Department of AYUSH द्वारा संचालित हो रहे चार राष्ट्रीय कार्यक्रम, लोगों को मिल रहा लाभ, आयुर्विद्या, सुप्रजा, कारूण्य-पैलिएटिव केयर एवं ऑस्टियोआर्थराइटिस कार्यक्रमों के माध्यम से मरीजों को मिल रही गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवा

रायपुर, 26 मई। Department of AYUSH : आयुष विभाग द्वारा चार प्रमुख राष्ट्रीय आयुष कार्यक्रमों का सफल संचालन किया जा रहा है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से स्कूली बच्चों, गर्भवती माताओं, नवजात शिशुओं, असाध्य रोगों से ग्रसित रोगियों एवं जोड़ों व मांसपेशियों संबंधी विकारों से पीड़ित लोगों को आयुर्वेद पद्धति से चिकित्सा एवं देखभाल की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

राष्ट्रीय आयुष कार्यक्रम ‘आयुर्विद्या‘ के तहत स्कूली बच्चों में आयुर्वेद के प्रति जागरूकता उत्पन्न करते हुए उनकी जीवनशैली में सुधार लाने का प्रयास किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों की स्वास्थ्य जांच, योग के प्रति प्रशिक्षण एवं आयुर्वेद विषयक जागरूकता व्याख्यान पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है। साथ ही विद्यार्थियों को औषधीय उद्यान एवं आयुर्वेद चिकित्सालयों के भ्रमण की सुविधा भी दी जा रही है, जिससे उनमें आयुष पद्धति के प्रति रुचि उत्पन्न हो सके।

इसी प्रकार राष्ट्रीय आयुष कार्यक्रम सुप्रजा के अंतर्गत गर्भवती माताओं की देखभाल, उचित गर्भिणीचर्या, नवजात एवं शिशु की देखभाल के साथ-साथ ए.एन.सी., पी.एन.सी. एवं गर्भ संस्कार के माध्यम से सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।  इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आयुर्वेदिक पद्धति से माताओं एवं शिशुओं के स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाना है, जिससे एक स्वस्थ पीढ़ी का निर्माण हो सके।

राष्ट्रीय कार्यक्रम ‘‘कारूण्य-पैलिएटिव केयर‘‘ (प्रशामक देखभाल) एक ऐसा संवेदनशील दृष्टिकोण है, जो जीवन-घातक बीमारियों से जूझ रहे रोगियों एवं उनके परिजनों की शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक समस्याओं की प्रारंभिक पहचान कर उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाता है। इस कार्यक्रम के तहत चिकित्सकों एवं कर्मचारियों की टीम द्वारा घर-घर जाकर असाध्य रोगियों का उपचार एवं देखभाल की जा रही है। यह कार्यक्रम मानवीय दृष्टिकोण से अत्यंत संवेदनशील एवं समाजोपयोगी सिद्ध हो रहा है तथा रोगियों के परिजनों के लिए भी एक बड़ा संबल बना है।

वहीं ऑस्टियोआर्थराइटिस एवं मस्कुलोस्केलेटल डिसऑर्डर कार्यक्रम जोड़ों एवं मांसपेशियों संबंधी विकारों से पीड़ित लोगों के लिए संचालित एक विशेष पहल है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य मरीजों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाना तथा उन्हें जोड़ों व मांसपेशियों की समस्याओं के प्रभावी प्रबंधन में सहायता प्रदान करना है। उल्लेखनीय है कि आयुष विभाग द्वारा निरंतर शिविरों, जन-जागरूकता अभियानों एवं घर-घर पहुंच सेवाओं के माध्यम से इन कार्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।

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