
रायपुर, 04 जून। Seva Setu : छत्तीसगढ़ में डिजिटल सुशासन की दिशा में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। सरकारी कार्यालयों के चक्कर, लंबी कतारें और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी के अभाव से होने वाली परेशानियां अब धीरे-धीरे खत्म हो रही हैं। सेवा-सेतु केन्द्रों के माध्यम से प्रशासनिक सेवाएं अब नागरिकों तक सरल, पारदर्शी और डिजिटल स्वरूप में पहुंच रही हैं। प्रदेश के नागरिक अब 441 से अधिक शासकीय सेवाओं का लाभ एकीकृत ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए प्राप्त कर रहे हैं।
क्यूआर कोड से मिलेगी पूरी जानकारी
सेवा-सेतु केन्द्रों की सबसे बड़ी विशेषता इसकी सहज और नागरिक-अनुकूल व्यवस्था है। केन्द्रों में लगाए गए क्यूआर कोड को मोबाइल से स्कैन करते ही नागरिकों को उपलब्ध सेवाओं की सूची और प्रत्येक सेवा के लिए आवश्यक दस्तावेजों की विस्तृत जानकारी प्राप्त हो जाती है। इससे लोगों का समय बच रहा है और कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने की जरूरत भी कम हो गई है।
वॉट्सऐप से भी कर सकते हैं आवेदन
डिजिटल सुविधा को और अधिक सुलभ बनाने के लिए राज्य सरकार ने वॉट्सऐप आधारित सेवा प्रणाली शुरू की है। अब नागरिक निर्धारित वॉट्सऐप नंबर पर संदेश भेजकर आय, जाति, निवास प्रमाण-पत्र, विवाह पंजीयन, राशन कार्ड, भू-नकल और नाम परिवर्तन जैसी सैकड़ों शासकीय सेवाओं के लिए आवेदन कर सकते हैं।
एआई तकनीक से ग्रामीणों को मिलेगी सहूलियत
सेवा-सेतु केन्द्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक का उपयोग भी किया जा रहा है। इससे कम शिक्षित और ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिक स्थानीय भाषा और वॉयस कमांड के माध्यम से भी सेवाओं तक आसानी से पहुंच सकेंगे। यह तकनीक डिजिटल सेवाओं को अधिक समावेशी और उपयोगकर्ता-अनुकूल बना रही है।
डिजिटल इंडिया को मिल रही मजबूती
यह पहल न केवल डिजिटल इंडिया अभियान को मजबूती प्रदान कर रही है, बल्कि सरकार और नागरिकों के बीच की दूरी को भी कम कर रही है। पारदर्शी, जवाबदेह और समयबद्ध सेवा वितरण के माध्यम से प्रशासन अधिक जनोन्मुख बन रहा है।
सुशासन का नया प्रतीक बने सेवा-सेतु केन्द्र
सेवा-सेतु केन्द्र आज तकनीक आधारित सुशासन के सशक्त प्रतीक के रूप में उभर रहे हैं। डिजिटल नवाचार, आसान पहुंच और नागरिक-केंद्रित सेवाओं के माध्यम से यह व्यवस्था शासन को अधिक प्रभावी और जनता के करीब बना रही है।









