नई दिल्ली, 05 अप्रैल। Ram Navami 2025 : वाल्मीकि रामायण के मुताबिक राजा दशरथ के यहां श्रीराम का जन्म हुआ था| श्रीराम राजा दशरथ और माता कौशल्या के पुत्र थे और भाइयों में सबसे बड़े थे| पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर श्रीराम का जन्म हुआ था और इस चलते हर साल इस तिथि पर रामनवमी मनाई जाती है|
रामनवमी पर पूरे मनोभाव से श्रीराम की पूजा की जाती है| रामलला का जन्म कर्क लग्न और पुनर्वसु नक्षत्र में मध्य दोपहर में हुआ था और इस चलते दोपहर के समय भगवान राम की पूजा का शुभ मुहूर्त पड़ता (Ram Navami 2025)है| इस साल रामनवमी 6 अप्रैल, रविवार के दिन पड़ रही है| ऐसे में यहां पढ़िए रामनवमी पर श्रीराम की पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजा सामग्री और पूजा मंत्र|
रामनवमी की पूजा का शुभ मुहूर्त
रामलला की पूजा का शुभ मुहूर्त रामनवमी के दिन कुल ढाई घंटे का होने वाला है। पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 11 बजे से शुरू होगा और दोपहर 1:35 बजे तक रहेगा। इस समयावधि में रामनवमी की पूजा संपन्न की जा सकती है|
रामनवमी की पूजा सामग्री और विधि
रामनवमी की पूजा करने के लिए भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी की मूर्तियों को चौकी पर सजाएं। सभी पर जल और पंचामृत चढ़ाएं। अब सभी पर चंदन, रोली और फूल (Ram Navami 2025)चढ़ाएं। इसके बाद धूप-दीप जलाएं। अब मौसमी फल चढ़ाएं और नैवेद्य लगाएं।
पूजा सामग्री में केतकी के फूल, चंपा, मालती, कमल, गेंदा, गुलाब और कुंद के फूल शामिल किए जा सकते हैं। इसके साथ ही तुलसी, बिल्वपत्र, कुशा, शमी और भृंगराज के पत्ते पूजा सामग्री में शामिल कर सकते हैं।
पूजा सामग्री को श्रीराम के समक्ष अर्पित करने के बाद आरती करें और मंत्रों का जाप करें। श्रीरामचरितमानस की चौपाइयों का पाठ करना भी इस दिन बेहद शुभ माना जाता है।
श्रीराम के मंत्रों का जाप करने के लिए उत्तर या पूर्व दिशा में मुंह करके बैठें। पीले या सफेद आसन पर बैठकर तुलसी की माला से जाप करना बेहद शुभ माना जाता है।
इस दिन किस रंग के वस्त्र पहनें
रामनवमी पर सफेद या पीले रंग के वस्त्र पहनने शुभ माने जाते हैं। सफेद और पीले रंग को श्रीराम का मनपसंद रंग माना जाता है।
घर में जलाएं दीपक
रामनवमी पर घर में दीपक जलाना बेहद शुभ होता है। सुबह उठकर स्नान पश्चात घर की सफाई करें। घर में गंगाजल (Ram Navami 2025)छिड़कें। इसके बाद चंदन का तिलक लगाएं, रामजन्म की खुशी में घर में घी के दीपक जलाए जा सकते हैं। मंत्र जाप के दौरान भी दीपक जलाना शुभ होता है।
करें श्रीराम के मंत्रों का जाप
- ऊँ रां रामाय नम:।।
- आपदामपहर्तार दातारं सर्वसंपदाम्। लोकाभिरामं श्रीरामं भूयो भूयो नमाम्यहम्।।
- रामाय रामभद्राय रामचंद्राय वेदसे। रघुनाथाय नाथाय सीताया: पतये नम:।।
- ॐ दशरथये विद्महे सीतावल्लभाय धीमहि, तन्नो राम प्रचोदयात्॥
- राम रामेति रामेति, रमे रामे मनोरमे। सहस्रनाम तत्तुल्यं रामनाम वरानने।।