CG Forest Department : वन है तो जीवन है… वन विभाग की योजनाओं से हजारों परिवारों को मिल रहा सहारा

रायपुर, 19 मई। CG Forest Department : वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार वन विभाग वन आश्रित परिवारों और तेन्दूपत्ता संग्राहकों के सामाजिक एवं आर्थिक विकास के लिए कई जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रहा है। “वन है तो जीवन है, तेन्दूपत्ता है तो रोजगार है” के संदेश के साथ वन विभाग और लघु वनोपज संघ ग्रामीण एवं वन क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को रोजगार, बीमा सुरक्षा, शिक्षा और सामाजिक सहायता उपलब्ध करा रहे हैं। वनमण्डलाधिकारी एवं प्रबंध संचालक, कोरिया वनमण्डल बैकुण्ठपुर श्रीमती प्रभाकर खलको ने कहा कि विभाग का उद्देश्य वन आश्रित परिवारों को केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि उन्हें शिक्षा, सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना भी है। वन विभाग की योजनाएं आज हजारों परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।

तेन्दूपत्ता संग्रहण बना आय का प्रमुख साधन

शासन द्वारा वर्ष 2026 के लिए तेन्दूपत्ता संग्रहण की दर 5.50 रूपए प्रति गड्डी तय की गई है। इसके अनुसार 100 गड्डियों पर 550 रूपए और प्रति मानक बोरा 5550 रूपए का भुगतान किया जाएगा। इससे वन क्षेत्रों में रहने वाले हजारों परिवारों को रोजगार और आर्थिक सहारा मिल रहा है।लघु वनोपजों के समर्थन मूल्य से आर्थिक मजबूतीन्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के तहत सालबीज, महुआ, इमली, कोदो, माहुल पत्ता सहित विभिन्न लघु वनोपजों की निर्धारित दरों पर खरीदी की जा रही है। इससे वन आश्रित परिवारों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल रहा है और बिचौलियों पर निर्भरता कम हुई है।

बीमा योजनाओं से मिल रही सामाजिक सुरक्षा

राजमोहनी देवी बीमा योजना के अंतर्गत तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवारों को बीमा सुरक्षा दी जा रही है। सामान्य मृत्यु, दुर्घटना जनित मृत्यु और विकलांगता की स्थिति में सहायता राशि प्रदान की जाती है। इससे जरूरत के समय परिवारों को आर्थिक सहारा मिलता है।इसके अलावा समूह बीमा योजना के तहत परिवार के अन्य सदस्यों को भी सहायता राशि का लाभ दिया जा रहा है। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए राहत का माध्यम बन रही है।
बच्चों की पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति
तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवारों के बच्चों को शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति और प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। कक्षा 10वीं और 12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। व्यावसायिक और गैर-व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को भी आर्थिक सहायता मिल रही है।प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए विशेष शिक्षा प्रोत्साहन योजना भी संचालित है, जिससे बच्चों को आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।
चरण पादुका योजना से राहत
वनांचल में कार्य करने वाले तेन्दूपत्ता संग्राहकों को हर वर्ष चरण पादुका भी प्रदान की जाती है, ताकि उन्हें काम के दौरान सुविधा मिल सके।
करोड़ों रूपए की सहायता राशि का भुगतान
राजमोहनी देवी बीमा योजना के तहत जिले में अप्रैल 2024 से अक्टूबर 2025 तक 33 हितग्राहियों को 34 लाख 70 हजार रुपये की सहायता राशि दी गई है। वहीं समूह बीमा योजना के तहत 18 प्रकरणों में 2 लाख 16 हजार रूपए का भुगतान किया गया। छात्रवृत्ति योजनाओं के अंतर्गत भी विद्यार्थियों को सीधे उनके बैंक खातों में राशि प्रदान की गई है।

Related Posts

Special Article : विष्णु देव की सरकार में महिला सशक्तिकरण को नई उड़ान, महतारी वंदन से आरभ हुआ सफ़र- ड्रोन दीदी, ई-रिक्शा दीदी और

रायपुर, 26 अगस्त। Special Article : छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण अब केवल एक नारा नहीं, बल्कि महिलाओं के जीवन में दिखाई देने वाला बदलाव बन रहा है। विष्णु देव साय…

Read more

Women Farmers Employment : बड़ांजी में देसी मुर्गीपालन से महिलाओं के लिए खुली स्वरोजगार की नई राह, आईएफसी परियोजना के तहत 600 देसी चूजों की ब्रुडिंग शुरू, 25 महिला किसानों को मिलेगा आजीविका का संबल

रायपुर, 25 अगस्त। Women Farmers Employment : देसी मुर्गीपालन ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों की महिलाओं के लिए कम लागत में एक मजबूत और आत्मनिर्भर स्वरोजगार का जरिया बनकर उभर रहा…

Read more