Chhattisgarh

Jashpur Development: Chief Minister Vishnu Deo Sai's big gift, solar energy is strengthening agriculture in Jashpur.
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Jashpur Development : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की बड़ी सौगात, सौर ऊर्जा से मजबूत हो रही जशपुर की खेती

रायपुर, 28 दिसंबर। Jashpur Development : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों के हित में निरंतर लिए जा रहे फैसलों का सकारात्मक असर अब गांव–गांव तक दिखाई देने लगा है। सौर सुजला योजना मुख्यमंत्री की ऐसी ही एक दूरदर्शी सौगात है, जिसने जशपुर जिले के किसानों की खेती और किस्मत—दोनों बदलने का काम किया है। दो वर्षो में जिले के 755 किसानों को मिली बड़ी राहत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जशपुर जिले में सौर सुजला योजना के तहत 755 किसानों को सोलर सिंचाई पंप की स्वीकृति मिली है। यह सौगात उन किसानों के लिए संजीवनी साबित हो रही है, जो अब तक बारिश और पारंपरिक साधनों पर निर्भर थे। सौर ऊर्जा से चलने वाले पंपों ने सिंचाई को आसान, सुलभ और किफायती बना दिया है। बगीचा के बंधु यादव की सौर सुजला योजना से बदली तकदीर, मुख्यमंत्री का जताया आभार जशपुर जिले के बगीचा तहसील क्षेत्र निवासी बंधु यादव ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की इस सौगात से लाभान्वित किसानों में शामिल हैं। सोलर पंप मिलने के बाद अब वे समय पर सिंचाई कर पा रहे हैं। इससे फसल की गुणवत्ता बेहतर हुई है और उत्पादन भी बढ़ा है।बंधु यादव कहते हैं कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की यह योजना उनके लिए उम्मीद की नई किरण बनकर आई है। इसी तरह फरसाबहार तहसील के खुटशेरा निवासी दुलार साय भी इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। सोलर पंप लगने से उन्होंने खेती का दायरा बढ़ाया है और अतिरिक्त फसलों की खेती शुरू की है। इससे उनकी आमदनी में बढ़ोतरी हुई है और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। कम लागत, अधिक उत्पादन — किसानों को मिला आत्मविश्वास मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सोच के अनुरूप सौर सुजला योजना ने किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन का रास्ता दिखाया है। डीज़ल और बिजली पर होने वाला खर्च कम हुआ है, वहीं पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिला है। यह योजना खेती को आत्मनिर्भर और टिकाऊ बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है। दो साल में दिखा सुशासन का असर बीते दो वर्षों में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन में किसानों को केंद्र में रखकर कई योजनाएं धरातल पर उतरी हैं। सौर सुजला योजना उनमें से एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जिसने जशपुर जिले के सैकड़ों किसानों को स्थायी सिंचाई सुविधा देकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की यह सौगात आज जशपुर के किसानों के चेहरे पर मुस्कान और खेतों में हरियाली का प्रतीक बन चुकी है।

CM Vishnu: The decision to increase railway capacity is a great gift for Chhattisgarh.
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CM Vishnu : रेल क्षमता बढ़ाने का फैसला छत्तीसगढ़ के लिए बड़ा तोहफ़ा

रायपुर, 27 दिसम्बर। CM Vishnu : भारतीय रेलवे द्वारा अगले पाँच वर्षों में देश के 48 प्रमुख शहरों में रेलगाड़ियों की संचालन क्षमता को दोगुना करने की जो महत्वाकांक्षी योजना तैयार की गई है, उसमें छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर को भी शामिल किया गया है। इस निर्णय का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के करोड़ों यात्रियों के लिए बड़ा तोहफ़ा है और इससे राज्य की कनेक्टिविटी, व्यापार, उद्योग तथा पर्यटन गतिविधियों को नया आयाम मिलेगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय रेलवे का व्यापक आधुनिकीकरण हो रहा है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा घोषित इस योजना से छत्तीसगढ़ जैसे उभरते हुए राज्य को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रायपुर जंक्शन देश के प्रमुख रेल जंक्शनों में से एक है और यहाँ प्रतिदिन लाखों यात्री आवागमन करते हैं। संचालन क्षमता दोगुनी होने से लोगों को अधिक ट्रेनें, बेहतर आवृत्ति तथा कम भीड़भाड़ का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि रायपुर के साथ-साथ अन्य औद्योगिक और वाणिज्यिक नगरों के लिए भी यह योजना अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी। रेल संरचना के विस्तार से निवेश, रोजगार और लॉजिस्टिक्स की सुगमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिलेगी। रेल मंत्रालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार वर्ष 2030 तक संचालन क्षमता दोगुनी करने के लिए मौजूदा टर्मिनलों पर अतिरिक्त प्लेटफार्म, पिट लाइन एवं स्टेबलिंग लाइन का निर्माण, शहरी क्षेत्र और आसपास नए टर्मिनलों की स्थापना, सिग्नलिंग, यार्ड आधुनिकीकरण और मल्टीट्रैकिंग के माध्यम से अनुभागीय क्षमता में वृद्धि और मेगा कोचिंग कॉम्प्लेक्स एवं आधुनिक रखरखाव सुविधाओं का विकास किया जाएगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रायपुर में इन सुविधाओं के विकसित होने से आम यात्रियों के साथ-साथ छात्रों, मरीजों, उद्योगपतियों और व्यापारियों सभी वर्गों को राहत मिलेगी। राज्य सरकार रेलवे मंत्रालय के साथ समन्वय स्थापित कर इस योजना को तेज गति से धरातल पर उतारने के लिए हर संभव सहयोग देगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ देश के सर्वाधिक बेहतर रेल संपर्क वाले राज्यों में शामिल होगा और यह परिवर्तन “विकसित भारत @2047” के संकल्प को सशक्त करेगा। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में 41 हजार करोड़ रूपए की लागत से रेलवे सुविधाओं के विस्तार का काम तेजी से चल रहा है, जिसमें रेल्वे ट्रैक का विस्तार, रेलवे लाईन का दोहरीकरण, रेलवे फ्लाई ओवर एवं ब्रिज आदि का निर्माण शामिल है। केंद्र सरकार ने इस साल के बजट में छत्तीसगढ़ राज्य में रेल्वे सुविधा के विकास के लिए 6925 करोड़ रूपए का प्रावधान किया है। इससे राज्य में रेल परियोजनाओं के कामों को तेजी से पूरा करने में मदद मिलेगी। छत्तीसगढ़ में रेलवे के उन्नयन और विकास के लिए 41,000 करोड़ रुपए के निवेश से नई रेल लाइनों, रेलवे फ्लाईओवर और अन्य बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य में रेलवे का शत-प्रतिशत इलेक्ट्रिफिकेशन का काम पूरा हो गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय रेलवे मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव जी को छत्तीसगढ़ की रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए धन्यवाद दिया है। उन्होंने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को अभूतपूर्व रेल परियोजनाओं की सौगात मिली है। ये परियोजनाएं राज्य के विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगी और जनता को बेहतर रेल सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार और केंद्र सरकार के बीच बेहतर समन्वय के कारण छत्तीसगढ़ में रेल नेटवर्क विस्तार की ऐतिहासिक पहल हो रही है। इससे यात्री सुविधाओं में सुधार के साथ-साथ औद्योगिक, खनिज और आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। छत्तीसगढ़ में रेलवे नेटवर्क विस्तार से न केवल यात्री परिवहन बल्कि खनिज संपदा और औद्योगिक उत्पादों के निर्यात में तेजी आएगी। इससे राज्य में व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। छत्तीसगढ़ में रेलवे के दीर्घकालिक विकास के लिए रावघाट-जगदलपुर, धरमजयगढ़-लोहरदगा और खरसिया-नया रायपुर-परमलकसा जैसी कई नई रेल परियोजनाओं पर काम चल रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को ऐतिहासिक रेलवे बजट प्राप्त हुआ है। यह राज्य की अर्थव्यवस्था, औद्योगिक विकास और यात्री सुविधाओं को नया आयाम मिलेगा। उन्होंने इसके लिए केंद्र सरकार का आभार जताते हुए कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार इस विकास यात्रा को और आगे ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। गौरतलब है कि रावघाट रेलवे लाइन के अन्तर्गत दल्लीराजहरा-अंतागढ़ (77 किमी) सेक्शन चालू, यात्री ट्रेनों का संचालन शुरू हो चुका है। रावघाट तक विस्तार कार्य प्रगति पर, जिससे भिलाई इस्पात संयंत्र को लौह अयस्क की आपूर्ति होगी और ग्रामीणों को किफायती यातायात सुविधा मिलेगी। इसी तरह के.के. रेल लाइन दोहरीकरण के अन्तर्गत 170 किमी में से 148 किमी का कार्य पूर्ण हो चुका है। इससे बस्तर और दंतेवाड़ा जिले की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। आवागमन आसान और माल परिवहन सुविधाजनक हो सकेगा। 4021 करोड़ रूपए की लागत वाली डोंगरगढ़-कवर्धा-कटघोरा रेल लाइन परियोजना की लंबाई 295 किमी है। इसके निर्माण से खनिज परिवहन, यात्री सुविधाएं और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। कोरबा-अंबिकापुर नई रेल लाइन से सरगुजा क्षेत्र को नए विकास की दिशा मिलेगी। गढ़चिरौली-बीजापुर-बचेली 490 किमी लंबी परियोजना के सर्वेक्षण के लिए 12.25 करोड़ रुपए मंजूर हुए हैं। सरडेगा-भालुमुडा डबल लाइन से ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच रेल कनेक्टिविटी बेहतर होगी।

CM Inauguration: The Chief Minister participated in the Shakti Diwas festival of the Halba-Halbi community and inaugurated the office building.
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CM Inaugration : हल्बा-हल्बी समाज के शक्ति दिवस पर्व में शामिल हुए मुख्यमंत्री, कार्यालय भवन का लोकार्पण

रायपुर, 27 दिसंबर। CM Inaugration : स्वाधीनता आंदोलन के साथ-साथ राष्ट्र व समाज के नवनिर्माण में आदिवासी नायकों एवं महापुरूषों का अद्वितीय योगदान है। हल्बा, हल्बी एवं आदिवासी समाज सहित संपूर्ण भारतवर्ष के गौरव शहीद गैंद सिंह नायक ने हमारे देश में आजादी का आंदोलन का सर्वप्रथम शंखनाद किया था। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज जिला मुख्यालय दुर्ग के गोकुल नगर स्थित हल्बा शक्ति स्थल में अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी समाज द्वारा आयोजित 35वां मिलन समारोह एवं शक्ति दिवस पर्व को सम्बोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मौके पर हल्बा-हल्बी समाज के नवनिर्मित कार्यालय का लोकार्पण भी किया। श्री साय ने शक्ति स्थल में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हल्बा समाज के युवा-युवतियों को आवासीय कोचिंग सुविधा प्रदान करने हेतु 50 लाख रूपए तथा पुलगांव दुर्ग स्थित कंवर समाज के सामाजिक भवन में बाउण्ड्रीवॉल निर्माण हेतु 25 लाख रूपए की स्वीकृत किए जाने की घोषणा भी की। इस अवसर पर उन्होंने हल्बा-हल्बी समाज के सामाजिक पत्रिका ’समाज’ का भी विमोचन किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य सहित पूरे देश में आजादी के आंदोलन का सूत्रपात सर्वप्रथम जनजातीय समाज के नायको ने किया था। शहीद वीर नारायण सिंह, शहीद गैंद सिंह नायक सहित जनजाति नायकों एवं देशभक्तों ने अंग्रेजों के खिलाफ कुल 14 क्रांतियों का शंखनाद किया था। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी ने जनजाति वर्ग के उत्थान एवं विकास के लिए सर्वप्रथम केन्द्रीय जनजाति कार्यालय मंत्रालय का गठन भी किया गया था। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर राजधानी रायपुर में जनजाति समाज के नायकों एवं वीर सपूतों के योगदान तथा अमर गाथाओं को नई पीढ़ी को परिचित कराने साथ-साथ उसके संरक्षण और संवर्धन हेतु विशाल आदिवासी संग्रहालय का निर्माण किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने दो वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी की अधिकांश गारंटियों को प्राथमिकता से पूरा किया है। राज्य की लगभग 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना का लाभ, तेंदूपत्ता संग्राहकों को 5500 रूपए प्रति मानक बोरा के हिसाब से पारिश्रमिक तथा किसानों को धान का मूल्य 3100 रूपए प्रति क्विंटल दिया जा रहा है। 26 लाख से अधिक परिवारों को प्रधानमंत्री आवास की मंजूरी दी गई है। राज्य में भी नक्सलवाद अपने अंतिम सांस गिन रहा है। नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से 400 से अधिक गांवों में विकास के काम तेजी से हो रहे हैं। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा भी 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण कर पूरे देश में अग्रणी राज्य बनाने हेतु निरंतर कार्य किया जा रहा है। कार्यक्रम को सांसद विजय बघेल और पूर्व मंत्री महेश गागड़ा, हल्बा-हल्बी समाज के प्रदेश अध्यक्ष खलेन्द्र ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रदेश राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष ललित चन्द्राकर, अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी समाज के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित थे।

Documentary Release: The Chief Minister released a documentary based on the inspiring life of the late Rajni Dattatraya Upasane.
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Documentary Release : स्व. रजनी दत्तात्रेय उपासने के प्रेरणादायी जीवन पर आधारित डॉक्यूमेंट्री का मुख्यमंत्री ने किया विमोचन

रायपुर 26 दिसम्बर। Documentary Release : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में रायपुर की प्रथम महिला विधायक स्वर्गीय रजनी दत्तात्रेय उपासने के जीवन पर आधारित डॉक्यूमेंट्री “अनटोल्ड स्टोरी ऑफ स्व. रजनी दत्तात्रेय उपासने” का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने स्वर्गीय उपासने के सामाजिक, राजनीतिक एवं जनसेवा से जुड़े योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि उनका जीवन संघर्ष, समर्पण और प्रेरणा का प्रतीक रहा है। आपातकाल जैसे कठिन दौर में लोकतंत्र की रक्षा से लेकर रायपुर के विकास, महिलाओं और वंचित वर्गों के उत्थान तक उनका योगदान सदैव प्रेरणा देता रहेगा। मुख्यमंत्री साय ने कि यह डॉक्यूमेंट्री आने वाली पीढ़ियों को उनके व्यक्तित्व और कार्यों से परिचित कराने का सशक्त माध्यम बनेगी। विमोचन कार्यक्रम के दौरान सच्चिदानंद उपासने सहित उनके परिजन उपस्थित थे।

Book Launched: Chief Minister Vishnu Dev Sai released the book ‘Cow Religion and Science’
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Book Launched : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘गाय धर्म एवं विज्ञान’ ग्रंथ का किया विमोचन

रायपुर, 26 दिसम्बर। Book Launched : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ राज्य गौ संरक्षण एवं संवर्धन समिति द्वारा आयोजित गौ विज्ञान परीक्षा–2025 के लिए तैयार किए गए संदर्भ ग्रंथ “गाय धर्म एवं विज्ञान” के नवीनतम संस्करण का अपने निवास कार्यालय में आयोजित संक्षिप्त कार्यक्रम में विमोचन किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्रंथ को गौ विज्ञान के क्षेत्र में विद्यार्थियों और समाज के लिए उपयोगी बताते हुए समिति के प्रयासों की सराहना की और इसे ज्ञानवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। इस अवसर पर ग्रंथ के संपादक श्री सुबोध राठी ने जानकारी देते हुए बताया कि पुस्तक में गौ की उत्पत्ति से जुड़े पौराणिक तथ्यों के साथ-साथ गाय के दूध, दही, घी, गोबर और गोमूत्र पर हुए विभिन्न वैज्ञानिक शोधों को प्रमाणों सहित बच्चों के अध्ययन हेतु सरल एवं व्यवस्थित रूप में संकलित किया गया है। इसके साथ ही गौ-आधारित कृषि, पंचगव्य उत्पादों का वैज्ञानिक विश्लेषण तथा गौ के पर्यावरणीय महत्व को भी विस्तार से प्रस्तुत किया गया है। विमोचन कार्यक्रम में प्रमुख रूप से प्रांत संयोजक श्री अन्ना सपारे, श्री मनोज पाण्डेय, श्री हार्दिक कोटक, श्री मन्मथ शर्मा, श्री दुलार सिंह सिन्हा, श्री हेमराज सोनी, श्री विक्रम केवलानी, श्री अनुज तुलावी, श्रीमती रेवा यादव, श्री विक्रांत शर्मा, श्री श्याम अड़ेपवार, श्री शंभु दास महंत सहित संपादक मंडल के सभी सदस्य उपस्थित रहे।

Parliamentary Sports Festival: The grand समापन of the 'Fit Youth, Developed India' Parliamentary Sports Festival took place, with Chief Minister Vishnu Deo Sai encouraging the participating athletes.
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Parliamentarian Sports Festival : सांसद खेल महोत्सव ‘फिट युवा, विकसित भारत’ का भव्य समापन, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साह

रायपुर, 25 दिसम्बर। Parliamentarian Sports Festival : सांसद खेल महोत्सव– ‘फिट युवा, विकसित भारत’ का समापन समारोह आज पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम, रायपुर में उत्साहपूर्ण और गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय खेल एवं युवा कार्य मंत्री मनसुख मांडविया तथा देशभर के सांसद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े और समापन समारोह को वर्चुअल रूप से संबोधित किया। ऑडिटोरियम में उपस्थित जनसमूह ने प्रधानमंत्री के प्रेरक उद्बोधन को ध्यानपूर्वक सुना। मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन की शुरुआत सुशासन दिवस की शुभकामनाओं के साथ करते हुए भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी को नमन किया। उन्होंने कहा कि सांसद खेल महोत्सव– ‘फिट युवा, विकसित भारत’ जैसे आयोजन युवा पीढ़ी में खेल संस्कृति को मजबूत बनाते हैं और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए सशक्त मंच प्रदान करते हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह महोत्सव लगभग चार महीनों तक रायपुर संसदीय क्षेत्र के 36 विभिन्न स्थानों पर आयोजित किया गया। इसमें स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्राओं के साथ-साथ ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के नागरिकों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की। उन्होंने इस व्यापक और सुव्यवस्थित आयोजन के लिए सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल को विशेष बधाई दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि खेलों में केवल पहला, दूसरा या तीसरा स्थान ही सबकुछ नहीं होता, बल्कि अनुशासन, टीम-स्पिरिट, समर्पण और सतत अभ्यास के गुण ही किसी को महान खिलाड़ी बनाते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस महोत्सव से अनेक खिलाड़ी उभरकर सामने आएंगे, जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ और देश का नाम रोशन करेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि खिलाड़ियों के सपनों को पंख देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का सुनहरा अवसर मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर ठोस कदम उठा रही है। छत्तीसगढ़ में खेल अलंकरण समारोह पुनः प्रारंभ किया गया है। ओलंपिक में प्रदेश के खिलाड़ी के चयन पर 21 लाख रुपये तथा स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक विजेताओं को क्रमशः 3 करोड़, 2 करोड़ और 1 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 में ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ की मेजबानी छत्तीसगढ़ को मिली है, जो प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। रायपुर का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम देश का तीसरा सबसे बड़ा स्टेडियम है और जनवरी माह में यहां पुनः बड़े मैचों का आयोजन किया जाएगा। खेलो इंडिया के कार्यालय विभिन्न स्थानों पर स्थापित कर नई खेल प्रतिभाओं को तराशने का कार्य किया जा रहा है। सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सांसद खेल महोत्सव– ‘फिट युवा, विकसित भारत’ का शुभारंभ 29 अगस्त को हुआ था और यह आयोजन रायपुर लोकसभा क्षेत्र के 36 स्थानों पर सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। उन्होंने कहा कि केवल पढ़ाई-लिखाई ही नहीं, बल्कि खेल-कूद भी जीवन में समान रूप से महत्वपूर्ण है और इसी के माध्यम से बच्चे देश-प्रदेश का नाम रोशन कर सकते हैं। इस महोत्सव में 542 गांवों से सहभागिता रही और 85 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया, जो पूरे देश में रिकॉर्ड भागीदारी है। उन्होंने कहा कि इस महोत्सव में पारंपरिक एवं आधुनिक खेलों का सुंदर समन्वय देखने को मिला। गेड़ी प्रतियोगिता में 70 वर्ष की महिलाओं की सहभागिता, कबड्डी, फुगड़ी, वॉलीबॉल जैसे खेलों में उत्साहपूर्ण प्रदर्शन और ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों द्वारा रस्साकशी में भागीदारी—सभी ने सामाजिक समरसता और समावेशन का सशक्त संदेश दिया। स्कूल छोड़ चुके युवाओं को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला तथा अनुभवी खिलाड़ियों का सम्मान किया गया। सांसद श्री अग्रवाल ने कहा कि इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में लगभग 1,500 खेल अधिकारियों, विद्यालयीन शिक्षकों और सेवानिवृत्त खेल अधिकारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। विश्वविद्यालय परिसरों में भी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। उन्होंने सभी खिलाड़ियों तथा आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि आने वाले समय में सांसद खेल महोत्सव को और अधिक सुव्यवस्थित, व्यापक और प्रभावी रूप दिया जाएगा। समापन समारोह में विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया गया। समूह खेलों में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली टीम को 11,000 रुपये, द्वितीय स्थान को 5,000 रुपये तथा एकल खेलों में प्रथम स्थान पर 3,100 रुपये और द्वितीय स्थान पर 1,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि के साथ पदक, प्रशस्ति-पत्र एवं टी-शर्ट प्रदान किए गए। कार्यक्रम में विधायक श्री राजेश मूणत, श्री सुनील सोनी, श्री पुरंदर मिश्रा, श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्री किरण सिंह देव, ज़िला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल, नान अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिस्वरंजन सहित जनप्रतिनिधि, खेल विभाग के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे एवं नागरिक उपस्थित थे।

CM Excellence Award 2025-26: Recognizing excellence in public administration, Chief Minister Vishnu Deo Sai announced the Excellence Awards for 2025-26.
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CM Excellence Award 2025-26 : लोक प्रशासन में उत्कृष्टता को मान्यता, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने घोषित किए उत्कृष्टता पुरस्कार 2025–26

रायपुर, 25 दिसंबर। CM Excellence Award 2025-26 : छत्तीसगढ़ में सुशासन की दिशा में हो रहे परिवर्तन और प्रशासनिक संस्कृति के सुदृढ़ होते स्वरूप को रेखांकित करते हुए आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025–26 की घोषणा की । यह पुरस्कार राज्य के विभिन्न जिलों और विभागों द्वारा लागू किए गए उन नवाचारों को सम्मानित करने हेतु दिए जाएंगे, जिन्होंने शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन एवं अभिसरण विभाग द्वारा स्थापित ये पुरस्कार इस बात का स्पष्ट संकेत हैं कि राज्य शासन सार्वजनिक प्रशासन के केंद्र में नवाचार, ठोस परिणाम और नागरिक हित को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। उन्होंने कहा कि शासन की गुणवत्ता को केवल मंशा या व्यय के आधार पर नहीं, बल्कि उसके वास्तविक, मापनीय प्रभाव, विस्तार-योग्यता और जमीनी समस्याओं के समाधान की क्षमता के आधार पर आँका जाना चाहिए। मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार इस नई प्रशासनिक सोच को संस्थागत रूप देने का प्रयास हैं, जहाँ तकनीक, संवेदनशीलता और संस्थागत सुधार मिलकर सार्वजनिक सेवा को सशक्त बनाते हैं। उन्होंने कहा कि सुशासन केवल नीतियों से नहीं, बल्कि निरंतर हो रहे नवाचारों से साकार होता है। परम श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती पर मनाए जा रहे सुशासन दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ में जनहित को केंद्र में रखकर विकसित किए गए उत्कृष्ट प्रशासनिक नवाचारों को सम्मानित करने के लिए मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025–26 के विजेताओं की घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि शासन में नवाचार कोई विकल्प नहीं, बल्कि समय की आवश्यकता और प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक प्रणालियों को नागरिकों की अपेक्षाओं के अनुरूप गति, पारदर्शिता और विश्वसनीयता के साथ निरंतर स्वयं को ढालना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन नवाचारों के सम्मान की आज घोषणा की गई है, वे केवल व्यक्तिगत उपलब्धियाँ नहीं, बल्कि भविष्य-उन्मुख शासन के लिए अनुकरणीय और दोहराने योग्य मॉडल हैं। मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025–26 के लिए एक सुदृढ़ और बहु-स्तरीय मूल्यांकन प्रक्रिया अपनाई गई है, जिसका उद्देश्य समावेशिता और गुणवत्ता के बीच संतुलन स्थापित करना था। उन्होंने कहा कि इस वर्ष कुल 312 नवाचार प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनमें 275 जिलों से और 37 राज्य स्तरीय विभागों से थे। यह व्यापक सहभागिता इस बात का प्रमाण है कि शासन के प्रत्येक स्तर पर समस्या-समाधान की नवाचारी सोच विकसित हो रही है। यह प्रवृत्ति समाधान-केंद्रित प्रशासन की ओर हो रहे सांस्कृतिक बदलाव को भी दर्शाती है। मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार हेतु दो-स्तरीय चयन प्रक्रिया के अंतर्गत पहले चरण में 55 नवाचारों को शॉर्टलिस्ट किया गया। इसके बाद 13 नवाचारों को फाइनलिस्ट के रूप में चुना गया और अंततः 10 विजेता नवाचारों का चयन किया गया, जिनमें जिला और विभागीय श्रेणियों से समान संख्या में प्रविष्टियाँ शामिल रहीं। मूल्यांकन के दौरान परिणामों को 50 अंक, विस्तार-योग्यता को 40 अंक और नवाचार को 10 अंक का भार दिया गया, जिससे यह सुनिश्चित किया गया कि सम्मान केवल विचारों पर नहीं, बल्कि वास्तविक और प्रभावशाली परिणामों पर आधारित हो। जिला श्रेणी के विजेताओं में दंतेवाड़ा जिले की “ब्लॉकचेन आधारित भूमि अभिलेख डिजिटलीकरण” पहल एक प्रमुख उदाहरण के रूप में सामने आई। इस नवाचार के माध्यम से मैनुअल और कागजी प्रक्रियाओं को समाप्त कर ब्लॉकचेन आधारित छेड़छाड़-रोधी प्रणाली लागू की गई, जिससे भूमि अभिलेख प्राप्त करने का समय हफ्तों से घटाकर कुछ ही मिनटों में संभव हो सका। इस पहल से दस्तावेज़ी धोखाधड़ी पूरी तरह समाप्त हुई और सेवा प्रदाय में अभूतपूर्व तेजी आई, जिसने आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों में राजस्व प्रशासन के लिए एक नया मानक स्थापित किया। जशपुर जिले की “निर्माण जशपुर” पहल ने यह दर्शाया कि एकीकृत डिजिटल मॉनिटरिंग किस प्रकार बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के क्रियान्वयन को प्रभावी बना सकती है। 16 विभागों की 7,300 से अधिक परियोजनाओं और 444 ग्राम पंचायतों को कवर करने वाली इस प्रणाली ने रियल-टाइम निगरानी, जियो-टैग्ड सत्यापन और GIS आधारित योजना को संभव बनाया, जिससे कार्यों की गुणवत्ता में सुधार हुआ और विलंब में उल्लेखनीय कमी आई। मोहला–मानपुर–अंबागढ़ चौकी में लागू संवर्धित टेक-होम राशन (A-THR) नवाचार ने गंभीर कुपोषण जैसी चुनौती का प्रभावी समाधान प्रस्तुत किया। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के सहयोग से विकसित इस पोषण-घन आहार के माध्यम से गंभीर कुपोषित बच्चों में 77.5 प्रतिशत सुधार दर दर्ज की गई। यह पहल इस बात का उदाहरण है कि साक्ष्य-आधारित पोषण हस्तक्षेप बड़े पैमाने पर जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं। गरियाबंद जिले की “हाथी ट्रैकिंग एवं अलर्ट ऐप” ने मानव–वन्यजीव संघर्ष को कम करने में तकनीक की भूमिका को सशक्त रूप से सामने रखा। AI आधारित ट्रैकिंग और रियल-टाइम अलर्ट व्यवस्था के माध्यम से मानव हताहतों की संख्या लगभग शून्य तक लाई गई, साथ ही फसल क्षति और मुआवजा बोझ में भी उल्लेखनीय कमी आई। राज्य के बाहर भी अपनाई जा चुकी यह पहल संघर्ष-संवेदनशील शासन का एक प्रभावी मॉडल बन चुकी है। नारायणपुर जिले का “इंटिफाई इंटेलिजेंस टूल” आंतरिक सुरक्षा के क्षेत्र में डेटा एकीकरण की उपयोगिता को दर्शाता है। रियल-टाइम, जियो-स्पेशियल और पूर्वानुमान आधारित इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से 100 से अधिक नियोजित अभियानों का संचालन संभव हुआ, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय बेहतर हुआ और वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में परिस्थितिजन्य जागरूकता को मजबूती मिली। विभागीय श्रेणी में शिक्षा विभाग का “विद्या समीक्षा केंद्र (VSK)” डेटा-आधारित शिक्षा शासन का एक मजबूत स्तंभ बनकर उभरा। यह AI सक्षम प्लेटफॉर्म 56,000 से अधिक विद्यालयों, 2.83 लाख शिक्षकों और 57.5 लाख विद्यार्थियों की निगरानी करता है, जिससे ड्रॉपआउट की प्रारंभिक पहचान, संसाधनों का बेहतर उपयोग और साक्ष्य-आधारित निर्णय लेना संभव हो सका है। वाणिज्य एवं उद्योग विभाग की “वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम” ने व्यवसाय सुगमता सुधार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। 16 विभागों की 136 सेवाओं को एकीकृत करते हुए इस प्रणाली ने अनुमोदन, प्रोत्साहन, शिकायत निवारण और निरीक्षण प्रक्रियाओं को सरल बनाया, जिससे विलंब कम हुआ और पारदर्शिता के साथ निवेशकों का विश्वास बढ़ा। वाणिज्य कर (आबकारी) विभाग की समग्र ई-गवर्नेंस सुधार पहल ने राजस्व संग्रह और अनुपालन व्यवस्था को सुदृढ़ किया। एंड-टू-एंड डिजिटलीकरण, ट्रैक एंड ट्रेस प्रणाली और रियल-टाइम डैशबोर्ड के माध्यम से विभाग ने ₹5,425 करोड़ का राजस्व अर्जित किया और पारदर्शिता तथा नियामक निगरानी के नए मानक स्थापित किए। वन एवं जलवायु

Garlanding the Statue: A tribute to Bharat Ratna Atal Bihari Vajpayee, a message from Chief Minister Vishnu Deo Sai
Chhattisgarh

Garlanding the Statue : भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का संदेश

रायपुर 25 दिसंबर। Garlanding the Statue : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनकी जयंती के अवसर पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अटलजी का संपूर्ण जीवन राष्ट्रहित के लिए समर्पित रहा। लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण, सुशासन की स्थापना और जनकल्याण के व्यापक दृष्टिकोण के कारण वे देशवासियों के हृदय में सदैव अमर रहेंगे। वे केवल महान राजनेता ही नहीं, बल्कि संवेदनशील कवि, दूरदर्शी राजनेता और करुणा से भरे जननायक थे, जिन्होंने राजनीति को जनसेवा का सशक्त माध्यम बनाया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अटलजी के नेतृत्व में देश ने विकास, पारदर्शिता और सुशासन की नई दिशा प्राप्त की। उनका समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाने का संकल्प आज भी हमारी शासन-नीति का केंद्रीय आधार है। यही भावना छत्तीसगढ़ सरकार के प्रत्येक कार्यक्रम, योजना और निर्णय का मार्गदर्शन करती है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन को सशक्त बनाने के लिए प्रशासनिक सुधार, पारदर्शी व्यवस्था, समयबद्ध सेवाओं की आपूर्ति और जनविश्वास की पुनर्स्थापना के प्रयास लगातार जारी हैं। यह यात्रा अटलजी के विचारों, आदर्शों और प्रेरणा से ऊर्जा प्राप्त करती है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे अटल बिहारी वाजपेयी के आदर्शों—ईमानदारी, संवेदनशीलता, संवाद और समावेशी विकास—को अपने जीवन और कार्य में अपनाएँ तथा विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदार बनें। इस अवसर पर विधायक किरण सिंह देव उपस्थित थे।

Jashpur Development: Chief Minister Vishnu Deo Sai has given Jashpur a historic irrigation gift, approving approximately Rs 199.50 crore for 11 projects in the interest of farmers.
Chhattisgarh

Jashpur Development : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर को दी ऐतिहासिक सिंचाई सौगात, किसानों के हित में 11 परियोजनाओं के लिए लगभग 199 करोड़ 50 लाख रुपये की स्वीकृति

रायपुर, 24 दिसंबर। Jashpur Development : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने सुशासन के दो वर्षों के दौरान जशपुर जिले के कृषि एवं ग्रामीण विकास को नई दिशा देने की दिशा में एक और ऐतिहासिक निर्णय लिया है। जिले में किसानों को स्थायी सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 11 महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं के लिए कुल 199 करोड़ 49 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इन योजनाओं के क्रियान्वयन से कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी और किसानों की आय को स्थायी मजबूती मिलेगी। प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप जशपुर जिले में बैराज, एनीकट, तालाब एवं व्यपवर्तन योजनाओं के निर्माण, मरम्मत एवं जीर्णोद्धार कार्यों को मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं से जिले के हजारों किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और वर्षा पर निर्भरता में उल्लेखनीय कमी आएगी। जशपुर जिले को स्वीकृत प्रमुख सिंचाई योजनाओं में मैनी नदी, बगिया स्थित बैराज उद्वहन सिंचाई योजना के लिए 79 करोड़ 37 लाख रुपये, कुनकुरी ईब व्यपवर्तन योजना के मरम्मत एवं जीर्णोद्धार कार्य हेतु 37 करोड़ 9 लाख रुपये, सहसपुर तालाब योजना के लिए 4 करोड़ 27 लाख रुपये तथा डुमरजोर (डुमरिया) व्यपवर्तन योजना हेतु 10 करोड़ 36 लाख रुपये की स्वीकृति शामिल है। इसी क्रम में तुबा एनीकट योजना के लिए 2 करोड़ 67 लाख रुपये, बारो एनीकट योजना हेतु 7 करोड़ 6 लाख रुपये, मेडरबहार तालाब योजना के लिए 5 करोड़ रुपये, पमशाला एनीकट योजना हेतु 28 करोड़ 2 लाख रुपये, कोनपारा तालाब (दलटोली डेम) के मरम्मत एवं जीर्णोद्धार के लिए 3 करोड़ 47 लाख रुपये, अंकिरा तालाब योजना के मरम्मत एवं जीर्णोद्धार हेतु 3 करोड़ 47 लाख रुपये तथा कोकिया व्यपवर्तन योजना के लिए 16 करोड़ 17 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इन सिंचाई परियोजनाओं के पूर्ण होने से जिले के अनेक ग्रामों में खरीफ और रबी दोनों फसलों के लिए पर्याप्त जल उपलब्धता सुनिश्चित होगी। इससे किसानों को खेती के लिए नियमित पानी मिलेगा, फसल उत्पादन बढ़ेगा और कृषि को स्थायी आजीविका का मजबूत आधार प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि राज्य सरकार किसानों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए सिंचाई, कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में निरंतर प्रभावी कदम उठा रही है। जशपुर जिले को मिली ये सिंचाई सौगातें सुशासन, संवेदनशील प्रशासन और जनकल्याणकारी नीतियों का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं। इन योजनाओं से जिले के किसानों के जीवन में खुशहाली आएगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।

Bihaan Yojana: The success of the Bihaan scheme...the story of Shanti Dugga's hard work and self-reliance.
Chhattisgarh

Bihaan Yojana : बिहान योजना की सफलता…शांति दुग्गा की मेहनत और आत्मनिर्भरता की कहानी

रायपुर, 24 दिसम्बर। Bihaan Yojana : जिला नारायणपुर के विकासखण्ड ओरछा अंतर्गत ग्राम कुरूषनार की निवासी शांति दुग्गा आज ग्रामीण आत्मनिर्भरता की सशक्त पहचान बन चुकी हैं। रोशनी स्व सहायता समूह की सक्रिय सदस्य और प्रतीज्ञा ग्राम संगठन से जुड़ी शांति दुग्गा ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की बिहान योजना के माध्यम से न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ किया, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है। शांति दुग्गा 19 अगस्त 2019 को स्व सहायता समूह से जुड़ीं। इससे पहले उनके परिवार की आजीविका कृषि कार्य और वनोपज संग्रहण पर निर्भर थी, जिससे आय सीमित रहती थी। समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने नियमित बचत की शुरुआत की। शासन द्वारा समूह को 15 हजार रुपये की चक्रीय निधि एवं 60 हजार रुपये की सामुदायिक निवेश कोष राशि प्राप्त हुई, जिससे वित्तीय अनुशासन और आपसी लेन-देन की समझ विकसित हुई। बैंक लिंकेज के माध्यम से शांति दुग्गा ने पहली बार 1 लाख रुपये का ऋण लेकर किराना दुकान शुरू की। व्यवसाय में सफलता मिलने पर उन्होंने 2 लाख 70 हजार रुपये का ऋण लेकर कपड़ा व्यवसाय प्रारंभ किया। बाजार-हाट के कार्य को विस्तार देने के उद्देश्य से उन्होंने एक पिकअप वाहन भी खरीदा। नियमित आय के चलते वे समय पर ऋण की किश्तें और ब्याज का भुगतान करती रहीं। लगातार बढ़ते व्यवसाय और आत्मविश्वास के साथ शांति दुग्गा ने तीसरे चरण में 6 लाख रुपये का ऋण लेकर ट्रैक्टर खरीदा। आज उनके परिवार की वार्षिक आय 4 से 5 लाख रुपये तक पहुँच चुकी है, जिससे परिवार का जीवन स्तर उल्लेखनीय रूप से सुधरा है। शांति दुग्गा का कहना है कि बिहान योजना ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया। आज वे अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करा पा रही हैं। उनकी सफलता कहानी यह सिद्ध करती है कि सही मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं के सहयोग से ग्रामीण महिलाएं भी आर्थिक सशक्तिकरण की नई मिसाल कायम कर सकती हैं।