स्वास्थ्य सेवाओं पर महामहिम की सख्त नजर, ग्रामीण इलाकों तक पहुंचाने की नई रणनीति तैयार

 

छत्तीसगढ़ :  स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में लगातार सक्रिय महामहिम रमेन डेका ने एक बार फिर स्पष्ट संकेत दिया है कि राज्य के अंतिम व्यक्ति तक चिकित्सा सुविधा पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी कड़ी में उन्होंने भाटागांव स्थित उर्मिला फाउंडेशन और उर्मिला हॉस्पिटल के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर स्वास्थ्य सेवाओं की मौजूदा स्थिति और भविष्य की रणनीति पर गंभीर चर्चा की।

गंभीर बीमारियों पर फोकस, सिकल सेल से किडनी तक विस्तृत मंथन

बैठक के दौरान सिकल सेल, थैलेसीमिया और किडनी जैसी जटिल बीमारियों को लेकर विस्तार से विचार विमर्श हुआ। महामहिम ने इन बीमारियों की रोकथाम और समय पर उपचार सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने पर जोर दिया। खास तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में इन बीमारियों की पहचान और इलाज के लिए विशेष अभियान चलाने की जरूरत बताई।

अंबिकापुर और गरियाबंद की चिंताजनक स्थिति पर जताई गंभीरता

अंबिकापुर जिले के ग्रामीण इलाकों में मानसिक रूप से कमजोर बच्चों की बढ़ती संख्या पर चिंता व्यक्त की गई। वहीं गरियाबंद जिले में फ्लोरोसिस जैसी बीमारी के फैलाव को गंभीर मानते हुए वहां लगातार स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए। उद्देश्य साफ है कि समय रहते बीमारी पर नियंत्रण पाया जा सके।

निशुल्क शिविरों की सराहना, और अधिक विस्तार के निर्देश

उर्मिला फाउंडेशन और उर्मिला हॉस्पिटल द्वारा लगाए जा रहे निशुल्क स्वास्थ्य शिविरों की सराहना करते हुए महामहिम ने इसे और व्यापक स्तर पर संचालित करने की जरूरत बताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में अधिक से अधिक कैंप लगाए जाएं ताकि जरूरतमंद लोगों को समय पर इलाज मिल सके।

झाड़ फूंक की परंपरा पर रोक लगाने की पहल

ग्रामीण क्षेत्रों में अब भी व्याप्त अंधविश्वास और झाड़ फूंक जैसी प्रथाओं को लेकर महामहिम ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कई लोग आज भी इन तरीकों के कारण सही इलाज से वंचित रह जाते हैं। ऐसे क्षेत्रों में विशेष जागरूकता शिविर आयोजित कर लोगों को आधुनिक चिकित्सा के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए।

महिलाओं की सेहत पर विशेष अभियान की तैयारी

महिलाओं से जुड़ी बीमारियों को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। इसके लिए अलग से अभियान चलाने और ग्रामीण इलाकों में प्रोजेक्टर व अन्य माध्यमों के जरिए स्वास्थ्य शिक्षा देने की योजना पर चर्चा हुई।

सम्मान के साथ खत्म हुई मुलाकात

बैठक के अंत में उर्मिला फाउंडेशन की डायरेक्टर नम्रता सिंह और डॉ विनोद सिंह ने महामहिम को गुलदस्ता भेंट कर उनका सम्मान किया। इस अवसर पर दोनों पक्षों के बीच स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता भी दिखाई दी।

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