रायपुर में सियासी घमासान: नारी वंदन अधिनियम पर मंत्री केदार कश्यप का कांग्रेस पर तीखा हमला

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के हालिया बयान पर कड़ा पलटवार करते हुए नारी वंदन अधिनियम को लेकर कांग्रेस की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।

नारी वंदन अधिनियम पर घिरी कांग्रेस: समर्थन न देने का आरोप

मंत्री कश्यप ने स्पष्ट कहा कि यदि कांग्रेस ने लोकसभा में नारी वंदन अधिनियम का समर्थन किया होता, तो आज हालात अलग होते। उनके अनुसार इस बिल का विरोध कर कांग्रेस ने देश की मातृ शक्ति की भावनाओं को आहत किया है। उन्होंने यह भी कहा कि अब कांग्रेस के नेता इस मुद्दे पर बयान देकर स्थिति को और विवादित बना रहे हैं।

विशेष सत्र पर बयान को बताया निंदनीय

कश्यप ने विशेष सत्र को लेकर दीपक बैज के बयान को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने इसे गैरजिम्मेदाराना बताते हुए कहा कि राज्य सरकार विधानसभा में इस विषय पर गंभीर चर्चा करेगी और महिलाओं के हितों की रक्षा के लिए ठोस संकल्प लिया जाएगा।

33 प्रतिशत आरक्षण पर सरकार का भरोसा कायम

मंत्री कश्यप ने भरोसा जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नारी शक्ति वंदन अधिनियम 33 प्रतिशत आरक्षण के साथ एक दिन जरूर पारित होगा। उन्होंने कहा कि इस दिशा में सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है और महिलाओं के सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी जा रही है।

कांग्रेस पर वैचारिक दूरी का आरोप

कश्यप ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी का जुड़ाव आम महिलाओं से नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के लिए मातृ वंदन का मतलब केवल सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा तक सीमित है। यदि वास्तव में महिलाओं के प्रति संवेदनशीलता होती, तो कांग्रेस इस विधेयक का समर्थन जरूर करती।

राजनीतिक बयान से बढ़ी गर्मी, मुद्दा बना महिला सम्मान

इस बयान के बाद प्रदेश में सियासी माहौल और गरमा गया है। नारी वंदन अधिनियम अब केवल एक विधायी विषय नहीं, बल्कि राजनीतिक बहस का केंद्र बन चुका है, जहां महिला सम्मान और अधिकारों को लेकर दलों के बीच सीधा टकराव नजर आ रहा है।

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