Private Medical Colleges: Big disclosure...! Shankaracharya, Sri Balaji and RIMS College fined Rs 10 lakh each for extorting money from students... Regulatory committee takes major actionPrivate Medical Colleges
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रायपुर, 04 अप्रैल। Private Medical Colleges : छत्तीसगढ़ में निजी मेडिकल कॉलेजों के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए प्रवेश और फीस नियामक समिति ने तीन संस्थानों पर भारी-भरकम जुर्माना ठोका है। श्री शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (जुनवानी, भिलाई), बालाजी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (मोवा, रायपुर), और रायपुर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (भानसोज, गोढ़ी, रायपुर) पर 10-10 लाख रुपये का दंड लगाया गया है।

यह कार्रवाई तब हुई जब समिति को छात्रों से ट्रांसपोर्ट, हॉस्टल और मेस के नाम पर जरूरत से ज्यादा पैसे वसूलने की शिकायतें मिलीं, जो जांच में सही पाई गईं। इन कॉलेजों को निर्देश दिया गया है कि वे अतिरिक्त वसूली गई राशि को 7% सालाना ब्याज के साथ एक महीने के भीतर छात्रों को वापस करें।

समिति के अध्यक्ष जस्टिस प्रभात कुमार शास्त्री ने खुलासा किया कि इन कॉलेजों में एमबीबीएस और एमडी/एमएस जैसे कोर्स चलाने के दौरान छात्रों से मनमानी फीस ली जा रही थी। शिकायतों के बाद समिति ने कॉलेजों को नोटिस जारी कर सुनवाई का मौका दिया और उनके खातों की गहन जांच की।

जांच में यह साफ हुआ कि ये संस्थान ट्रांसपोर्ट, हॉस्टल और मेस जैसी सुविधाओं के लिए “न लाभ-न हानि” के नियम का पालन नहीं कर रहे थे। नियमों के मुताबिक, उन्हें सिर्फ वास्तविक खर्च वसूलने का अधिकार है, लेकिन ये कॉलेज छात्रों से कई गुना ज्यादा राशि ऐंठ रहे थे।

जांच से चौंकाने वाले खुलासे

1. श्री शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, भिलाई: ट्रांसपोर्ट के लिए 2.50 लाख रुपये वसूले गए, जबकि असल खर्च सिर्फ 4,635 रुपये था। हॉस्टल के नाम पर 2.46 लाख रुपये लिए गए, जबकि वास्तविक लागत 53,337 रुपये थी। मेस के लिए 56,700 रुपये वसूले गए, जबकि वास्तविक राशि 51,015 रुपये थी। कुल मिलाकर, हर छात्र से 4,43,713 रुपये की अतिरिक्त वसूली हुई।

2. बालाजी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, रायपुर: तीनों मदों में 5.50 लाख रुपये लिए गए। ट्रांसपोर्ट का वास्तविक खर्च 13,719 रुपये, हॉस्टल का 50,583 रुपये और मेस का 27,476 रुपये था। इस तरह हर छात्र से 4,58,222 रुपये ज्यादा वसूले गए।

3. रायपुर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, भानसोज: यहां भी 5.50 लाख रुपये वसूले गए, जबकि ट्रांसपोर्ट का असल खर्च 13,384 रुपये, हॉस्टल का 37,748 रुपये और मेस का 45,275 रुपये था। कुल अतिरिक्त वसूली 4,53,593 रुपये प्रति छात्र रही।

विनियामक समिति ने साफ कर दिया कि इन कॉलेजों को एक महीने के भीतर अतिरिक्त राशि छात्रों को लौटानी होगी और जुर्माने की 10-10 लाख रुपये की राशि शासन को जमा करनी होगी। ऐसा न करने पर इनकी मान्यता रद्द करने की सिफारिश की जाएगी। जस्टिस शास्त्री ने कहा कि यह कदम छात्रों के हितों की रक्षा के लिए उठाया गया है, ताकि भविष्य में ऐसी मनमानी पर लगाम लग सके।