UCC Implemented : छत्तीसगढ़ बनेगा छुआछूत मुक्त प्रांत…! यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने पर सर्वसम्मति

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रायपुर, 28 अगस्त। UCC Implemented : विमतारा सभा भवन, छत्तीसगढ़ में सामाजिक समरसता और समान नागरिक कानून को लेकर एक बड़ा सामाजिक निर्णय सामने आया है। सर्व समाज समन्वय महासभा की जिला कार्यकारिणी के उच्च सदन ने ऐतिहासिक बैठक में छुआछूत मुक्त छत्तीसगढ़ और UCC (यूनिफॉर्म सिविल कोड) लागू करने जैसे प्रस्तावों पर सर्वसम्मति से मुहर लगा दी है। यह बैठक प्रांत अध्यक्ष प्रो. डॉ. संजीव कर्मकार “वशिष्ठ” और प्रांत संरक्षक श्री उदयभान सिंह की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित हुई।

बैठक का उद्देश्य

समाज में समानता, न्याय और एकरूपता की स्थापना के लिए “छुआछूत मुक्त समाज” की परिकल्पना को साकार करना और UCC जैसे संवेदनशील विषय पर सामूहिक सामाजिक समर्थन जुटाना मुख्य एजेंडा रहा। राजमहंत सावला राम धाहरे जी ने मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कहा, छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत हमेशा समावेशिता और समरसता की रही है। अब समय आ गया है कि हम इसे कानूनी और सामाजिक रूप से सुदृढ़ करें।

प्रमुख सामाजिक प्रतिनिधियों की भागीदारी

इस बैठक में प्रदेश के अलग-अलग समाजों और जिलों से आए 50 से अधिक वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें शीला प्रजापति, एल.एल. कोसले, अनिल पुस्दकर, संजीव सोनी, सूरज निर्मलकर, सुरेश शुक्ला, आर.एन. सिंह, महंत राजीवनयन महाराज जैसे नाम प्रमुख हैं।

क्या हुआ तय

  • छत्तीसगढ़ को “छुआछूत मुक्त प्रांत” घोषित करने की दिशा में समाजिक समर्थन प्राप्त हुआ।
  • UCC (समान नागरिक संहिता) को लागू करने के लिए राज्य स्तर पर सामाजिक सहमति का प्रस्ताव पास किया गया।
  • जातीय भेदभाव, वर्गवाद, और धार्मिक-आधारित कानूनों को खत्म कर एक समान सामाजिक व्यवस्था की स्थापना पर सहमति बनी।
  • बैठक में निर्णय लिया गया कि आगामी 19 सितंबर 2025 को रायपुर में आयोजित प्रांतीय महासम्मेलन में इसकी औपचारिक घोषणा की जाएगी।

बैठक का संचालन एवं सहयोग

सत्र का संचालन सुषमा पटनायक, नीता लावनिया एवं सत्यदेव वर्मा ने किया। मार्गदर्शन हेतु डॉ. डी. के. महंती, श्रीमती अरुणलता श्रीवास्तव, पन्नालाल सिन्हा सहित अनेक वरिष्ठजनों ने विचार रखे।

इससे पहले ऐसे सामाजिक विमर्श बस्तर, नारायणपुर, कांकेर, महासमुंद, धमतरी और बालोद में भी आयोजित हो चुके हैं। यह स्पष्ट संकेत है कि समाजिक नेतृत्व (UCC Implemented) अब छत्तीसगढ़ को एक प्रगतिशील, समतामूलक और एकरूप कानूनी व्यवस्था वाला राज्य बनाने की दिशा में सक्रिय है।