान और साहिल जेल की अलग-अलग बैरक में रखे गए हैं। दोनों लगातार जेल प्रशासन से पास-पास की बैरक में रहने की मांग कर रहे हैं। साथ ही दोनों ने एक बार मिलकर बात करने की गुजारिश भी जेल प्रशासन से की है। मुस्कान जेल में सिलाई सीख रही है जबकि साहिल खेती का काम कर रहा है।

बता दें कि मेरठ के ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र के इंदिरा नगर में 3 मार्च की रात को सौरभ राजपूत की हत्या उसकी पत्नी मुस्कान और प्रेमी साहिल ने कर दी (Meerath Hatyakand)थी। सौरभ हत्याकांड ने लोगों को हिलाकर रख दिया है।

सौरभ की पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला ने सौरभ की हत्या कर शव के टुकड़े किए और उसे एक ड्रम में रखकर सील कर दिया था। इस मामले में ऐसे-ऐसे खुलासे हो रहे हैं जिसे सुनकर रूप कांप जाती है। पुलिस इस मामले की तहकीकात में जुटी हुई है।

नवंबर में रची गई थी हत्या की साजिश

मुस्कान और साहिल ने सौरभ को मारने की साजिश पहली बार पिछले वर्ष नवंबर में रची गई थी और साहिल ने इसमें साथ देने का इरादा जाहिर किया। फरवरी में सौरभ को भारत लौटना था और तभी इस खतरनाक साजिश को अंजाम देने का इरादा किया गया।

मुस्कान ने स्थानीय दवा की दुकान से प्रतिबंधित दवाएं खरीदी और दुकानदार को बताया कि वह तनाव से राहत पाने के लिए इन दवाओं इस्तेमाल (Meerath Hatyakand)करेगी। सूत्रों ने बताया कि 25 फरवरी को सौरभ की हत्या की पहली कोशिश की गई लेकिन वह नाकाम रही।

सौरभ को प्रतिबंधित दवा खिलाई गई लेकिन वह बेहोश नहीं हुआ लेकिन चार मार्च को यह तरकीब काम कर गई। फिर मुस्कान ने साहिल के साथ मिलकर सौरभ की चाकू घोंपकर हत्या कर दी और अपराध को छिपाने के प्रयास में शव के टुकड़े-टुकड़े कर दिए। हत्या से पहले ही मुस्कान ने अपनी छह वर्षीय बेटी को उसकी दादी के घर भेज दिया था।